MP Election 2023: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में कराती हार के बाद अब कांग्रेस का केंद्रीय आलाकमान एक्शन मोड में आ गया है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय आलाकमान ने मध्य प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रमुख पद से कमलनाथ को इस्तीफा देने को कहा है। बता दें कि चुनावों और उससे पहले कमलनाथ को आलाकमान ने फ्री हैंड दिया था और वह अपने हिसाब से फैसले ले रहे थे। अब इस हार के बाद आलाकमान हार के कारणों की समीक्षा कर रहा है। बताया जा रहा है कि इसके तहत ही सबसे पहले कमलनाथ को इस्तीफा देने के लिए कहा गया है।
मंगलवार को कमलनाथ ने बुलाई है भोपाल में बैठक
वहीं इससे पहले कमलनाथ ने मंगलवार को पार्टी के सभी उम्मीदवारों की बैठक भोपाल में बुलाई है। यह बैठक प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पर सुबह 11 बजे बुलाई गई है। इसमें पार्टी की इस हार पर समीक्षा की जाएगी और एक-एक सीट पर हार के कारणों की चर्चा होने की संभावना है। बता दें कि 2018 विधानसभा चुनावों में जहां पार्टी के 114 विधायक चुनकर आए थे लेकिन इस बार यह संख्या केवल 66 पर ही सिमट गई।
जनता ने हमें विपक्ष में बैठने का आदेश दिया- कमलनाथ
वहीं इससे पहले रविवार शाम को हार स्वीकार करते हुए कमलनाथ ने कहा कि चुनाव परिणाम में मध्य प्रदेश की जनता का फैसला मुझे स्वीकार है। हमें विपक्ष में बैठने की जिम्मेदारी दी गई है और हम अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे। मध्य प्रदेश के सामने अभी सबसे बड़ा सवाल यही है कि मध्य प्रदेश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो, हमारे किसानों को खुशहाली मिले।
चुनाव परिणाम में मध्य प्रदेश की जनता का फैसला मुझे स्वीकार है। हमें विपक्ष में बैठने की जिम्मेदारी दी गई है और हम अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे। मध्य प्रदेश के सामने अभी सबसे बड़ा सवाल यही है कि मध्य प्रदेश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो, हमारे किसानों को खुशहाली मिले।
— Kamal Nath (@OfficeOfKNath) December 3, 2023
मैं…
इसके साथ ही कमलनाथ ने कहा कि मैं भारतीय जनता पार्टी को बधाई देता हूं। मुझे आशा है कि जनता ने उनके ऊपर जो विश्वास दिखाया है, वे उस पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे। आप सबको याद होगा कि मैंने कभी सीटों की घोषणा नहीं की। मैंने हमेशा यही कहा कि मुझे मध्य प्रदेश के मतदाता पर विश्वास है और आज भी मैं यही कहूंगा कि मुझे मध्य प्रदेश के मतदाता पर विश्वास है। मैं सभी हारे हुए प्रत्याशी और जीते हुए विधायकों के साथ इस बात की समीक्षा करूंगा कि आखिर वह क्या वजह रही जो हम अपनी बात मध्य प्रदेश के मतदाता को समझा नहीं सके।
