Jaishankar vs Tharoor / क्या आपका खून नहीं खौलता? जयशंकर का थरूर की सलाह पर जवाब

विश्व का कोई भी देश हो, कोई भी मंच हो, कोई भी वैश्विक नेता हो. अगर बात भारत के खिलाफ हुई तो वो चुप नहीं बैठता. रूस से तेल खरीदने का मसला हो या फिर पाकिस्तान के आतंक सप्लाई का. विश्व के बड़े से बड़े मंच में वो धोकर रख देता है. चीन की चालबाजी हो या फिर नेपाल की ब्लैकमेलिंग ये उसी तर्ज पर जवाब देता है जैसे सवाल किया जाता है. जी हां, हम बात कर रहे हैं भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर की. जिनकी बात दुनिया सुनती है.

Jaishankar vs Tharoor: विश्व का कोई भी देश हो, कोई भी मंच हो, कोई भी वैश्विक नेता हो. अगर बात भारत के खिलाफ हुई तो वो चुप नहीं बैठता. रूस से तेल खरीदने का मसला हो या फिर पाकिस्तान के आतंक सप्लाई का. विश्व के बड़े से बड़े मंच में वो धोकर रख देता है. चीन की चालबाजी हो या फिर नेपाल की ब्लैकमेलिंग ये उसी तर्ज पर जवाब देता है जैसे सवाल किया जाता है. जी हां, हम बात कर रहे हैं भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर की. जिनकी बात दुनिया सुनती है. उनका एक बयान खूब वायरल हो रहा है.

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने एस जयशंकर को सलाह दी वो थोड़ा कूल रहे. हर वक्त वो गुस्से से भड़के रहते हैं. जयशंकर ने ऐसा जवाब दिया कि बोलती बंद हो गई. उन्होंने कहा कि ब्रिटेन स्थित भारतीय दूतावास में लगे तिरंगे झंडे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई तो क्या आपका खून नहीं खौला?

जयशंकर के बयान पर तारीफ

जयशंकर ने 6 मई को मैसूर में ये बयान दिया. उन्होंने कहा कि एक भारतीय होने के नाते अगर विश्व के किसी देश में तिरंगे का अपमान होगा तो क्या आप सहन कर पाएंगे. उन्होंने कहा कि मैं तो बिल्कुल सहन नहीं कर सकता. मेरी स्किन पतली है और अगर आपके देश का कोई अपमान करता है तो हम सभी को ये बात बुरी लगना स्वभाविक है.

विदेशों में खालिस्तानियों को उपद्रव

भारत में जब खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह पर शिकंजा कसा जा रहा था तो विदेशों में बैठे उसके आका परेशान हो गए. अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और यूके में बड़े पैमाने में खालिस्तानियों ने उपद्रव करना शुरू कर दिया. कनाडा में भारतीय पत्रकार के साथ मारपीट की. अमेरिका में भारतीय पत्रकार को निशाना बनाया गया.

ब्रिटेन की घटना पर भारत सख्त

ब्रिटेन में हद ही हो गई. यहां पर खालिस्तानियों की एक भीड़ भारतीय दूतावास के सामने इकट्ठा हुई. कुछ देर नारेबाजी के बाद उनमें से एक पगड़ीधारी शख्स दूतावास की दीवार पर चढ़ा और भारतीय तिरंगे को नीचे उतारने की कोशिश करने लगा. एक भारतीय अधिकारी अंदर से निकलकर आया तो अपने तिरंगे के लिए उससे लड़ गया. इसके बाद भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया था. लंदन की तरफ से कहा गया था कि हमने इस मामले में कार्रवाई करते हुए दो खालिस्तानियों को अरेस्ट किया है.

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