दिवाली से पहले शेयर बाजार में रॉकेट तेजी, चार दिन में निवेशकों की हुई बंपर कमाई

दिवाली से पहले भारतीय शेयर बाजार में चार दिनों से लगातार जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। सेंसेक्स और निफ्टी में भारी उछाल से निवेशकों को 14 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बंपर फायदा हुआ है।

दिवाली के पावन पर्व से कुछ दिन पहले भारतीय शेयर बाजार ने एक बार फिर से जबरदस्त रफ्तार पकड़ ली है और निवेशकों के चेहरे पर खुशी लौट आई है। मंगलवार को शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन शानदार तेजी देखने को मिल रही है, जिससे पूरे बाजार का माहौल पूरी तरह से बदला हुआ नजर आ रहा है। इस चार दिनों की छोटी सी अवधि में सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 5 फीसदी का बड़ा इजाफा देखने को मिल चुका है, जिसके परिणामस्वरूप देश भर के शेयर बाजार निवेशकों को 14 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बंपर कमाई हो चुकी है। बाजार में आई इस अचानक और मजबूत तेजी के पीछे कई बड़े घरेलू और वैश्विक आर्थिक कारक जिम्मेदार हैं, जिन पर निवेशकों और बाजार विश्लेषकों की गहरी नजर बनी हुई है।

सेंसेक्स में 3500 से ज्यादा अंकों का ऐतिहासिक उछाल

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के आधिकारिक आंकड़ों को बारीकी से देखें तो पता चलता है कि प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स में लगातार चौथे दिन जबरदस्त तेजी देखने को मिली और यह आंकड़ा 77 हजार अंकों के बहुत करीब पहुंच गया है। गत 28 अक्टूबर के बाद से सेंसेक्स में लगातार ऊपर की ओर रफ्तार देखने को मिल रही है। आपको याद दिला दें कि 28 अक्टूबर को सेंसेक्स 73,246 रुपये 3 पैसे अंकों के स्तर पर बंद हुआ था। 82 फीसदी का भारी उछाल दर्ज किया जा चुका है। आगामी 3 नवंबर को कारोबारी सत्र के दौरान सेंसेक्स एक समय में 1,086 रुपये 88 पैसे अंकों की भारी तेजी के साथ उछलकर 76,779 रुपये 66 पैसे अंकों के ऊंचे स्तर पर जा पहुंचा था। इसके अलावा दोपहर के ठीक 2 बजकर 10 मिनट पर सेंसेक्स 935 अंकों की शानदार तेजी के साथ 76,631 रुपये 12 पैसे अंकों के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वित्तीय बाजार के तमाम जानकारों और विशेषज्ञों की मानें तो आने वाले आगामी दिनों में शेयर बाजार के इस प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स में और भी अधिक इजाफा देखने को मिल सकता है, जिससे निवेशकों का उत्साह लगातार सातवें आसमान पर है।

निफ्टी ने भी लगाई लंबी और मजबूत छलांग

दूसरी तरफ यदि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के प्रमुख सूचकांक निफ्टी के आंकड़ों पर नजर डालें तो इसने भी पिछले चार दिनों में काफी लंबी और मजबूत छलांग लगाई है। उपलब्ध आंकड़ों को यदि विस्तार से देखें तो 28 अक्टूबर को निफ्टी 23,746 रुपये 25 पैसे अंकों के स्तर पर बंद हुआ था। 61 फीसदी का तगड़ा उछाल देखने को मिल चुका है। वैसे आगामी 3 नवंबर को निफ्टी 300 से भी अधिक अंकों की जोरदार तेजी के साथ 23,746 रुपये 25 पैसे अंकों के स्तर पर पहुंच गया था। इसके साथ ही दोपहर के ठीक 2 बजकर 13 मिनट पर निफ्टी 262 रुपये 50 पैसे के भारी इजाफे के साथ 23,708 अंकों के स्तर पर लगातार ट्रेड कर रहा था। बाजार विश्लेषकों का यह भी मानना है कि निफ्टी अभी भी अपने सर्वकालिक उच्च स्तर यानी लाइफ टाइम हाई से काफी नीचे कारोबार करता हुआ दिखाई दे रहा है, जिसका अर्थ है कि आने वाले समय में इसमें और भी सुधार और रिकवरी की पूरी गुंजाइश बनी हुई है।

शेयर बाजार में आई इस ऐतिहासिक तेजी के प्रमुख कारण

भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ दिनों से लगातार दिखाई दे रही इस अप्रत्याशित तेजी के पीछे कई ठोस और मजबूत कारण मौजूद हैं। बाजार जानकारों के अनुसार इस उछाल को लाने में मुख्य रूप से विदेशी संस्थागत निवेशकों की जबरदस्त खरीदारी, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में मजबूती और कंपनियों के शानदार तिमाही नतीजों ने मिलकर एक अहम भूमिका निभाई है। इन सभी सकारात्मक कारकों ने मिलकर भारतीय वित्तीय बाजार को पूरी तरह से गति प्रदान की है और मंदी के बादलों को पूरी तरह से दूर कर दिया है.

