- भारत,
- 08-Nov-2025 08:49 AM IST
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGIA) पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) प्रणाली में आई तकनीकी खराबी ने पिछले 40 घंटों से अधिक समय तक हवाई यात्रा को बुरी तरह प्रभावित किया है और गुरुवार दोपहर से शुरू हुई इस समस्या के कारण देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डे पर सैकड़ों उड़ानें या तो देरी से चलीं या उनके संचालन में बाधा आई। हालांकि, अब धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होने की ओर अग्रसर है, लेकिन यात्रियों को अभी भी अपनी संबंधित एयरलाइनों। से संपर्क में रहने की सलाह दी जा रही है ताकि वे अपनी उड़ान की नवीनतम स्थिति जान सकें।
यह तकनीकी खराबी स्वचालित संदेश स्विचिंग प्रणाली (AMSS) में आई थी, जो एयर ट्रैफिक कंट्रोल के सुचारू संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। AMSS के ठीक से काम न करने के कारण, एयर ट्रैफिक के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी जैसे कॉल साइन, उड़ान मार्ग, प्रस्थान और गंतव्य जैसी जानकारी पायलटों को रेडियो टेलीफोनी के माध्यम से मैन्युअल रूप से देनी पड़ी और इस मैन्युअल प्रक्रिया ने स्वाभाविक रूप से संचालन की गति को धीमा कर दिया, जिससे उड़ानों के टेक-ऑफ और लैंडिंग में काफी देरी हुई। दिल्ली हवाई अड्डे पर औसतन हर घंटे 63 उड़ानों की आवाजाही होती है, जो प्रतिदिन लगभग 1500 आवाजाही के बराबर है। इस व्यस्तता के कारण, एक छोटी सी तकनीकी समस्या भी बड़े पैमाने पर व्यवधान पैदा कर सकती है।यात्रियों को हुई भारी असुविधा
फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट फ्लाइट रडार 24 के आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार सुबह 5 बजे से रात 8 बजे के बीच, इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 383 से अधिक डिपार्चर और 163 अराइवल फ्लाइटें 45 मिनट से अधिक देरी से चलीं। कुल मिलाकर, लगभग 500 उड़ानें इस तकनीकी खराबी से प्रभावित हुईं। यात्रियों को हवाई अड्डे पर लंबे इंतजार का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी यात्रा योजनाओं में भारी व्यवधान आया। कई यात्रियों को अपनी कनेक्टिंग फ्लाइट्स छूटने का डर सता रहा था, जबकि कुछ को महत्वपूर्ण बैठकों या आयोजनों में पहुंचने में देरी का सामना करना पड़ा और इस स्थिति ने हवाई अड्डे पर एक अराजक माहौल पैदा कर दिया था, जहां यात्री अपनी उड़ानों की स्थिति जानने के लिए लगातार जानकारी मांग रहे थे।
यात्रियों को हुई भारी असुविधा
फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट फ्लाइट रडार 24 के आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार सुबह 5 बजे से रात 8 बजे के बीच, इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 383 से अधिक डिपार्चर और 163 अराइवल फ्लाइटें 45 मिनट से अधिक देरी से चलीं। कुल मिलाकर, लगभग 500 उड़ानें इस तकनीकी खराबी से प्रभावित हुईं। यात्रियों को हवाई अड्डे पर लंबे इंतजार का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी यात्रा योजनाओं में भारी व्यवधान आया। कई यात्रियों को अपनी कनेक्टिंग फ्लाइट्स छूटने का डर सता रहा था, जबकि कुछ को महत्वपूर्ण बैठकों या आयोजनों में पहुंचने में देरी का सामना करना पड़ा और इस स्थिति ने हवाई अड्डे पर एक अराजक माहौल पैदा कर दिया था, जहां यात्री अपनी उड़ानों की स्थिति जानने के लिए लगातार जानकारी मांग रहे थे।मैन्युअल संचालन की चुनौतियाँ
AMSS के खराब होने के बाद, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स को मैन्युअल रूप से काम करना पड़ा, जो एक जटिल और समय लेने वाली प्रक्रिया है और पायलटों को रेडियो टेलीफोनी के माध्यम से आवश्यक जानकारी प्रदान करना, जैसे कि उड़ान मार्ग और गंतव्य, स्वचालित प्रणाली की तुलना में बहुत धीमा होता है। इस मैन्युअल हस्तक्षेप ने न केवल उड़ानों में देरी की, बल्कि एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स पर भी अतिरिक्त दबाव डाला, जिन्हें अत्यधिक सावधानी और सटीकता के साथ काम करना पड़ा। पिछले दो दिनों से यह प्रणाली सुस्त थी, जिसके चलते कम से कम 23 उड़ानों में देरी हुई, जिससे शहर में कोहरे के कारण कम विजिबिलिटी का असर और भी बढ़ गया और कोहरे के कारण पहले से ही कम दृश्यता की समस्या थी, और ATC की खराबी ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया।स्थिति सामान्य होने के प्रयास
एयरपोर्ट प्रशासन, जो दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (डायल) द्वारा संचालित है, ने बताया कि स्वचालित। संदेश स्विचिंग प्रणाली (AMSS) को प्रभावित करने वाली तकनीकी समस्याओं में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। सभी संबंधित अधिकारी किसी भी असुविधा को कम करने और परिचालन। को सामान्य करने के लिए तत्परता से काम कर रहे हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने शुक्रवार शाम को ही घोषणा की थी कि सिस्टम की गड़बड़ी को ठीक कर दिया गया है। हालांकि, उड़ानों का एक बड़ा बैकलॉग होने के कारण, पूरी तरह से सामान्य स्थिति लौटने में अभी कुछ समय लगने की संभावना है। यात्रियों से धैर्य रखने और अपनी एयरलाइनों से लगातार संपर्क में रहने का आग्रह किया गया है।आगे की राह और भविष्य की चुनौतियाँ
इस घटना ने देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डे पर तकनीकी प्रणालियों की विश्वसनीयता और उनके बैकअप तंत्रों की समीक्षा की आवश्यकता पर प्रकाश डाला है। दिल्ली हवाई अड्डे पर एयरलाइन परिचालन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है, और अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं कि यात्रियों को कम से कम असुविधा हो। भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए, तकनीकी प्रणालियों के रखरखाव और उन्नयन पर विशेष ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा। यह सुनिश्चित करना कि महत्वपूर्ण प्रणालियों में पर्याप्त अतिरेक (redundancy) हो, ऐसी स्थितियों से निपटने में मदद कर सकता है और यात्रियों के लिए एक सुचारू और सुरक्षित यात्रा अनुभव सुनिश्चित कर सकता है।Update on Technical Fault at IGI Airport, New Delhi
— Airports Authority of India (@AAI_Official) November 7, 2025
NEW DELHI, November 7, 2025 - AAI at Indira Gandhi International Airport addressed a technical issue in the Automatic Message Switching System (AMSS), which caused delays in processing flight plan messages. The issue was…
