- भारत,
- 14-Nov-2025 08:07 AM IST
देश की राजधानी दिल्ली में हाल ही में हुए एक भीषण धमाके ने पूरे देश को झकझोर दिया है। सोमवार शाम करीब 7 बजे हुए इस आतंकी हमले में कुल 13 निर्दोष लोगों की जान चली गई, जिससे चारों ओर शोक और आक्रोश का माहौल है। इस भयावह घटना के बाद, जांच एजेंसियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मामले की तह तक जाने का प्रयास किया है, और अब तक की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं और इस पूरे मामले में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा निवासी डॉ. उमर मोहम्मद का नाम मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सामने आया है, जिसकी इस धमाके में मौत हो गई थी।
जांच एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई
दिल्ली में हुए इस घातक धमाके के बाद, जांच एजेंसियों ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है और इसी कड़ी में, आतंकी डॉ. उमर मोहम्मद के पुलवामा स्थित घर को ध्वस्त कर दिया गया है और यह कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सरकार और सुरक्षा एजेंसियां आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि यह धमाका किसी तात्कालिक घटना का। परिणाम नहीं था, बल्कि इसकी योजना बहुत लंबे समय से बनाई जा रही थी। एजेंसियों ने इस लंबी और गहरी साजिश का खुलासा करते हुए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।जैश-ए-मोहम्मद से संबंध और साजिश
जांच एजेंसियों ने अपनी पड़ताल में पाया है कि डॉ. उमर मोहम्मद जैश-ए-मोहम्मद (JeM) नामक कुख्यात आतंकी संगठन के साथ मिलकर इस पूरी साजिश को अंजाम दे रहा था। यह संगठन भारत में कई आतंकी गतिविधियों के लिए जिम्मेदार रहा है और उमर मोहम्मद, जो पेशे से एक डॉक्टर था, ने अपनी शिक्षा और ज्ञान का दुरुपयोग करते हुए मानवता के खिलाफ इस जघन्य अपराध में सक्रिय भूमिका निभाई। लाल किले के पास हुए इस ब्लास्ट के बाद, देशभर में बड़े पैमाने पर। छापेमारी की गई, जिससे इस आतंकी मॉड्यूल के बारे में और भी जानकारी सामने आई।दो साल से चल रही थी योजना
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आतंकी उमर और उसका समूह पिछले दो सालों से इस बड़े धमाके की योजना बना रहा था। यह दर्शाता है कि यह एक सुनियोजित और विस्तृत साजिश थी, जिसका उद्देश्य देश में अस्थिरता और भय का माहौल पैदा करना था। इतनी लंबी अवधि तक योजना बनाने से यह स्पष्ट होता है कि इस मॉड्यूल के पास पर्याप्त संसाधन और नेटवर्क था, जिस पर अब एजेंसियां गहनता से काम कर रही हैं।मां का बयान और कट्टरपंथ की राह
धमाके के बाद की जांच में, पुलिस ने उमर के भाई और मां दोनों को हिरासत में लिया था। उनसे पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं। इसके अतिरिक्त, धमाके से पहले ही पुलिस ने उमर के गैंग के कई सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया था। इन गिरफ्तारियों के दौरान, सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी सफलता मिली, जब उनके पास से 2900 किलोग्राम विस्फोटक बरामद हुआ और इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक की बरामदगी से यह स्पष्ट होता है कि आतंकियों के मंसूबे कितने खतरनाक थे और वे कितने बड़े पैमाने पर तबाही मचाने की फिराक में थे। पुलिस पूछताछ के दौरान, उमर की मां ने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी थी कि उनका बेटा कट्टरपंथी बन चुका था। उन्होंने यह भी बताया कि कई-कई दिनों तक उनकी उमर से बात नहीं होती थी, जिससे उनके व्यवहार में आए बदलाव का संकेत मिलता है और धमाके से पहले भी उमर ने परिवार को कॉल न करने के लिए कहा था, जो उसकी संदिग्ध गतिविधियों को और पुख्ता करता है। हालांकि, परिवार की तरफ से उमर की इन गतिविधियों की जानकारी पुलिस को पहले नहीं दी गई थी, जिस पर भी जांच एजेंसियां गौर कर रही हैं।पुलवामा कनेक्शन और आगे की जांच
डॉ. उमर मोहम्मद का पुलवामा का निवासी होना, इस क्षेत्र में आतंकी गतिविधियों के इतिहास को देखते हुए, एक महत्वपूर्ण पहलू है। जांच में यह भी पाया गया कि इस धमाके में उसकी भी मौत हो चुकी है, जिससे एक मुख्य साजिशकर्ता का अंत हुआ है। पुलिस फिलहाल उमर के सभी साथियों से पूछताछ करने में लगी हुई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर इनका कितना बड़ा प्लान था और ये लोग कहां-कहां धमाका करने की योजना बना रहे थे। इस व्यापक जांच का उद्देश्य इस आतंकी नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचना और भविष्य में ऐसी किसी भी घटना को रोकना है।VIDEO | Delhi terror blast: The residence of Dr Umar Nabi, accused in the Red Fort blast, has been demolished in Pulwama, Jammu and Kashmir.#Delhiblast #Pulwama #Terror
— Press Trust of India (@PTI_News) November 14, 2025
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/xJSVxkAZkY
