अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने मंगलवार को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि ईरान युद्ध ने इस साल वैश्विक आर्थिक गति को धीमा कर दिया है। IMF के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 2025 की तुलना में विकास दर में गिरावट आने की संभावना है। 1% कर दिया है। 4% की वृद्धि की तुलना में एक महत्वपूर्ण कमी को दर्शाती है।
ऊर्जा संकट और महंगाई का दबाव
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान पर सैन्य कार्रवाइयों और तेहरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) को बंद करने की धमकियों ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को अस्थिर कर दिया है और पड़ोसी देशों में तेल रिफाइनरियों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमलों के कारण तेल और गैस की कीमतों में भारी उछाल आया है। 4% कर दिया है। 8% लगाया गया था, जिसे अब संशोधित किया गया है।
युद्ध से पहले की आर्थिक स्थिति
संघर्ष शुरू होने से पहले वैश्विक अर्थव्यवस्था ने अप्रत्याशित मजबूती दिखाई थी। अमेरिका द्वारा आयात शुल्क बढ़ाए जाने के बावजूद, डेटा सेंटर्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में भारी निवेश ने आर्थिक गतिविधियों को सहारा दिया था। बढ़ती उत्पादकता और तकनीकी उछाल ने दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को स्थिर रखने में मदद की थी। हालांकि, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने इस सकारात्मक गति को बाधित कर दिया है।
प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं पर प्रभाव
3% कर दिया है। 4% के अनुमान से कम है। प्राकृतिक गैस की बढ़ती कीमतों ने यूरोपीय देशों को विशेष रूप से प्रभावित किया है। 3% कर दिया गया है।
रूस और यूक्रेन की स्थिति
इस आर्थिक उथल-पुथल के बीच रूस को ऊर्जा निर्यातक होने के कारण लाभ मिलता दिख रहा है। 1% की वृद्धि की संभावना जताई है। 9% तक पहुंच गई है। यूक्रेन के नेशनल बैंक के अनुसार, युद्ध और ऊर्जा संकट के कारण उत्पादन लागत और खाद की कीमतों में वृद्धि हुई है, जिससे आर्थिक स्थिरता बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
