डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की साजिश? तुर्की में कैटरिंग ट्रक में छिपकर बचाई गई जान

डोनाल्ड ट्रंप की अंकारा यात्रा के दौरान उनकी सुरक्षा को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। ईरान से मिली जान से मारने की धमकी के बाद, ट्रंप को एक कैटरिंग ट्रक में छिपाकर मिलिट्री एयरपोर्ट पहुंचाया गया था ताकि वे सुरक्षित रूप से ब्रिटेन के लिए उड़ान भर सकें।

डोनाल्ड ट्रंप की अंकारा यात्रा को लेकर एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा हलकों में हलचल मचा दी है। हाल ही में सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को तुर्की में एक बड़े खतरे का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद उन्हें बेहद गोपनीय तरीके से वहां से निकाला गया। बताया जा रहा है कि ईरान की ओर से उनकी जान को गंभीर खतरा था, जिसके कारण सुरक्षा एजेंसियों को उन्हें एक कैटरिंग ट्रक में छिपाकर मिलिट्री एयरपोर्ट तक पहुंचाना पड़ा। यह पूरी घटना तब हुई जब ट्रंप नाटो शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए अंकारा पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कतर से मिले नए और अपग्रेड किए गए बोइंग 747-8 विमान का इस्तेमाल किया था।

ईरान की धमकी और सुरक्षा में बदलाव

ईरान और तुर्की की सीमाएं आपस में लगती हैं, जिससे सुरक्षा जोखिम और भी बढ़ गया था। द वॉशिंगटन पोस्ट की एक विस्तृत रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले महीने ईरान से मिली धमकियों के बाद ट्रंप की यात्रा योजनाओं में अंतिम समय पर गुप्त बदलाव किए गए थे और ट्रंप ने अंकारा की अपनी यात्रा के लिए कतर से प्राप्त और अपग्रेड किए गए नए बोइंग 747-8 विमान का उपयोग किया था, लेकिन वापसी के समय स्थिति पूरी तरह बदल गई। सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें इस बड़े विमान के बजाय एक छोटे अमेरिकी सैन्य विमान C-32A में भेजने का निर्णय लिया। यह ऑपरेशन 8 जुलाई को अंजाम दिया गया था, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर था।

कैटरिंग ट्रक का गुप्त ऑपरेशन

वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, एक वीडियो में देखा गया कि ट्रंप के पुराने एयर फ़ोर्स वन में सवार होने के कुछ ही देर बाद एक कैटरिंग ट्रक को विमान से नीचे उतारा गया। इसके बाद उस गाड़ी को दूर खड़े C-32A विमान की ओर जाते हुए देखा गया। ऑपरेशन की जानकारी रखने वाले एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ट्रंप सबसे पहले अंकारा में कैमरों के सामने पुराने एयर फ़ोर्स वन में सवार हुए ताकि दुनिया को लगे कि वह उसी विमान से जा रहे हैं। इसके बाद उन्हें चुपचाप एयरपोर्ट के कैटरिंग ट्रक में ले जाया गया, जो उन्हें छोटे C-32A विमान तक ले गया। इसके बाद C-32A विमान ट्रंप को लेकर ब्रिटेन के लिए रवाना हुआ और रात करीब 10 बजकर 20 मिनट पर वहां पहुंचा था।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम और प्रोटोकॉल

पत्रकारों और अन्य कर्मचारियों को ले जा रहा पुराना एयर फ़ोर्स वन विमान कुछ मिनट बाद ब्रिटेन पहुंचा। यह पूरा इंतज़ाम इसलिए किया गया था ताकि हमलावरों को भ्रमित किया जा सके। ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वह अंकारा से ब्रिटेन के RAF मिल्डेनहॉल तक पुराने एयर फ़ोर्स वन विमान से जाएंगे ताकि पुरानी यादें ताज़ा हो सकें। न्यूयॉर्क टाइम्स ने खुलासा किया कि नए विमान में पुराने एयर फ़ोर्स वन की तरह एंटी-मिसाइल डिफेंस जैसे कुछ सुरक्षा फीचर्स नहीं थे। अंकारा से रवाना होने वाले पुराने विमान में सवार पत्रकारों को भी खिड़की के पर्दे नीचे रखने का निर्देश दिया गया था, जो आमतौर पर युद्ध-ग्रस्त इलाकों में किया जाता है।

व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया

ब्रिटेन में विमान के उतरने के बाद, ट्रंप को बड़े एयर फ़ोर्स वन से बाहर निकलते हुए और फिर नए अपग्रेड किए गए विमान की ओर जाते हुए देखा गया। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें वापस बड़े विमान में कैसे ले जाया गया। इस गुप्त उड़ान पर टिप्पणी करते हुए, व्हाइट हाउस के कम्युनिकेशंस डायरेक्टर स्टीवन चेउंग ने कहा कि नया एयर फ़ोर्स वन एक अत्याधुनिक विमान है जिसमें उच्च-स्तरीय सुरक्षा प्रोटोकॉल लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका के कई दुश्मन हैं जिनकी नज़र राष्ट्रपति पर है, और उन खतरों से निपटने के लिए हर संभव साधन का इस्तेमाल किया जाता है। इस खुलासे ने ट्रंप की सुरक्षा व्यवस्था और ईरान के साथ बढ़ते तनाव को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।