फीफा वर्ल्ड कप 2026: इन दिग्गज टीमों में दौड़ता है विदेशी खून, जानें खिलाड़ियों का कनेक्शन

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में स्पेन चैंपियन बना, जबकि अर्जेंटीना, इंग्लैंड और फ्रांस टॉप 4 में रहे। इन दिग्गज टीमों की सफलता के पीछे उन खिलाड़ियों का बड़ा हाथ है जिनकी जड़ें दूसरे देशों और संस्कृतियों से जुड़ी हुई हैं।

फीफा वर्ल्ड कप 2026 का रोमांच अब अपने समापन पर है और इस बार फुटबॉल की दुनिया को एक नया चैंपियन मिला है। स्पेन की टीम ने इस प्रतिष्ठित खिताब को अपने नाम करने में सफलता हासिल की है। इस टूर्नामेंट में कुल 48 टीमों ने हिस्सा लिया था, जिसमें अर्जेंटीना, इंग्लैंड और फ्रांस की टीमों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए टॉप 4 में अपनी जगह बनाई। मैदान पर इन टीमों के बीच जितनी कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, उतनी ही दिलचस्प इन खिलाड़ियों की पृष्ठभूमि भी है। इन दिग्गज टीमों के कई बड़े खिलाड़ियों के माता-पिता या उनका खुद का जन्म किसी दूसरे देश में हुआ है, जो इस खेल की वैश्विक विविधता को दर्शाता है।

चैंपियन स्पेन और विदेशी मूल का कनेक्शन

स्पेन की टीम को ऐतिहासिक रूप से अपनी घरेलू प्रतिभाओं के लिए जाना जाता है, लेकिन हाल के वर्षों में टीम के स्वरूप में बदलाव आया है। इस बार के वर्ल्ड कप स्क्वॉड में कुल 5 खिलाड़ी ऐसे थे जिनका संबंध दूसरे देशों से है। युवा खिलाड़ी लामीन यमाल एक इमिग्रेंट परिवार से आते हैं, उनके पिता मोरक्को और माता इक्वेटोरियल गिनी से हैं। निको विलियम्स के पिता घाना से हैं और उनके भाई इनाकी विलियम्स अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घाना के लिए खेलते हैं और एमेरिक लापोर्टे का जन्म फ्रांस में हुआ था और उन्होंने बाद में स्पेन की नागरिकता ली। इसके अलावा पेड्री कैनरी आइलैंड्स से आते हैं और गावी आंदालुसिया मूल के हैं।

अर्जेंटीना का यूरोपीय मूल से पुराना नाता

खिताब के बेहद करीब पहुंचकर चूकने वाली अर्जेंटीना की टीम में ज्यादातर खिलाड़ी घरेलू मूल के हैं, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण खिलाड़ियों का विदेशी जन्म या पुराना यूरोपीय कनेक्शन रहा है। जूलियानो सिमियोन का जन्म इटली की राजधानी रोम में हुआ था। युवा खिलाड़ी निको पाज का जन्म स्पेन के टेनेरिफ में हुआ था। एलेक्सिस मैक एलिस्टर के परिवार की जड़ें आयरिश और स्कॉटिश वंश से जुड़ी हुई हैं। महान खिलाड़ी लियोनेल मेसी अर्जेंटीना के हैं, लेकिन उनके परिवार का इतिहास काफी पुराना इटालियन मूल का रहा है। गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज की भी दूर की यूरोपीय जड़ें मानी जाती हैं।

इंग्लिश खिलाड़ियों का अफ्रीकी और कैरेबियन कनेक्शन

इंग्लैंड की 2026 वर्ल्ड कप टीम में भी ऐसे कई खिलाड़ी शामिल थे, जिनके माता-पिता किसी दूसरे देश से आकर वहां बसे थे। बुकायो साका के माता-पिता नाइजीरिया से हैं। कोबी मैनू के माता-पिता घाना से ताल्लुक रखते हैं। ज्यूड बेलिंगहैम की माता केन्या से हैं। मार्के गेही का जन्म आइवरी कोस्ट में हुआ था। एबेरेची एजे और नोनी मदुएके के माता-पिता नाइजीरिया से संबंध रखते हैं। एज्री कोंसा के पिता कांगो और माता अंगोला की रहने वाली हैं। डैकलन राइस और हैरी केन दोनों का आयरिश कनेक्शन है, राइस पहले आयरलैंड की यूथ टीम के लिए भी खेल चुके हैं। रीस जेम्स का कनेक्शन कैरेबियाई ग्रेनेडियन डोमिनिकन मूल से है। जारेल क्वान्सा और टीनो लिवरामेंटो के माता-पिता घाना से हैं, जबकि टीनो का पुर्तगाली और स्कॉटिश मूल से भी कनेक्शन है।

फ्रांस की टीम में मल्टीकल्चरल प्रभाव

फ्रांस की टीम में हमेशा से ही विविधता देखने को मिलती रही है और 2026 की स्क्वॉड में भी अफ्रीकी और कैरेबियन मूल के खिलाड़ियों का दबदबा रहा। किलियन एम्बाप्पे के पिता कैमरून और माता अल्जीरियाई मूल की हैं और उस्मान डेम्बेले की जड़ें माली, मॉरिटानिया और सेनेगल से जुड़ी हैं। डयोट उपामेकानो गिनी बिसाउ और जूल्स कुंडे बेनिन मूल के हैं। इब्राहिमा कोनाटे माली मूल के हैं और ऑरेलियन चुआमेनी कैमरून मूल के हैं। विलियम सालिबा का संबंध कैमरून और लेबनान से है। रेयान चेर्की अल्जीरियाई और मैघनेस अकलीउशे अल्जीरिया मोरक्को प्रभाव वाले हैं। ब्रैडली बारकोला टोगो मूल के हैं और डेसिरे डुए आइवरी कोस्ट से ताल्लुक रखते हैं। गोलकीपर माइक मेगन फ्रेंच गियाना मूल के हैं और ब्राइस साम्बा का जन्म कांगो गणराज्य में हुआ था।