कश्मीरी पंडितों का जिक्र कर भावुक हुईं राज्यपाल / 'वो यूं ही सबकुछ छोड़कर नहीं आए, महिलाओं पर हुआ था जुल्म'

Zoom News : Mar 29, 2022, 04:43 PM
आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय का 87 वां दीक्षांत समारोह मंगलवार को खंदारी परिसर में हुआ। समारोह की अध्यक्षता कुलाधिपति के रूप में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में परमार्थ निकेतन आश्रम उत्तराखंड के स्वामी चिदानंद सरस्वती शामिल हुए। दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कश्मीरी पंडितों पर हुए जुल्म का जिक्र किया। इस दौरान वह भावुक हो गईं। 

कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा की कश्मीर से पंडित अपना सबकुछ छोड़कर यूं ही नहीं आए थे। वहां महिलाओं को प्रताड़ित किया गया था। 1991 में आतंकवादियों ने चुनौती दी थी कि लालचौक पर आकर झंडा लहराओ। तब एकता यात्रा लाल चौक पर पहुंची। 43 दिन कन्याकुमारी से कश्मीर पहुंच कर एकता यात्रा में शामिल मैंने भी झंडा लहराया था। 

विश्वविद्यालय प्रशासन से यह कहा

राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय में जिन इमारतों का भी लोकार्पण किया गया है उसकी एक महीने में रिपोर्ट दें। आपको जो जिम्मेदारी दी है, उसका लेखाजोखा बताएं। राजभवन से एक अधिकारी अब विश्वविद्यालय का निरीक्षण करेंगे। हर बिंदु पर रिपोर्ट मुझे सौंपेंगे। 

उन्होंने दीक्षांत समारोह में मौजूद लोगों से कहा कि बिजली बचाने पर काम करो। ग्रीन कैंपस पर काम करो। वृक्ष लगाओ। सामाजिक जिम्मेदारी समझो। अन्य लोगों को भी जिम्मेदारी सौंपे। उन्होंने कहा कि आजाद भारत में हम सुरक्षित हैं। उसके लिए दिए गए बलिदानों को याद करें। सेल्युलर जेल, जलियांवाला बाग में क्या हुआ पढ़ो और जानो।

मुख्य अतिथि ने कहा- महिलाओं का करें सम्मान

दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि स्वामी चिरानंद सरस्वती ने कहा कि यह महान विवि है। इस विवि ने दो-दो राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दिए हैं। साथ ही अजीत डोभाल जैसे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार दिए हैं। महिलाओं का सम्मान करना सीखें। सड़क पर हर बेटी सुरक्षित महसूस करे। गंगा यमुना से संदेश लेना है। गंगा यमुना भेदभाव नहीं करती।  टाइम मैनेजमेंट करें थॉट मैनेजमेंट करें। यही आपको महान बनाएंगे।


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