  • विदेशी निवेशकों की शानदार खरीदारी: शेयर बाजार में आई यह तेजी यूं ही अचानक नहीं आई है, बल्कि इसके पीछे विदेशी निवेशकों की ओर से की गई भारी खरीदारी का बहुत बड़ा हाथ रहा है। गत 26 अक्टूबर से लेकर 2 नवंबर तक के बीच के कुल 6 कारोबारी दिनों में से चार बड़े दिनों में विदेशी निवेशकों की ओर से भारतीय बाजार में बड़े पैमाने पर पूंजी का निवेश किया गया है। यदि तारीखवार आंकड़ों को देखें तो 27 अक्टूबर को विदेशी निवेशकों ने 4,240 करोड़ रुपये, 28 अक्टूबर को करीब 872 करोड़ रुपये, 30 अक्टूबर को 3,598 करोड़ रुपये और 2 नवंबर को 3,115 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश किया है। हालांकि इस दौरान बीच में कुछ बिकवाली भी देखने को मिली थी, जैसे 26 अक्टूबर को 1,462 करोड़ रुपये और 29 अक्टूबर को 944 करोड़ रुपये की बिकवाली विदेशी निवेशकों द्वारा की गई थी, लेकिन कुल मिलाकर शुद्ध निवेश सकारात्मक ही रहा है।
  • कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी कमी: शेयर बाजार में तेजी आने का दूसरा सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल की कीमतों में आई भारी गिरावट है। आंकड़ों के अनुसार 28 अक्टूबर को ब्रेंट क्रूड के दाम 115 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा देखने को मिल रहे थे, जो कि घटकर 3 अक्टूबर को कम होकर 103 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर जा पहुंचे। इसकी सीधी वजह से ब्रेंट क्रूड के दाम में 10 फीसदी से ज्यादा की भारी गिरावट देखने को मिल चुकी है, जिससे देश के आयात बिल और महंगाई के मोर्चे पर बड़ी राहत मिली है।
  • डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में तेजी: इन सबके अलावा इस पूरी कारोबारी अवधि के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में भी काफी अच्छी तेजी देखने को मिल चुकी है। यदि 28 अक्टूबर के आंकड़ों को देखें तो डॉलर के मुकाबले में रुपया 95 रुपये 120 पैसे के कमजोर स्तर पर दिखाई दिया था, जो कि सुधरकर आगामी 3 नवंबर को 94 रुपये 704 पैसे के मजबूत स्तर पर आ गया। इसका सीधा और स्पष्ट मतलब यह है कि भारतीय रुपये में कुल 51 पैसे की शानदार मजबूती देखने को मिली है, जिसका अत्यंत सकारात्मक असर घरेलू शेयर बाजार के सूचकांकों पर भी साफ-साफ देखने को मिला है।
  • कंपनियों के बेहतर और मजबूत तिमाही नतीजे: चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के लिए देश की दिग्गज कॉरपोरेट कंपनियों के बहुत ही बेहतर और शानदार तिमाही नतीजे देखने को मिले हैं। इसका सबसे ताजा और बेहतरीन उदाहरण देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज का है, जिसके शुद्ध मुनाफे में 40 फीसदी से भी ज्यादा का ऐतिहासिक उछाल देखने को मिला है। रिलायंस के इन बेहतरीन नतीजों की वजह से ही बीते सोमवार को कंपनी के शेयरों में 12 फीसदी की भारी तेजी देखने को मिली थी, जिसने अकेले दम पर सेंसेक्स और निफ्टी की ओवरऑल परफॉर्मेंस को ऊपर खींचने में बहुत बड़ा योगदान दिया है।

निवेशकों की हुई 14 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बंपर कमाई

बीते इन 4 प्रमुख कारोबारी दिनों में शेयर बाजार के छोटे-बड़े सभी निवेशकों की जमकर चांदी रही है। अगर उपलब्ध आंकड़ों का सही से विश्लेषण करें तो पता चलता है कि इन चार दिनों में निवेशकों को कुल मिलाकर 14 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का शुद्ध फायदा हुआ है। वास्तव में शेयर बाजार के निवेशकों की यह कुल कमाई सीधे तौर पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई के कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन से जुड़ी हुई होती है और आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 28 अक्टूबर को बीएसई का कुल मार्केट कैप 4,72,63,304 रुपये 73 पैसे करोड़ था, जो कि तेजी से बढ़कर 3 नवंबर को कारोबारी सत्र के दौरान भारी उछाल के साथ 4,87,06,606 रुपये 7 करोड़ के ऐतिहासिक स्तर पर जा पहुंचा। इसका सीधा और सरल गणित यह है कि इन चार दिनों के भीतर ही शेयर बाजार के तमाम निवेशकों को कुल 14,43,301 रुपये 34 पैसे करोड़ का भारी-भरकम फायदा हुआ है। बाजार के जानकारों का मानना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां इसी तरह अनुकूल बनी रहीं, तो आने वाले दिनों में निवेशकों की संपत्ति में और भी बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है।