धुरंधर 2: आतिफ अहमद के रोल में सलीम सिद्दीकी, अतीक अहमद से प्रेरित किरदार।

रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर 2' में सलीम सिद्दीकी ने आतिफ अहमद का किरदार निभाया है, जो दिवंगत माफिया अतीक अहमद से प्रेरित है। फिल्म में उनके लुक और अभिनय की तुलना अतीक अहमद से की जा रही है। इसमें आईएसआई कनेक्शन और अवैध धंधों के घटनाक्रम को दर्शाया गया है।

रणवीर सिंह अभिनीत फिल्म 'धुरंधर 2: द रिवेंज' ने सिनेमाघरों में अपनी दस्तक के साथ ही दर्शकों और समीक्षकों के बीच व्यापक चर्चा छेड़ दी है। फिल्म की रिलीज के बाद से ही इसके एक विशेष किरदार 'आतिफ अहमद' को लेकर सोशल मीडिया और फिल्म जगत में काफी विमर्श हो रहा है। यह किरदार उत्तर प्रदेश के दिवंगत माफिया और राजनेता अतीक अहमद के जीवन और उनके आपराधिक साम्राज्य से प्रेरित बताया जा रहा है। फिल्म की पटकथा वास्तविक जीवन की घटनाओं और अपराध जगत के जटिल ताने-बाने को पर्दे पर उतारने का प्रयास करती है। फिल्म को मिल रही प्रतिक्रियाओं के अनुसार, यह सीक्वल न केवल मनोरंजन प्रदान करता है, बल्कि वास्तविक अपराधों की परतों को भी खोलता है।

सलीम सिद्दीकी: आतिफ अहमद के किरदार के पीछे का चेहरा

फिल्म 'धुरंधर 2' में आतिफ अहमद की चुनौतीपूर्ण भूमिका निभाने वाले अभिनेता सलीम सिद्दीकी हैं। 51 वर्षीय सलीम सिद्दीकी फिल्म उद्योग में एक अनुभवी नाम हैं और उन्होंने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं में काम किया है। थिएटर पृष्ठभूमि से आने वाले सिद्दीकी ने इस फिल्म में अपने लुक और हाव-भाव को अतीक अहमद के समान ढालने के लिए काफी प्रशंसा प्राप्त की है। इससे पहले उन्हें विक्रांत मैसी के साथ चर्चित फिल्म '12वीं फेल' में देखा गया था। उनके अभिनय पोर्टफोलियो में मनोज बाजपेयी के साथ 'डिस्पैच', केके मेनन के साथ 'स्पेशल ऑप्स', 'बॉम्बे मेरी जान' और 'शेखर होम' जैसी वेब सीरीज शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 'मिर्जापुर', 'स्कैम 2003', 'काला', 'इंडिया लॉकडाउन', 'रक्षाबंधन' और 'एस्पिरेंट्स' जैसे प्रोजेक्ट्स में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।

फिल्म में किरदार का चित्रण और आईएसआई कनेक्शन

फिल्म 'धुरंधर 2' में आतिफ अहमद का किरदार केवल एक स्थानीय गैंगस्टर तक सीमित नहीं है। पटकथा के अनुसार, आतिफ अहमद एक प्रभावशाली राजनेता के रूप में दिखाया गया है जिसके तार अंतरराष्ट्रीय खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े हुए हैं। फिल्म में यह दर्शाया गया है कि वह प्रयागराज (इलाहाबाद) में बैठकर उत्तर प्रदेश के चुनावों को प्रभावित करने के लिए नेपाल के रास्ते पाकिस्तान से नकली नोटों की खेप मंगाता है। इसके अलावा, वह भारत में नशीले पदार्थों और अवैध हथियारों के व्यापार का एक बड़ा नेटवर्क संचालित करता है। फिल्म के एक दृश्य में मेजर इकबाल का संवाद 'जब तक आतिफ अहमद जिंदा है, सब संभाल लेगा' इस किरदार की गहराई और उसके प्रभाव को रेखांकित करता है और सलीम सिद्दीकी ने इस भूमिका में अतीक अहमद की शारीरिक भाषा और बोलने के अंदाज को बखूबी अपनाया है।

अतीक अहमद का वास्तविक जीवन और आपराधिक इतिहास

फिल्म का यह पात्र जिस वास्तविक व्यक्ति से प्रेरित है, वह अतीक अहमद था। 1962 में प्रयागराज में जन्मे अतीक अहमद का नाम दशकों तक उत्तर प्रदेश के अपराध और राजनीति के गलियारों में गूंजता रहा। अतीक पर हत्या, अपहरण, जबरन वसूली और डराने-धमकाने जैसे 100 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। उसने 17 वर्ष की अल्पायु में ही अपराध की दुनिया में कदम रख दिया था। बाद में उसने राजनीति में प्रवेश किया और समाजवादी पार्टी के टिकट पर विधानसभा और लोकसभा तक पहुंचा। अतीक अहमद को उत्तर प्रदेश में बाहुबली संस्कृति का एक प्रमुख प्रतीक माना जाता था, जिसने जेल में रहते हुए भी कई चुनाव जीते और अपना वर्चस्व बनाए रखा। अधिकारियों के अनुसार, अतीक अहमद के खिलाफ 160 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।

प्रयागराज हत्याकांड और फिल्म में उसका फिल्मांकन

फिल्म 'धुरंधर 2' के अंत में आतिफ अहमद की हत्या का दृश्य दिखाया गया है, जो 15 अप्रैल 2023 को हुई वास्तविक घटना से काफी मिलता-जुलता है। वास्तविक घटना में, अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की पुलिस हिरासत में उस समय हत्या कर दी गई थी जब उन्हें मेडिकल जांच के लिए ले जाया जा रहा था और पत्रकारों के भेष में आए हमलावरों ने कैमरों के सामने ही उन पर गोलियां चलाई थीं। फिल्म में इस नाटकीय घटनाक्रम को बहुत ही बारीकी से फिल्माया गया है। यह फिल्म न केवल अतीक अहमद के पतन को दिखाती है, बल्कि उन परिस्थितियों और साजिशों की ओर भी संकेत करती है जो इस तरह के बड़े हत्याकांड का कारण बनीं। फिल्म की पटकथा में इन वास्तविक घटनाओं को मनोरंजन के साथ जोड़कर प्रस्तुत किया गया है।