बीजिंग में ट्रंप का जासूस? परमाणु फाइल लीक और जिनपिंग का तख्तापलट!

क्या चीन में शी जिनपिंग की सत्ता गिरने वाली है? रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके सबसे भरोसेमंद जनरल झांग यूक्सिया ने अमेरिका के साथ मिलकर परमाणु रहस्य लीक किए हैं। ट्रंप के इस मास्टरप्लान से बीजिंग में हड़कंप मच गया है और तख्तापलट की आहट सुनाई दे रही है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के खिलाफ एक ऐसा दांव चला है जिसने बीजिंग के गलियारों में भूकंप ला दिया है। दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों में शुमार चीन के भीतर अब बगावत की खबरें तेज हो गई हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो ट्रंप के विस्तारवादी एजेंडे के तहत अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने चीन के सबसे सुरक्षित घेरे में सेंध लगा दी है। यह सेंधमारी किसी छोटे स्तर पर नहीं, बल्कि चीन की सेना के सबसे ऊंचे पद पर बैठे व्यक्ति के जरिए हुई है।

जिनपिंग के सबसे भरोसेमंद जनरल ने दिया धोखा?

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के लिए सबसे बड़ा झटका उनके अपने ही जनरल झांग यूक्सिया का नाम सामने आना है। झांग यूक्सिया न केवल जिनपिंग के करीबी माने जाते थे, बल्कि वे। चीन की सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC) में नंबर दो की हैसियत रखते थे। दावा किया जा रहा है कि झांग यूक्सिया ने चुपचाप अमेरिका के साथ हाथ मिला लिया और ट्रंप के जासूस के तौर पर काम करना शुरू कर दिया। यह खबर सामने आते ही जिनपिंग की सत्ता की नींव हिल गई है।

परमाणु फाइलों का लीक होना और CIA का जाल

वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक चौंकाने वाली रिपोर्ट के अनुसार, चीन के परमाणु हथियारों से जुड़ी बेहद गोपनीय फाइलें अमेरिका के पास पहुंच गई हैं। आरोप है कि जनरल झांग यूक्सिया ने चीन के न्यूक्लियर प्रोग्राम की तकनीकी जानकारी और रणनीतिक ठिकानों का ब्यौरा CIA को लीक कर दिया है। ट्रंप प्रशासन इस जानकारी का उपयोग चीन की सैन्य ताकत को कमजोर करने और उसे वैश्विक स्तर पर घेरने के लिए कर रहा है। यह लीक चीन के इतिहास की सबसे बड़ी सुरक्षा चूक मानी जा रही है।

तख्तापलट की साजिश और बीजिंग में खलबली

सिर्फ जासूसी ही नहीं, बल्कि बीजिंग में तख्तापलट की एक बड़ी साजिश का भी पर्दाफाश हुआ है और बताया जा रहा है कि जनरल यूक्सिया पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के भीतर एक ऐसा गुट तैयार कर रहे थे जो वक्त आने पर जिनपिंग के खिलाफ विद्रोह कर सके। ट्रंप का प्लान चीन को अंदर से खोखला करना और जिनपिंग की तानाशाही को खत्म करना है। इस खबर के बाद चीन के रक्षा मंत्रालय ने आनन-फानन में जांच के आदेश दिए हैं और कई शीर्ष अधिकारियों को रडार पर ले लिया गया है।

क्या खत्म होने वाली है जिनपिंग की सल्तनत?

चीन में मचे इस बवाल ने यह साबित कर दिया है कि ट्रंप की रणनीति अब केवल व्यापार युद्ध तक सीमित नहीं है। वे सीधे तौर पर चीन की सत्ता परिवर्तन की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। जिनपिंग अब अपने ही जनरलों पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं। बीजिंग में इस समय डर और अविश्वास का माहौल है। अगर ये आरोप पूरी तरह सच साबित होते हैं, तो यह न केवल जिनपिंग के करियर का अंत। हो सकता है, बल्कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के लिए भी अस्तित्व का संकट पैदा कर सकता है।

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