नई दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में आयोजित वैश्विक एआई इम्पैक्ट समिट (AI Impact Summit) के दौरान शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब भारतीय युवा कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस घटना को लेकर कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है और इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि खराब करने का प्रयास बताया है। भाजपा ने प्रदर्शन के मुख्य आयोजक बताए जा रहे नरसिम्हा यादव की राहुल गांधी के साथ एक तस्वीर भी साझा की है, जिससे राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
भारत मंडपम में विरोध प्रदर्शन का घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार, एआई इम्पैक्ट समिट में दुनिया भर से प्रतिनिधि और तकनीकी विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे थे और इसी दौरान यूथ कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम स्थल के भीतर प्रवेश किया। बताया जा रहा है कि इन कार्यकर्ताओं ने पहले से ही पंजीकरण कराया हुआ था और वे सामान्य कपड़ों में अंदर पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक इन कार्यकर्ताओं ने अपनी टी-शर्ट उतार दी और नारेबाजी शुरू कर दी। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए उन्हें वहां से हटाया और पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि प्रदर्शनकारियों ने अपनी टी-शर्ट उल्टी पहनी हुई थी ताकि वे सुरक्षा जांच के दौरान पकड़े न जाएं। इस घटना से समिट में मौजूद विदेशी प्रतिनिधियों के बीच कुछ समय के लिए असहज स्थिति पैदा हो गई।
चार आरोपियों की गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान कृष्णा हरि (राष्ट्रीय सचिव, यूथ कांग्रेस, बिहार), कुंदन यादव (राज्य सचिव, बिहार), अजय कुमार (प्रदेश उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश) और नरसिम्हा यादव (नेशनल कोऑर्डिनेटर, तेलंगाना) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। आरोपियों पर सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस कर्मियों के साथ हाथापाई करने के भी आरोप हैं। दिल्ली पुलिस अब इस मामले में 'लार्जर कॉन्सपिरेसी' (बड़ी साजिश) के कोण से जांच कर रही है। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को आज पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उनकी हिरासत की मांग कर सकती है।
भाजपा का राहुल गांधी पर तीखा हमला
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए। पात्रा ने नरसिम्हा यादव की राहुल गांधी के साथ हाथ मिलाते हुए एक तस्वीर साझा की, जो संभवतः भारत जोड़ो यात्रा के दौरान की है। भाजपा का दावा है कि यह प्रदर्शन राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी की मौजूदगी में उनके आवास पर रची गई एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था। संबित पात्रा ने कहा कि यह कोई संयोग नहीं बल्कि एक प्रयोग है, जिसका उद्देश्य वैश्विक मंच पर भारत की प्रशंसा को बाधित करना है। उन्होंने कांग्रेस के लिए 'टॉपलेस, ब्रेनलेस और शेमलेस' जैसे शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि विपक्ष के नेता को यह समझना चाहिए कि यह भाजपा का कार्यक्रम नहीं बल्कि पूरे विश्व का सम्मेलन था।
वैश्विक छवि और युवाओं की प्रतिक्रिया
भाजपा ने दावा किया है कि इस हरकत से देश के युवाओं, विशेषकर 'जेन-जी' (Gen-Z) पीढ़ी में भारी आक्रोश है। सोशल मीडिया पर भी आम उपयोगकर्ताओं ने इस प्रदर्शन के तरीके की आलोचना की है और भाजपा नेताओं का कहना है कि जब दुनिया के नेता भारत की तकनीकी प्रगति की सराहना कर रहे हैं, तब इस तरह के प्रदर्शन देश के सम्मान को ठेस पहुंचाते हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी उल्लेख किया गया कि राहुल गांधी पहले भी विदेशी धरती पर या अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के दौरान भारत की आलोचना करते रहे हैं। भाजपा ने इसे 'ऑपरेशन सिंदूर' और 'हवाई हमले' पर सवाल उठाने वाली मानसिकता का विस्तार बताया है। फिलहाल, दिल्ली पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस प्रदर्शन के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था।
सुरक्षा व्यवस्था और भविष्य की जांच
भारत मंडपम जैसे उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में इस तरह की सेंधमारी ने सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया है। दिल्ली पुलिस इस बात की समीक्षा कर रही है कि प्रदर्शनकारी पंजीकरण प्रक्रिया का लाभ उठाकर अंदर तक कैसे पहुंचने में सफल रहे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों के मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्हें निर्देश कहां से मिल रहे थे। इस बीच, कांग्रेस पार्टी की ओर से अभी तक इस विशिष्ट तस्वीर और भाजपा के आरोपों पर कोई आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है, हालांकि यूथ कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि यह बेरोजगारी और अन्य मुद्दों पर एक सांकेतिक विरोध था। पुलिस की जांच अब इस बात पर केंद्रित है कि क्या इस विरोध प्रदर्शन के लिए कोई वित्तीय सहायता या बाहरी समर्थन प्रदान किया गया था।
