- भारत,
- 22-Jan-2026 05:31 PM IST
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले से एक अत्यंत हृदयविदारक खबर सामने आई है। यहाँ भारतीय सेना का एक वाहन अनियंत्रित होकर करीब 200 फीट गहरी खाई में गिर गया। इस भीषण दुर्घटना में सेना के 10 बहादुर जवान शहीद हो गए हैं। यह हादसा डोडा के भद्रवाह-चंबा रोड पर खानी टॉप इलाके में हुआ, जहाँ सड़क की स्थिति काफी खराब बताई जा रही है।
कैसे हुआ यह भीषण हादसा?
जानकारी के अनुसार, सेना का 'कैस्पर' वाहन 17 जवानों को लेकर एक ऊँची पहाड़ी पोस्ट की ओर जा रहा था और भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खानी टॉप के पास अचानक चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया। पहाड़ी रास्ता संकरा और फिसलन भरा होने के कारण गाड़ी सीधे 200 फीट नीचे गहरी खाई में जा गिरी। चश्मदीदों के मुताबिक, टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए। शुरुआत में चार जवानों के शहीद होने की खबर आई थी, लेकिन अस्पताल ले जाते समय और इलाज के दौरान गंभीर रूप से घायल 6 और जवानों ने दम तोड़ दिया, जिससे शहीदों की कुल संख्या 10 हो गई है।रेस्क्यू ऑपरेशन और एयरलिफ्ट
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और सेना की बचाव टीमें मौके पर पहुँच गईं। इलाका बेहद दुर्गम और ऊँचाई पर होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद, बचाव दल ने मुस्तैदी दिखाते हुए खाई से जवानों को बाहर निकाला। घायल 7 जवानों की स्थिति नाजुक देखते हुए उन्हें तुरंत एयरलिफ्ट कर उधमपुर के सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सेना के वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और घायलों को सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है।उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जताया दुख
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "डोडा में हुए दुखद सड़क हादसे में हमारे 10 बहादुर भारतीय सेना के जवानों की जान जाने से बहुत दुख हुआ है और हम अपने बहादुर सैनिकों की बेहतरीन सेवा और सर्वोच्च बलिदान को हमेशा याद रखेंगे। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। इस गहरे दुख की घड़ी में पूरा देश उनके साथ खड़ा है। " उन्होंने प्रशासन को घायलों के समुचित इलाज के कड़े निर्देश दिए हैं।डोडा में सुरक्षा और भौगोलिक चुनौतियां
डोडा का यह इलाका अपनी कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के लिए जाना जाता है। यहाँ की सड़कें अक्सर संकरी और खतरनाक होती हैं। इसके अलावा, पिछले कुछ समय से डोडा और किश्तवाड़ जिलों में सुरक्षा की स्थिति भी संवेदनशील बनी हुई है। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, इन जंगली और पहाड़ी इलाकों में करीब 30 से 35 विदेशी आतंकवादी। छिपे हो सकते हैं, जिसके कारण सेना की आवाजाही और ऑपरेशंस यहाँ काफी बढ़ गए हैं। ऐसे में खराब मौसम और कठिन रास्तों पर सेना के वाहनों का संचालन एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।Deeply saddened at the loss of lives of 10 of our brave Indian Army soldiers in an unfortunate road accident in Doda. We will always remember the outstanding service and supreme sacrifice of our brave soldiers. My deepest condolences to the grieving families.
— Office of LG J&K (@OfficeOfLGJandK) January 22, 2026
