Rahul Gandhi Loksabha: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बड़ा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा है। राहुल गांधी ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि एक परंपरा के तहत नेता प्रतिपक्ष को अपनी बात रखने का अधिकार होता है, लेकिन जब भी वे खड़े होते हैं, उन्हें रोका जाता है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि लोकसभा का संचालन किस प्रकार किया जा रहा है।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने कहा, "हम जो कहना चाहते हैं, हमें कहने नहीं दिया जाता। मैंने कुछ भी गलत नहीं किया, मैं बिल्कुल शांति से बैठा था। लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष दोनों की अपनी-अपनी भूमिकाएँ होती हैं, लेकिन यहां ऐसा नहीं दिख रहा है। विपक्ष की कोई जगह नहीं है, केवल सरकार की ही सुनवाई हो रही है।"
उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुंभ मेले के बारे में लोकसभा में बात की थी। वे इसमें अपनी बात जोड़ना चाहते थे और बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दे पर बोलना चाहते थे, लेकिन उन्हें इसका अवसर नहीं दिया गया।
स्पीकर की नसीहत और सदन का माहौल
लोकसभा के स्पीकर ने भी हाल ही में सांसदों के आचरण को लेकर नसीहत दी है। दो दिन पहले राहुल गांधी ने अपनी बहन प्रियंका गांधी के साथ एक अनोखे तरीके से अभिवादन किया था, जिस पर स्पीकर ने आपत्ति जताई थी।
इस घटना के बाद कांग्रेस सांसदों ने सदन में यह मुद्दा उठाया कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में आते हैं तो बीजेपी के सभी सांसद खड़े हो जाते हैं, जो सदन की कार्यप्रणाली के खिलाफ है। इस पर भी विपक्ष ने आपत्ति जताई और इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बताया।
लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका पर सवाल
राहुल गांधी के इन आरोपों ने भारतीय लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका और उसकी स्वतंत्रता पर बहस छेड़ दी है। क्या वाकई में विपक्ष को दबाया जा रहा है, या यह महज एक राजनीतिक रणनीति है? यह सवाल अब देशभर में चर्चा का विषय बन गया है।
#WATCH दिल्ली: लोकसभा नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, "एक कन्वेंशन है कि नेता प्रतिपक्ष को बोलने दिया जाता है। मैं जब भी खड़ा होता हूं तो मुझे बोलने नहीं दिया जाता। मैं नहीं जानता कि सदन किस प्रकार चल रहा है। यहां हम जो कहना चाहते हैं, हमें कहने नहीं दिया… pic.twitter.com/jDzDamLzrr
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 26, 2025
