दिल्ली में 11 सितंबर को छुट्टी का ऐलान, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए बड़ा फैसला

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मद्देनजर दिल्ली सरकार ने 11 सितंबर को सभी सरकारी कार्यालयों, स्वायत्त निकायों और पीएसयू में छुट्टी घोषित की है। यह सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम में होगा।

दिल्ली सरकार ने आगामी 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों और व्यवस्थाओं को देखते हुए 11 सितंबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यह अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन 12 सितंबर और 13 सितंबर को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने जा रहा है। इस बड़े आयोजन के दौरान सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए दिल्ली सरकार ने 11 सितंबर को छुट्टी का ऐलान किया है। इस दौरान दिल्ली के सभी सरकारी कार्यालय पूरी तरह से बंद रहेंगे।

उपराज्यपाल द्वारा अवकाश की घोषणा

दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने इस छुट्टी का आधिकारिक ऐलान किया है और सरकार की ओर से जारी की गई अधिसूचना में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के उपराज्यपाल ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और उससे जुड़ी व्यापक व्यवस्थाओं के मद्देनजर दिल्ली सरकार के अंतर्गत आने वाले सभी सरकारी कार्यालयों, स्वायत्त निकायों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) में 11 सितंबर (शुक्रवार) को अवकाश घोषित किया है। दिल्ली सरकार के इन कार्यालयों के अलावा, केंद्र सरकार ने भी यह फैसला लिया है कि राजधानी में स्थित उसके कार्यालय भी 11 सितंबर को बंद रहेंगे। यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि भारत मंडपम में होने वाले इस सम्मेलन के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

सम्मेलन में शामिल होने वाले प्रमुख वैश्विक नेता

इस 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में लगभग 30 ब्रिक्स सदस्य देशों और सहयोगी देशों के नेताओं के शामिल होने की संभावना है। इसके साथ ही विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख और भारत सहित ब्रिक्स देशों के व्यापारिक प्रतिनिधि भी इस महत्वपूर्ण बैठक का हिस्सा बनेंगे और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी इस सम्मेलन में शिरकत करेंगे। उनके अलावा, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के भी इस समिट में शामिल होने की पूरी उम्मीद है और ऐसी भी चर्चा है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस सम्मेलन में शामिल हो सकते हैं, हालांकि अभी तक उनकी भागीदारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। शहर के कई हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद किया गया है और यातायात पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए हैं। सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए कई मार्गों को डायवर्ट किया गया है और हाल ही में प्रशासन द्वारा किए गए यातायात अभ्यासों (ट्रैफिक रिहर्सल) में 35 से अधिक सड़कों और 22 वैकल्पिक मार्गों को शामिल किया गया था। विशेष रूप से मध्य दिल्ली और भारत मंडपम के आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा और यातायात पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि 12 और 13 सितंबर को होने वाले मुख्य कार्यक्रम में कोई व्यवधान न पड़े।

भारत की चौथी ब्रिक्स मेजबानी और मुख्य उद्देश्य

भारत इस साल चौथी बार ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले भारत ने साल 2012, साल 2016 और साल 2021 में इस प्रतिष्ठित समिट की अध्यक्षता की थी। ब्रिक्स के संस्थापक सदस्य के रूप में भारत की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। इस वर्ष अपनी अध्यक्षता के दौरान भारत ने देश के 25 से अधिक शहरों में 350 से अधिक बैठकें और उच्च स्तरीय वार्ताएं आयोजित की हैं। इन वार्ताओं का मुख्य केंद्र तीन प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को और अधिक मजबूत करना रहा है। इनमें राजनीतिक और सुरक्षा मामले, आर्थिक और वित्तीय सहयोग, तथा सांस्कृतिक एवं जन-समुदाय आदान-प्रदान शामिल हैं और भारत मंडपम में होने वाला यह शिखर सम्मेलन इन सभी प्रयासों का मुख्य केंद्र होगा।