सोना खरीदना किसी बड़े आर्थिक निवेश से कम नहीं है। वर्षों तक पाई-पाई जोड़कर जब हम कोई जेवर खरीदते हैं, तो सबसे बड़ा डर उसकी शुद्धता को लेकर ही सताता है। एक दौर था जब भरोसे का दूसरा नाम सुनार की जुबान हुआ करती थी। इसके बाद हॉलमार्किंग का नियम आया, जिससे ग्राहकों को थोड़ी कानूनी और मानसिक राहत मिली और लेकिन अब शातिर जालसाजों ने इस सुरक्षा घेरे में भी सेंधमारी कर दी है। बाजार में अब धड़ल्ले से नकली हॉलमार्क वाला सोना बेचा जा रहा है। एक ग्राहक के लिए असली और नकली मोहर के बीच का बारीक फर्क समझना लगभग नामुमकिन है और इस बड़ी ठगी का अहसास तब होता है जब उसी गहने को बेचने या बदलने की नौबत आती है और 22 कैरेट के भाव पर खरीदा गया सोना जांच में 18 या महज 14 कैरेट का निकलता है।
नकली मोहर और जालसाजी का खेल
आज के डिजिटल युग में धोखेबाज तकनीक का पूरा बेजा इस्तेमाल कर रहे हैं। कई अनधिकृत डीलर और छोटे व्यापारी गहनों पर लेजर प्रिंटिंग के जरिए ऐसी मोहर (Stamps) लगा देते हैं, जो हूबहू असली हॉलमार्क जैसी नजर आती हैं और नंगी आंखों से देखकर यह पकड़ पाना बेहद मुश्किल है कि गहने पर उकेरा गया निशान सरकारी मानकों पर खरा उतरा है या सिर्फ एक छलावा है। इसी धोखाधड़ी से अपनी गाढ़ी कमाई को बचाने के लिए यह जानना जरूरी है कि आप खुद कैसे इसकी परख कर सकते हैं।
HUID कोड है आपके गहने की असली कुंडली
सरकार ने ग्राहकों की सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए हर नए आभूषण पर HUID (हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन) नंबर दर्ज करना अनिवार्य कर दिया है। यह छह अंकों का एक अल्फ़ान्यूमेरिक कोड होता है, जैसे कि AZ1234। यही इकलौता कोड आपके सोने की असली पहचान है। इसकी जांच के लिए सबसे पहले अपने स्मार्टफोन में ‘BIS Care App’ डाउनलोड करें। ऐप खोलते ही आपको ‘Verify HUID’ का एक विकल्प दिखाई देगा। अपने गहने पर दर्ज छह अंकों का कोड वहां डालें। ऐसा करते ही स्क्रीन पर उस आभूषण की पूरी जानकारी सामने आ जाएगी और यदि ऐप पर गहने से जुड़ा कोई डेटा नहीं दिखता है, तो यह स्पष्ट संकेत है कि आपको नकली सोना थमा दिया गया है।
चुंबक और डेंसिटी से करें परीक्षण
हालांकि लेबोरेटरी जैसी सटीक वैज्ञानिक जांच घर पर संभव नहीं है, फिर भी कुछ बुनियादी और आसान तरीके आपको बड़े नुकसान से बचा सकते हैं और धातु विज्ञान के अनुसार, सोना एक ‘नॉन-मैग्नेटिक’ धातु है। इसका सीधा मतलब है कि यह चुंबक की ओर आकर्षित नहीं होता और अगर आपका आभूषण चुंबक के करीब ले जाने पर उससे चिपक रहा है, तो उसमें लोहे या निकल जैसी सस्ती धातुओं की भारी मिलावट की गई है। इसके अलावा, डेंसिटी यानी घनत्व परीक्षण एक पुराना मगर काफी प्रामाणिक तरीका है। सोने का घनत्व अन्य कई धातुओं की तुलना में काफी ज्यादा होता है। घर पर एक पानी के गिलास और सटीक वजन नापने वाली मशीन से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। शुद्ध सोने का वजन उसके द्वारा हटाए गए पानी के अनुपात में एक खास गणना पर एकदम सटीक बैठता है। अगर आपको गहना पानी में सामान्य से हल्का महसूस हो, तो शक की गुंजाइश बन जाती है।
सिरेमिक प्लेट से पहचान का आसान उपाय
एक और बेहद आसान उपाय सिरेमिक प्लेट का है। गहने को किसी सिरेमिक प्लेट पर हल्का सा रगड़कर देखें। अगर सुनहरी रेखा बनती है, तो सोना असली है। वहीं, अगर यह लकीर काली या गहरे रंग की उभरे, तो यह मिलावट का पक्का सबूत है और इन महत्वपूर्ण बिंदुओं को ध्यान में रखकर आप ठगी का शिकार होने से बच सकते हैं।
इन घरेलू और डिजिटल तरीकों को अपनाकर आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपकी मेहनत की कमाई से खरीदा गया सोना पूरी तरह शुद्ध और असली है।
