नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) उस मुकाम पर पहुंची है, जहां से पार्टी को हराना आसान नहीं है। 2014 से अब तक, पार्टी ने 9 राज्यों में पहली बार अपने मुख्यमंत्री बनाए हैं, जिसमें अब पश्चिम बंगाल भी शामिल हो गया है। पश्चिम बंगाल में आजादी के बाद से अब तक पार्टी सत्ता से दूर रही थी, लेकिन अब वहां भी कमल खिल गया है। मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद बीजेपी ने जिस तरह से ऊंचाइयों को छुआ है, वह ऐतिहासिक है। पश्चिम बंगाल इसका ताजा उदाहरण है, जहां आजादी के बाद पहली बार बीजेपी की सरकार बनी और राज्य भगवा रंग में रंग गया। शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। इसे मोदी का करिश्माई व्यक्तित्व ही कहा जा रहा है, जहां पार्टी लगातार बुलंदियों पर पहुंच कर अपनी जीत का परचम लहरा रही है।
बीजेपी के राजनीतिक विस्तार के मुख्य बिंदु
हरियाणा और महाराष्ट्र से हुई विजय यात्रा की शुरुआत
2014 में केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार बनने के बाद बीजेपी ने सबसे पहले हरियाणा और महाराष्ट्र में नई राजनीतिक जमीन तैयार की। हरियाणा में पार्टी ने पहली बार अपने दम पर सरकार बनाई और मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाया गया। यह राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव था क्योंकि इससे पहले बीजेपी कभी अपने बलबूते राज्य की सत्ता तक नहीं पहुंची थी। इसी साल महाराष्ट्र में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। बाद में सहयोगी दलों के साथ महायुति गठबंधन बनाकर सरकार बनाई गई और देवेंद्र फडणवीस राज्य के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री बने। इन दोनों राज्यों की जीत ने बीजेपी को और भी ज्यादा मजबूती दी और लोगों में पार्टी पर भरोसा बढ़ा।
पूर्वोत्तर भारत और त्रिपुरा में ऐतिहासिक सफलता
2016 बीजेपी के लिए पूर्वोत्तर भारत में ऐतिहासिक साल साबित हुआ। पार्टी ने असम में पहली बार सरकार बनाई और सर्बानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री बने। यह पूर्वोत्तर में बीजेपी की पहली बड़ी चुनावी सफलता थी और उसी साल अरुणाचल प्रदेश में भी बीजेपी ने राजनीतिक समीकरणों के जरिए पहली स्थायी सरकार बनाई। कांग्रेस नेता पेमा खांडू पहले पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (PPA) में गए और बाद में अपने समर्थक विधायकों के साथ बीजेपी में शामिल हो गए। हालांकि अरुणाचल प्रदेश में 2003 में गेगोंग अपांग के नेतृत्व में बीजेपी समर्थित सरकार बनी थी, लेकिन वह केवल 44 दिन ही चल पाई थी। 2017 में बीजेपी ने मणिपुर में एन बीरेन सिंह के नेतृत्व में पहली बार सरकार बनाई। इसके बाद 2018 में त्रिपुरा में बिप्लब कुमार देब के नेतृत्व में वाम मोर्चा के दशकों पुराने शासन को समाप्त कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की गई।
ओडिशा, बिहार और पश्चिम बंगाल में नया इतिहास
बीजेपी ने 2024 में ओडिशा में बीजू जनता दल (BJD) के नवीन पटनायक के 24 साल पुराने शासन का अंत करते हुए मोहन चरण माझी को राज्य का पहला बीजेपी मुख्यमंत्री बनाया। इसके बाद बिहार में भी पार्टी ने नया इतिहास रचा। 2026 में नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद बीजेपी ने सम्राट चौधरी को राज्य का पहला बीजेपी मुख्यमंत्री बनाया। अंततः, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC के 15 साल पुराने शासन का अंत कर दिया। 294 सीटों वाली विधानसभा में पार्टी ने 207 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। बीजेपी ने बंगाल में राष्ट्रवाद, विकास, भ्रष्टाचार विरोध और संगठनात्मक मजबूती के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया, जिससे उसे ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़ी सफलता मिली।
