दर्दनाक हादसा: गुजरात के भरूच में फार्मा कंपनी का खौफनाक धमाका, 5 मजदूरों की मौत और 2 गंभीर रूप से घायल

गुजरात के भरूच जिले के वागरा स्थित सायखा जीआईडीसी की सिनज़ील फार्माकेम कंपनी में हाइड्रोजनेशन प्रक्रिया के दौरान भीषण धमाका हुआ। इस दर्दनाक हादसे में पांच मजदूरों की मौत हो गई और दो गंभीर रूप से घायल हो गए। औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

गुजरात के भरूच जिले से एक बेहद दर्दनाक, सनसनीखेज और झकझोर देने वाले हादसे की खबर सामने आई है। इस दुखद घटना ने औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था के दावों की पोल खोल दी है। जिले के वागरा स्थित सायखा जीआईडीसी यानी कि GIDC की सिनज़ील फार्माकेम यानी कि SynZeal Pharmachem कंपनी में एक जोरदार और भीषण धमाका हो गया और इस दर्दनाक हादसे में पांच मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हादसे के तुरंत बाद घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है। धमाका इतना तेज था कि इसकी गूंज और आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे आसपास के पूरे इलाके में भारी दहशत का माहौल फैल गया और लोग सहम गए।

घटना के संबंध में मिली शुरुआती और विस्तृत जानकारी के अनुसार, केमिकल निर्माण से जुड़ी इस कंपनी के भीतर हाइड्रोजनेशन यानी कि Hydrogenation प्रक्रिया को अंजाम दिया जा रहा था और इसी बेहद संवेदनशील प्रक्रिया के दौरान अचानक एक बहुत बड़ा और भयानक धमाका हो गया। इस विस्फोट की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि प्लांट के अंदर स्थापित भारी-भरकम मशीनरी के पुर्जे और लोहे के तमाम टुकड़े हवा में उड़कर दूर-दूर तक जाकर गिरे। इस अप्रत्याशित और भीषण हादसे के कारण वहां काम कर रहे मजदूरों को संभलने या सुरक्षित स्थान पर जाने तक का मौका नहीं मिला। धमाके की गूंज सुनते ही आसपास की अन्य औद्योगिक इकाइयों, कंपनियों और रिहायशी इलाकों में हड़कंप मच गया और लोग डर के मारे अपने घरों व कार्यालयों से बाहर सड़कों पर निकल आए।

पाँच मजदूरों की दर्दनाक मौत और दो का अस्पताल में इलाज जारी

इस भयानक विस्फोट की चपेट में आने से कंपनी के अंदर काम कर रहे पांच कर्मचारियों और मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। इस भयावह दुर्घटना में घायल हुए दो मजदूरों को तुरंत एम्बुलेंस के माध्यम से स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और डॉक्टर उनका जीवन बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस बल और दमकल विभाग की गाड़ियां तुरंत मौके पर रवाना हुईं और घटनास्थल पर पहुंचकर युद्धस्तर पर राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया और दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने और मलबे में फंसे अन्य लोगों को निकालने के लिए कड़ा संघर्ष किया, क्योंकि स्थिति बेहद खतरनाक बनी हुई थी।

औद्योगिक सुरक्षा विभाग ने शुरू की जांच, सुरक्षा मानकों पर उठ रहे गंभीर सवाल

इस हादसे की भीषणता और संवेदनशीलता को पूरी तरह से देखते हुए औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग यानी कि Industrial Safety and Health Department की विशेष टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर अपनी जांच पड़ताल शुरू कर दी है। जांच टीम इस बात की अत्यंत बारीकी से और गहराई से पड़ताल कर रही है कि क्या इस फार्मा कंपनी के भीतर सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों यानी कि Safety Norms का पूरी तरह से पालन किया जा रहा था या फिर प्रबंधन की तरफ से किसी गंभीर तकनीकी लापरवाही या कोताही के कारण यह जानलेवा ब्लास्ट हुआ है। मौके से जुटाए जा रहे साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस तथा संबंधित प्रशासनिक विभाग कंपनी के प्रबंधन, मालिकों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की पूरी तैयारी कर रहे हैं और इस दुखद घटना ने एक बार फिर से औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा और जीवन रक्षा के पुख्ता इंतजामों पर एक बहुत बड़ा और गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।