भुवनेश्वर कुमार का इंटरनेशनल करियर हुआ खत्म, रविचंद्रन अश्विन का बड़ा बयान

पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का मानना है कि तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार भारत के लिए अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं। अश्विन ने उनकी खराब फॉर्म और तैयारी पर सवाल उठाए हैं।

भारतीय क्रिकेट जगत में इन दिनों अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार के भविष्य को लेकर काफी चर्चाएं चल रही हैं। इस बीच पूर्व भारतीय दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने एक बहुत बड़ा बयान दिया है, जिससे क्रिकेट गलियारों में हलचल मच गई है। रविचंद्रन अश्विन का यह मानना है कि तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार अब भारत के लिए अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं और उनके लिए टीम इंडिया में वापसी करना बेहद मुश्किल नजर आ रहा है और भुवनेश्वर कुमार ने इंडियन प्रीमियर लीग के दो शानदार सीजनों के बाद भारतीय टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में शानदार वापसी की थी, लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई पांच मैचों की टी20 सीरीज के दौरान उनका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा और वो बिल्कुल भी अपनी छाप छोड़ने में कामयाब नहीं हो पाए।

आईपीएल फॉर्म और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन में अंतर

रविचंद्रन अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर खुलकर बात करते हुए बताया कि भुवनेश्वर कुमार के आईपीएल प्रदर्शन और अंतरराष्ट्रीय सीरीज में उनकी फॉर्म में दिन रात का बहुत बड़ा अंतर साफ तौर पर देखने को मिला। भुवनेश्वर कुमार ने आईपीएल 2026 में अपने शानदार और धमाकेदार प्रदर्शन के दम पर टीम इंडिया में वापसी का एक बहुत मजबूत दावा पेश किया था। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेलते हुए इस अनुभवी गेंदबाज ने कुल 16 मैचों में मैदान पर उतरकर 28 विकेट अपने नाम किए थे और वो पूरे टूर्नामेंट के सबसे बेहतरीन और असरदार गेंदबाजों में से एक साबित हुए थे। हालांकि, जब उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ द्विपक्षीय सीरीज खेलने का मौका मिला, तो वो उस शानदार आईपीएल फॉर्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोहराने में पूरी तरह से संघर्ष करते हुए नजर आए।

न्यूजीलैंड सीरीज में भुवनेश्वर का निराशाजनक प्रदर्शन

न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई पांच मैचों की टी20 सीरीज भुवनेश्वर कुमार के लिए बिल्कुल भी अच्छी नहीं रही। सीरीज का उनका पहला मैच उनके लिए और टीम के लिए काफी महंगा साबित हुआ, जहां उन्होंने अपने चार ओवर के कोटे में 49 रन लुटा दिए और उनके हाथ कोई भी सफलता या विकेट नहीं लगा। सीरीज का उनका एकमात्र विकेट दूसरे टी20 मुकाबले में आया, जब उन्होंने बल्लेबाज डैरिल मिचेल को अपना शिकार बनाया, लेकिन उस मैच में भी उन्होंने 50 रन खर्च कर दिए थे। इसके बाद तीसरे मैच में भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ और उन्हें कोई विकेट नहीं मिला, जबकि उन्होंने अपने स्पेल में 40 रन दे दिए। हालांकि वो इस सीरीज का चौथा टी20 मुकाबला नहीं खेले थे, लेकिन आखिरी और पांचवें मैच में उन्होंने एक बार फिर से वापसी की, जहां वो पूरी तरह से खाली हाथ रहे और उन्होंने फिर से कोई विकेट हासिल किए बिना 41 रन दे दिए। इस पूरी सीरीज के अंत में उनका हाल यह रहा कि वो केवल एक विकेट लेने में कामयाब रहे और उनका इकोनॉमी रेट 11 रुपये 50 पैसे प्रति ओवर का रहा, जो कि आईपीएल में इतना शानदार प्रदर्शन करने वाले एक अनुभवी गेंदबाज के लिए बेहद निराशाजनक और चिंताजनक वापसी कही जाएगी।

तैयारी और तीव्रता पर उठे गंभीर सवाल

अश्विन ने अपने विश्लेषण में यह भी स्पष्ट किया कि चिंता का विषय केवल रन देना या विकेट हासिल न कर पाना ही नहीं है, बल्कि मामला उससे कहीं अधिक गहरा है। उन्होंने इस अनुभवी गेंदबाज की मैच के दौरान की तीव्रता, उनके रन अप की गति और उनकी गेंदबाजी की कुल गति पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। रविचंद्रन अश्विन के अनुसार, भुवनेश्वर कुमार की इस सीरीज से पहले की गई तैयारी शायद उस उच्च स्तर की नहीं थी जिसकी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी के लिए सख्त जरूरत होती है। अश्विन ने अपने विचार रखते हुए कहा कि प्रदर्शन को छोड़िए, अतिरिक्त रन देना भी छोड़िए, असली बात वो नहीं है। उन्होंने कहा कि जो चीज सबसे ज्यादा निराशाजनक लगी, वह यह थी कि जिस तरह से वो आईपीएल में अपनी गेंदबाजी करते हैं, उसकी तुलना में इस सीरीज में उनकी तीव्रता बहुत कम थी, उनका रन अप धीमा था और उनकी गेंदबाजी की गति भी काफी कम नजर आई। ये सारी चीजें उन्हें यह बताती हैं कि शायद भुवनेश्वर कुमार इस महत्वपूर्ण सीरीज के लिए अपनी बेहतरीन और मु मुकम्मल ट्रेनिंग फॉर्म में मैदान पर नहीं उतरे थे।

युवाओं और अनुभव के बीच का कठिन अंतर

पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपनी इस बात को आगे बढ़ाते हुए यह भी बताया कि कभी-कभी किसी खिलाड़ी के पास मौजूद लंबा अनुभव भी वापसी करने वाले उस खिलाड़ी के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। जहां आज के समय में देश के युवा खिलाड़ियों को अपनी गलतियों से सीखने के लिए ज्यादा से ज्यादा मौके दिए जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ एक अनुभवी अंतरराष्ट्रीय गेंदबाज से मैदान पर उतरते ही तुरंत और बेहतरीन प्रदर्शन करने की उम्मीद की जाती है। इसी कड़े दबाव और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की मांग के कारण अश्विन को ऐसा लगता है कि अब भुवनेश्वर कुमार के लिए भारतीय टीम के दरवाजे लगभग बंद हो चुके हैं और उन्होंने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेल लिया है।