पाकिस्तान के इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता की कोशिश नाकाम होने के बाद अब निगाहें रूस पर टिकी हुई हैं और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची सोमवार को मॉस्को दौरे पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलेंगे। यह एक अहम कूटनीतिक पड़ाव होगा, क्योंकि पश्चिम एशिया शांति के लिए बातचीत और सीजफायर की कोशिशें जारी हैं। इससे पहले अमेरिका के साथ वार्ता के दूसरे दौर को लेकर अनिश्चितता के बीच 24 घंटे में दूसरी बार पाकिस्तान पहुंचे अब्बास अरागची ने रविवार को यहां पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से मुलाकात की। ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, इस्लामाबाद में संक्षिप्त प्रवास के बाद ईरानी नेता मॉस्को के लिए रवाना होंगे।
रूस की एंट्री और कूटनीतिक प्रयास
रूस में ईरान के राजदूत काजम जलाली के हवाले से बताया गया कि अरागची के पुतिन से मिलने और “बातचीत, सीजफायर और आस-पास के डेवलपमेंट की ताजा स्थिति के बारे में रूसी अधिकारियों से सलाह-मशविरा करने” की उम्मीद है। वह अमेरिका और इजराइल के बीच चल रहे युद्ध को खत्म करने के मकसद से हो रही बातचीत पर एक रिपोर्ट भी पेश करेंगे। मॉस्को का यह दौरा एक व्यस्तम कूटनीतिक दौरे के बाद हो रहा है। ईरान की सरकारी एजेंसी ISNA के मुताबिक, अरागची पाकिस्तानी अधिकारियों से मिलकर मिडिल ईस्ट में “युद्ध को पूरी तरह खत्म करने के लिए किसी भी समझ के फ्रेमवर्क पर ईरान की स्थिति और विचार” पेश करने वाले थे।
क्षेत्रीय वार्ता और होर्मुज जलडमरूमध्य का संकट
इस्लामाबाद में मीटिंग के बाद अरागची ओमान गए थे, जबकि दूसरे ईरानी दूत “युद्ध खत्म करने से जुड़े मुद्दों पर सलाह-मशविरा करने और जरूरी निर्देश लेने” के लिए तेहरान लौट आए थे और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, रक्षा बलों के प्रमुख फील्ड मार्शल मुनीर और अन्य शीर्ष अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद अराघची शनिवार को इस्लामाबाद से रवाना हुए थे। ओमान में उन्होंने सुल्तान हैथम बिन तारिक अल-सैद के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा और ईरान-अमेरिका संघर्ष को समाप्त करने के लिए राजनयिक प्रयासों पर बातचीत की। अरागची ने पाकिस्तान के मिलिट्री चीफ असीम मुनीर, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और विदेश मंत्री इशाक डार से मुलाकात को “बहुत फायदेमंद” बताया, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अभी यह देखना बाकी है कि अमेरिका सच में डिप्लोमेसी को लेकर सीरियस है या नहीं।
ट्रंप का रुख और परमाणु तनाव
होर्मुज स्ट्रेट पर गतिरोध बना हुआ है, क्योंकि ईरान ने इससे आने-जाने पर रोक लगा दी है और अमेरिका ने ईरानी पोर्ट्स पर नाकाबंदी कर दी है। ईरान ओमान को टोल वसूलने के एक सिस्टम के लिए मनाना चाहता है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे फोन पर बात कर सकते हैं, लेकिन उन्होंने शर्त रखी है कि ईरान के पास न्यूक्लियर वेपन नहीं होगा। ट्रंप ने बताया कि विटकॉफ और कुशनर की इस्लामाबाद यात्रा कैंसिल होने के 10 मिनट के अंदर ईरान ने एक बेहतर प्रपोजल भेजा था। ट्रंप ने उस सीजफायर को अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया है जिस पर 7 अप्रैल को सहमति बनी थी। हालांकि, इजराइल और हिज्बुल्लाह के बीच सीजफायर को तीन हफ्ते के लिए बढ़ाया गया है, लेकिन हिज्बुल्लाह ने वॉशिंगटन की मध्यस्थता वाली डिप्लोमेसी में हिस्सा नहीं लिया है।
