स्थानीय / बूंदी के नेशनल हाईवे-52 पर 35 दिन से भरा पानी, वाहनों की जगह चल रहीं नाव

Dainik Bhaskar : Sep 20, 2019, 01:19 PM

बूंदी. हाड़ाैती इलाके में भारी बारिश के कारण काेटा, बूंदी और बारां बाढ़ के हालात झेल चुके हैं। अब पानी उतर रहा है, लेकिन निर्माण में छाेड़ी गई खामियाें के कारण नेशनल हाईवे नंबर 52 बूंदी जिले के तालाब गांव के पास खुद 35 दिन से तालाब बना हुआ है। यहां वाहनाें की जगह नावें चल रही हैं। इसके अलावा काेटा से बूंदी तक गहरे-गहरे गड्‌ढे हाे रहे हैं।

जयपुर से 10 हजार की पगार पर बुलाया नाव चलाने वाला

तालाबगांव के पास फूलसागर तालाब के पेटे में बने नेशनल हाईवे पर 35 दिन से भरे पानी में नावें चल रही हैं। हाईवे से 200 मीटर दूर बसे परिवारों को घर से निकलने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। गांव के उपसरपंच कयामुद्दीन, मोहम्मद इदरिश, मोहम्मद इस्लाम, उमरद्दीन, शरीफ मोहम्मद ने बताया कि 16 अगस्त से पानी भर चुका था। जयपुर से नाव बनवाई गई।

जयपुर से 10 हजार रुपए महीने पगार पर नाव चलाने वाले को रखा है। इन पांच-छह परिवारों ने अपने बच्चों को रिश्तेदारों के पास भेज दिया है। इन्होंने बताया कि जब यहां हाईवे बन रहा था तो लोगों ने निर्माण खामियों को लेकर विरोध किया था, पर सुनवाई नहीं हुई।

इंजीनियराें की अरुचि देखिए

इस बारे में एनएचएआई अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई पर कोटा पीडी ने फोन नहीं उठाया, वहीं इस प्रोजेक्ट को देख रहे एनएचएआई के एक अन्य अधिकारी श्री चौधरी ने इन्फॉर्मेशन नहीं होने की बात कही।

नेशनल हाईवे को कई जगह से ऊपर उठाने का काम शुक्रवार से शुरू हो सकता है। पेचवर्क कर रही कंपनी को ही वर्कऑर्डर-एसटीपी जारी कर दी है। इस पर 65 लाख रुपए खर्च होंगे। काम करने के लिए 10 दिन की टाइम लाइन है। इसके बाद एक लेन से ट्रैफिक शुरू कर दिया जाएगा। पानी उतरने के बाद स्थाई व्यवस्था की जाएगी। -मुकेश कुमार चौधरी, एसडीएम हिंडाैली