श्रीलंका की कप्तान चामरी अटापट्टू ने महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में एक अविश्वसनीय पारी खेलकर क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया है। बाएं हाथ की इस दिग्गज बल्लेबाज ने आयरलैंड के खिलाफ खेलते हुए महज 61 गेंदों में 106 रनों की तूफानी पारी खेली। इस शानदार पारी के दौरान उन्होंने अपना शतक 58 गेंदों में पूरा किया, जो टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में उनका पहला शतक भी है। अटापट्टू की इस शतकीय पारी की बदौलत श्रीलंका ने आयरलैंड को 9 विकेट के बड़े अंतर से करारी शिकस्त दी।
मैच का लेखा-जोखा और श्रीलंका की जीत
मैच में पहले बल्लेबाजी करने उतरी आयरलैंड की टीम निर्धारित 20 ओवरों में केवल 130 रन ही बना सकी। 3 ओवर में ही हासिल कर लिया। अटापट्टू की पारी कितनी प्रभावशाली थी, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि श्रीलंका की अन्य दो बल्लेबाजों ने मिलकर केवल 24 रनों का योगदान दिया। पूरी पारी के दौरान अटापट्टू ने आयरिश गेंदबाजों पर अपना दबदबा बनाए रखा और मैच को एकतरफा कर दिया।
पावरप्ले में मचाया कोहराम और बनाए कई रिकॉर्ड
चामरी अटापट्टू ने पारी की शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और पावरप्ले के दौरान ही श्रीलंका के स्कोर को 55 रनों तक पहुंचा दिया। पहले विकेट के लिए उन्होंने दुलानी के साथ मिलकर केवल 29 गेंदों में 50 रनों की साझेदारी की, जिसमें अटापट्टू का व्यक्तिगत योगदान 46 रन था। उन्होंने अपना अर्धशतक केवल 30 गेंदों में पूरा किया, जिसमें 10 चौके शामिल थे। अटापट्टू यहीं नहीं रुकीं और उन्होंने आयरलैंड की हर गेंदबाज की जमकर धुनाई करते हुए 58 गेंदों में अपना सैकड़ा पूरा किया। यह टी20 क्रिकेट में उनका चौथा शतक है और इंग्लैंड की धरती पर उन्होंने पहली बार टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक जमाया है।
हासिल किए दो बड़े ऐतिहासिक मुकाम
आयरलैंड के खिलाफ इस जीत के साथ ही चामरी अटापट्टू ने अपने नाम दो बड़े रिकॉर्ड भी दर्ज किए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने 8000 रन पूरे कर लिए हैं। इसके साथ ही, टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके 100 छक्के भी पूरे हो गए हैं। ये आंकड़े अटापट्टू की बल्लेबाजी क्षमता और विश्व क्रिकेट में उनके बढ़ते कद को दर्शाते हैं।
टूर्नामेंट में श्रीलंका की स्थिति और कप्तान का दर्द
महिला टी20 वर्ल्ड कप में श्रीलंका की यह दूसरी जीत है। अब तक खेले गए 4 मैचों में टीम के 4 अंक हो गए हैं और वह ग्रुप बी में चौथे स्थान पर मौजूद है। हालांकि श्रीलंका का अगले दौर यानी सेमीफाइनल में पहुंचना लगभग नामुमकिन नजर आ रहा है, लेकिन टीम अपने बचे हुए लीग मैचों को जीतकर टूर्नामेंट का अंत सकारात्मक तरीके से करना चाहती है। इससे पहले वेस्टइंडीज के खिलाफ मिली हार के बाद चामरी अटापट्टू काफी निराश थीं और उन्होंने अपनी कप्तानी को असफल बताया था। उनका कहना था कि वह श्रीलंका को कभी वर्ल्ड कप सेमीफाइनल तक नहीं ले जा सकीं, जो उनके लिए एक बड़ी नाकामी है।
अगला मुकाबला और भविष्य की राह
श्रीलंका की टीम अब अपना आखिरी लीग मैच स्कॉटलैंड के खिलाफ 26 जून को खेलेगी। यह मुकाबला मैनचेस्टर के मैदान पर आयोजित किया जाएगा। टीम की कोशिश होगी कि अटापट्टू की इस फॉर्म का फायदा उठाकर वे अपने अभियान का समापन जीत के साथ करें।
