- भारत,
- 21-Jan-2026 10:17 AM IST
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की स्विट्जरलैंड यात्रा के दौरान एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। आज सुबह जब राष्ट्रपति ट्रंप अपने विशेष विमान एयरफोर्स वन से दावोस के लिए रवाना। हुए, तो बीच रास्ते में ही विमान में कुछ गंभीर तकनीकी खराबी का पता चला। सुरक्षा प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए पायलटों ने तुरंत विमान को वापस मोड़ने का फैसला किया। यह खबर सामने आते ही अंतरराष्ट्रीय मीडिया में हड़कंप मच गया क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति का विमान दुनिया के सबसे सुरक्षित विमानों में गिना जाता है। हालांकि, ट्रंप की दावोस यात्रा रद्द नहीं हुई है और वह दूसरे विमान से अपनी मंजिल की ओर बढ़ेंगे।क्या हुई तकनीकी खराबी?विमान को लेकर जो शुरुआती जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक टेकऑफ के कुछ समय बाद ही एयरफोर्स वन (AF1) के क्रू को एक छोटी इलेक्ट्रिकल दिक्कत का पता चला था। यह खराबी विमान के इलेक्ट्रिकल सिस्टम में थी, जिसे नजरअंदाज करना सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक हो सकता था। इसी वजह से सावधानी के तौर पर विमान को तुरंत। जॉइंट बेस एंड्रयूज (JBA) वापस लाने का आदेश दिया गया। इस समय राष्ट्रपति ट्रंप वॉशिंगटन वापस लौट रहे हैं और वहां पहुंचते ही वह अपनी टीम के साथ दूसरे बैकअप एयरक्राफ्ट में सवार होकर स्विट्जरलैंड के लिए फिर से उड़ान भरेंगे। व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति पूरी तरह सुरक्षित हैं और यह केवल एक एहतियाती कदम है।कितना खास है एयरफोर्स वन?अमेरिका के राष्ट्रपति जिस विमान से सफर करते हैं, उसे तकनीकी रूप से एयरफोर्स वन कहा जाता है। दरअसल, यह कोई एक विमान नहीं बल्कि एक कॉल साइन है जो। उस समय सक्रिय होता है जब राष्ट्रपति विमान में मौजूद होते हैं। ट्रंप के बेड़े में बोइंग-747 के दो विशेष विमान शामिल हैं, जिनके कोड 28000 और 29000 हैं। इन विमानों पर अमेरिका का राष्ट्रीय प्रतीक और ध्वज अंकित होता है। इस विमान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह हवा में ही ईंधन भरवा सकता है, जिससे यह अनिश्चित काल तक उड़ान भरने में सक्षम है और इसके अलावा, किसी भी हमले या आपात स्थिति में यह विमान एक मोबाइल कमांड सेंटर के रूप में काम करता है, जहां से राष्ट्रपति पूरे देश का संचालन कर सकते हैं।
