पुदीना एक ऐसी जड़ी-बूटी है जो न केवल खाने के स्वाद को बढ़ाती है बल्कि अपनी ताजगी भरी खुशबू के लिए भी जानी जाती है। सेहत के लिहाज से भी इसे काफी फायदेमंद माना जाता है, यही वजह है कि लोग चटनी, सलाद, शरबत और जूस जैसे विभिन्न व्यंजनों में इसका भरपूर इस्तेमाल करते हैं। कई लोग बाजार से बार-बार पुदीना खरीदने के बजाय इसे अपने घर के गमले में ही उगाना पसंद करते हैं। हालांकि, अक्सर लोगों को यह शिकायत रहती है कि उनका पुदीने का पौधा सही से बढ़ नहीं रहा है या वह जल्दी सूख जाता है। इस समस्या का समाधान करते हुए प्रसिद्ध गार्डनिंग एक्सपर्ट तरुण चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक विस्तृत वीडियो साझा किया है, जिसमें उन्होंने पुदीने को तेजी से बढ़ाने और उसे हमेशा हरा-भरा रखने के बेहतरीन तरीके बताए हैं।
पुदीने के लिए सही गमले का चुनाव
तरुण चोपड़ा के अनुसार, पुदीने की खेती के लिए गमले का चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है। वे बताते हैं कि पुदीने की जड़ें मिट्टी में बहुत गहराई तक नहीं जाती हैं, बल्कि यह पौधा सतह पर ज्यादा फैलता है और इसलिए, इसे बहुत गहरे गमले की आवश्यकता नहीं होती है। पुदीने के पौधे के लिए 10 से 12 इंच की चौड़ाई वाला गमला सबसे उपयुक्त रहता है। गमले का चुनाव करते समय यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि उसमें पानी की निकासी के लिए ड्रेनेज होल यानी छेद जरूर हों, ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके और जड़ें न सड़ें।
कटिंग से पुदीना उगाने की विधि
एक्सपर्ट का कहना है कि पुदीने को कटिंग के जरिए उगाना सबसे आसान और प्रभावी तरीका है। इसके लिए आपको पुदीने की एक स्वस्थ टहनी लेनी होगी। टहनी के नीचे के हिस्से से कुछ पत्तियां हटा दें और उसे छोटे टुकड़ों में बांटकर मिट्टी में लगा दें। टहनी के जिन हिस्सों को मिट्टी के अंदर दबाया जाता है, वहीं से नई जड़ें निकलती हैं। यदि आप चाहें तो इन कटिंग को पहले पानी में भी रख सकते हैं। लगभग 10 से 15 दिनों के भीतर इनमें जड़ें आने लगती हैं, जिसके बाद इन्हें गमले की मिट्टी में स्थानांतरित किया जा सकता है।
मिट्टी तैयार करने का सही तरीका
पुदीने की अच्छी ग्रोथ के लिए मिट्टी का सही मिश्रण होना अनिवार्य है और गार्डनिंग एक्सपर्ट के मुताबिक, मिट्टी ऐसी होनी चाहिए जो पानी को रोककर न रखे और न ही कीचड़ जैसी बने। एक आदर्श मिट्टी तैयार करने के लिए 30 प्रतिशत गार्डन की मिट्टी में 20 प्रतिशत कोकोपीट, 30 प्रतिशत वर्मी कंपोस्ट, 10 प्रतिशत नीम की खाद और 10 प्रतिशत एप्सम साल्ट मिलाएं। इन सभी सामग्रियों को अच्छी तरह मिलाने से पुदीने के लिए पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी तैयार हो जाती है। इसके अलावा, गमले में 1 से 2 ग्राम एंटीफंगल पाउडर डालना भी बहुत जरूरी है, ताकि पौधे को किसी भी तरह के फंगस के संक्रमण से बचाया जा सके।
पानी और धूप का प्रबंधन
पौधे की देखभाल में पानी और धूप की भूमिका अहम होती है। तरुण चोपड़ा बताते हैं कि गर्मियों के मौसम में पुदीने को आमतौर पर हर दिन पानी देने की जरूरत होती है और पानी इस तरह दें कि मिट्टी में नमी बनी रहे, लेकिन वह चिपचिपी न हो। गमले से अतिरिक्त पानी का निकलना बहुत जरूरी है। इसके साथ ही, गर्मियों की तेज धूप से पौधे को बचाना भी आवश्यक है। सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर 3 बजे के बीच की सीधी और तेज धूप पौधे को नुकसान पहुंचा सकती है, इसलिए इस दौरान पौधे को छायादार स्थान पर रखना बेहतर होता है।
पौधे को घना और हरा-भरा बनाने के टिप्स
अगर आप चाहते हैं कि आपका पुदीने का पौधा बहुत घना और झाड़ीदार दिखे, तो इसके लिए एक्सपर्ट ने एक खास तकनीक बताई है और वे कहते हैं कि पौधे की पत्तियों को अपनी जरूरत के अनुसार नियमित रूप से तोड़ते रहें। जब आप किसी टहनी को ऊपर से काटते हैं, तो वहां से नई शाखाएं निकलती हैं, जिससे पौधा और अधिक घना हो जाता है। यदि पौधे में फूल आने लगें, तो बीज के लिए एक-दो डंडियां छोड़कर बाकी हिस्सों की समय-समय पर कटिंग करते रहें। मिट्टी में बहुत ज्यादा खाद की जरूरत नहीं होती, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर आप लगभग 100 ग्राम वर्मी कंपोस्ट मिट्टी की ऊपरी परत में मिला सकते हैं। एक्सपर्ट के अनुसार, सही तरीके से लगाई गई कटिंग 20 से 25 दिनों में पहली कटाई के लिए तैयार हो जाती है और लगभग 25 से 30 दिनों में पौधा पूरी तरह से विकसित हो जाता है।
