राजस्थान की राजधानी जयपुर में बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प देखने को मिली और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के खेलकूद प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित विधानसभा घेराव कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और लाठियां भांजी। यह घटना उस समय हुई जब बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता 22 गोदाम क्षेत्र से विधानसभा की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भीड़ को नियंत्रित करना आवश्यक था।
प्रदर्शन की शुरुआत और मुख्य मांगें
राजस्थान कांग्रेस के खेलकूद प्रकोष्ठ के कार्यकर्ता सुबह से ही 22 गोदाम स्थित सहकार भवन पर एकत्रित होने शुरू हो गए थे। इस प्रदर्शन का नेतृत्व प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अमीन पठान कर रहे थे। कार्यकर्ताओं का उद्देश्य विभिन्न जनहित के मुद्दों और सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराते हुए विधानसभा का घेराव करना था। सभा के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और सरकार पर जनविरोधी होने का आरोप लगाया।
पुलिस की बैरिकेडिंग और वॉटर कैनन का प्रयोग
30 बजे जब कार्यकर्ताओं ने रैली के रूप में विधानसभा की ओर कूच किया, तो पुलिस ने पहले से ही भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका, जिसके बाद कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। स्थिति को अनियंत्रित होते देख पुलिस ने वॉटर कैनन का उपयोग किया। पानी की बौछारों के बावजूद जब कार्यकर्ता पीछे नहीं हटे, तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए लाठियां भांजी। इस कार्रवाई से प्रदर्शन स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
नेताओं की भागीदारी और विरोध प्रदर्शन
इस विरोध प्रदर्शन में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी शामिल हुए। 22 गोदाम पर आयोजित सभा के दौरान डोटासरा ने कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया। मंच पर डोटासरा का एक अलग अंदाज भी देखने को मिला जहां उन्होंने गमछा लहराकर कार्यकर्ताओं के साथ एकजुटता प्रदर्शित की। नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक तरीके से किए जा रहे विरोध को दबाने की कोशिश कर रही है।
कार्यकर्ताओं के घायल होने का दावा
कांग्रेस खेल प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अमीन पठान ने पुलिस की कार्रवाई को बर्बरतापूर्ण करार दिया है। पठान के अनुसार, पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और वॉटर कैनन के उपयोग के कारण 12 से अधिक कार्यकर्ताओं को चोटें आई हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस की इस कार्रवाई से कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं और युवाओं की आवाज को बुलंद करना जारी रखेंगे। पठान ने स्पष्ट किया कि जनता से जुड़े मुद्दों पर उनका संघर्ष भविष्य में भी जारी रहेगा और सरकार को इन सवालों का जवाब देना होगा।
सुरक्षा व्यवस्था और वर्तमान स्थिति
घटना के बाद पूरे 22 गोदाम और विधानसभा के आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस प्रशासन ने अतिरिक्त जाब्ता तैनात किया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को निर्धारित सीमा से आगे बढ़ने की अनुमति नहीं थी और सुरक्षा घेरा तोड़ने के प्रयास के कारण ही बल प्रयोग करना पड़ा। फिलहाल क्षेत्र में शांति बनी हुई है, लेकिन राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।
