कच्चे तेल की कीमतों में 5 प्रतिशत की भारी गिरावट, अमेरिका ईरान शांति वार्ता का असर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ शांति समझौते की दिशा में बड़ी प्रगति की घोषणा के बाद सोमवार, 25 मई को कच्चे तेल की कीमतों में 5 प्रतिशत तक की गिरावट आई। ब्रेंट क्रूड 99 डॉलर 3 सेंट और WTI 92 डॉलर 15 सेंट के स्तर पर पहुंच गया है।

सोमवार, 25 मई को अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में एक बड़ी हलचल देखने को मिली जब कच्चे तेल की कीमतों में 5 प्रतिशत तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के साथ ही कच्चे तेल के भाव पिछले 2 हफ्तों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। बाजार में आई इस बड़ी गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते शांति समझौतों की उम्मीदों को माना जा रहा है। निवेशकों को उम्मीद है कि यदि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध सुधरते हैं, तो वैश्विक तेल आपूर्ति में आ रही बाधाएं दूर हो सकेंगी और कीमतों में स्थिरता आएगी।

डोनाल्ड ट्रंप का शांति समझौते पर बड़ा बयान

इस बाजार गिरावट के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान है जो उन्होंने शनिवार को दिया था। ट्रंप ने जानकारी दी कि वॉशिंगटन और तेहरान ने एक शांति समझौते के लिए तैयार किए जा रहे मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग यानी समझौता ज्ञापन पर काफी हद तक बातचीत पूरी कर ली है। राष्ट्रपति के इस सकारात्मक रुख ने वैश्विक बाजारों को यह संकेत दिया है कि मध्य पूर्व में लंबे समय से चला आ रहा तनाव अब कम हो सकता है। इस समझौते का सीधा असर तेल की सप्लाई चेन पर पड़ने की संभावना है, जिससे बाजार में बिकवाली का माहौल बन गया है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और वैश्विक तेल आपूर्ति का संकट

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही इस बातचीत का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता है। आपको बता दें कि मिडिल ईस्ट में तनाव पैदा होने से पहले दुनिया भर के कुल तेल और एलएनजी यानी लिक्विफाइड नेचुरल गैस की हर पांच में से एक खेप इसी रास्ते से होकर गुजरती थी। ईरान और अमेरिका द्वारा एक दूसरे पर लगाई गई पाबंदियों के कारण इस रास्ते से होने वाली सप्लाई में भारी दिक्कतें आ रही थीं, जिसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें सातवें आसमान पर पहुंच गई थीं। अब इस नए समझौते से उम्मीद जगी है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता फिर से खुल जाएगा और तेल की आवाजाही सामान्य हो सकेगी।

25 मई को कच्चे तेल और गैस के ताजा आंकड़े

com द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, सोमवार सुबह 8 बजे के करीब अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 4 डॉलर 51 सेंट यानी 4 दशमलव 36 प्रतिशत गिरकर 99 डॉलर 3 सेंट प्रति बैरल पर आ गई। वहीं अमेरिकी बाजार के मानक WTI क्रूड के दाम में भी 4 डॉलर 45 सेंट यानी 4 दशमलव 61 प्रतिशत की बड़ी टूट देखी गई, जिससे यह 92 डॉलर 15 सेंट प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। कच्चे तेल के साथ-साथ प्राकृतिक गैस की कीमतों में भी मामूली नरमी देखी गई। प्राकृतिक गैस का भाव 0 डॉलर 16 सेंट यानी 0 दशमलव 55 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2 डॉलर 891 सेंट प्रति MMBtu दर्ज किया गया।

पिछले सप्ताह का प्रदर्शन और ऐतिहासिक संदर्भ

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का यह सिलसिला पिछले हफ्ते से ही शुरू हो गया था। पिछले सप्ताह अमेरिकी कच्चे तेल की कीमतों में 8 प्रतिशत से ज्यादा की कमी आई थी, जबकि ब्रेंट क्रूड के दाम 5 प्रतिशत से अधिक गिरे थे। यह गिरावट उस समय शुरू हुई थी जब राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर होने वाले संभावित हवाई हमलों को टालने का फैसला किया था ताकि बातचीत के लिए पर्याप्त समय मिल सके। हालांकि, अगर हम थोड़ा पीछे मुड़कर देखें तो 28 फरवरी को जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमले शुरू किए थे, तब से लेकर अब तक तेल की कीमतों में 30 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है। वर्तमान गिरावट इसी भारी बढ़त के बाद एक सुधार के रूप में देखी जा रही है।

भविष्य की चुनौतियां और बाजार की स्थिति

भले ही शांति समझौते की खबरें बाजार के लिए राहत लेकर आई हैं, लेकिन अभी भी कई बड़े मुद्दों पर मतभेद बरकरार हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर लगी पाबंदियों और तकनीकी बारीकियों को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच अभी भी पूरी तरह सहमति नहीं बन पाई है। बाजार के जानकारों का मानना है कि जब तक औपचारिक रूप से समझौते पर हस्ताक्षर नहीं हो जाते, तब तक कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। फिलहाल, डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को एक सकारात्मक ऊर्जा दी है, जिससे आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी राहत मिलने की उम्मीद की जा सकती है।