जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन, पुलिस ने दी अनुमति

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन शुरू हो गया है। पेपर लीक के विरोध में हो रहे इस प्रदर्शन में सोनम वांगचुक भी शामिल हैं और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की जा रही है।

देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा एक विशाल प्रदर्शन का आयोजन किया गया। दिल्ली पुलिस ने इस विरोध प्रदर्शन के लिए औपचारिक रूप से अनुमति दे दी है, जिसके तहत प्रदर्शनकारी शाम 5 बजे तक अपना धरना जारी रख सकते हैं। पुलिस से शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति मिलने के बाद, कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं और समर्थकों का जंतर-मंतर पर जुटना शुरू हो गया है। इस प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके और छात्र अपनी मांगों को शांतिपूर्ण ढंग से रख सकें।

प्रमुख हस्तियों की भागीदारी और नेतृत्व

इस विरोध प्रदर्शन में प्रसिद्ध सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी शामिल हो रहे हैं, जिससे इस आंदोलन को और अधिक मजबूती मिली है। प्रदर्शन का मुख्य नेतृत्व अभिजीत दीपके कर रहे हैं, जो शनिवार सुबह 8 बजे अमेरिका के बोस्टन से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे। एयरपोर्ट पर उतरने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से अपने समर्थकों से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की। इससे पहले समर्थकों को संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचने के लिए कहा गया था, लेकिन बाद में योजना में बदलाव करते हुए सभी को सीधे जंतर-मंतर बुलाया गया। अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य शिक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों के हितों की रक्षा करना है।

प्रदर्शन के मुख्य कारण और मांगें

कॉकरोच जनता पार्टी के इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य देश में हो रहे पेपर लीक और परीक्षाओं में बरती जा रही गड़बड़ियों का कड़ा विरोध करना है। प्रदर्शनकारी विशेष रूप से नीट पेपर लीक विवाद और सीबीएसई की परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं को लेकर अपना रोष प्रकट कर रहे हैं और इस आंदोलन की सबसे प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। अभिजीत दीपके का कहना है कि परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने में विफलता की जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री को अपने पद से हट जाना चाहिए। उन्होंने पहले ही घोषणा की थी कि वह शनिवार सुबह दिल्ली पहुंचकर संसद मार्ग पुलिस स्टेशन से प्रदर्शन की अनुमति मांगेंगे, हालांकि दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने एयरपोर्ट पर ही उनसे मुलाकात कर अनुमति की प्रक्रिया पूरी कर ली।

सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस का अलर्ट

जंतर-मंतर पर हो रहे इस प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड में है। जंतर-मंतर से लेकर दिल्ली एयरपोर्ट तक सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, छात्रों से एक सही अंडरटेकिंग लेने के बाद ही उन्हें प्रदर्शन की अनुमति देने का निर्णय लिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए नई दिल्ली जिले में लगभग 2000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। पूरे क्षेत्र को 12 जोन में विभाजित किया गया है, और प्रत्येक जोन की कमान एक डीसीपी रैंक के अधिकारी को सौंपी गई है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य प्रदर्शनकारियों के साथ किसी भी प्रकार के टकराव से बचना और शांति व्यवस्था बनाए रखना है।

यातायात और कानून-व्यवस्था पर निर्देश

दिल्ली पुलिस ने सभी जिलों, विशेष रूप से उत्तर, मध्य, दक्षिण-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम के डीसीपी को आंतरिक संचार के माध्यम से अलर्ट जारी किया है। इसमें शनिवार को राजधानी के कुछ हिस्सों में भारी भीड़ और ट्रैफिक में संभावित रुकावटों के बारे में चेतावनी दी गई है। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रदर्शन में शामिल होने आ रहे छात्रों को आवश्यक सुविधाएं प्रदान करें और यह सुनिश्चित करें कि कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में रहे। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शनिवार सुबह तक प्रदर्शन के लिए कोई औपचारिक आवेदन नहीं मिला था, लेकिन बाद में अभिजीत दीपके द्वारा अनुमति मांगे जाने पर इसे स्वीकार कर लिया गया।