पीएम मोदी ने इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 का उद्घाटन किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के भारत मंडपम में 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026' का उद्घाटन किया। इस वैश्विक शिखर सम्मेलन में 60 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और तकनीकी दिग्गज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य और सहयोग पर चर्चा करने के लिए एकत्रित हुए हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026' का औपचारिक उद्घाटन किया। इस वैश्विक शिखर सम्मेलन का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से सामाजिक-आर्थिक विकास के नए रास्ते तलाशना है और उद्घाटन समारोह के बाद प्रधानमंत्री ने उपस्थित वैश्विक नेताओं और तकनीकी विशेषज्ञों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने एआई को लेकर भारत की राष्ट्रीय रणनीति और इसके माध्यम से 'ग्लोबल साउथ' के देशों को सशक्त बनाने के दृष्टिकोण को साझा किया। प्रधानमंत्री ने शिखर सम्मेलन के दौरान एआई इम्पैक्ट एक्सपो का भी दौरा किया जहां उन्होंने विभिन्न देशों और कंपनियों द्वारा प्रदर्शित की गई अत्याधुनिक तकनीकों का अवलोकन किया।

शिखर सम्मेलन की पृष्ठभूमि और वैश्विक नेताओं का स्वागत

इस शिखर सम्मेलन की शुरुआत से पहले बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी ने भारत मंडपम में कई वैश्विक नेताओं का स्वागत किया था। इनमें संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुतारेस और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा प्रमुख रूप से शामिल रहीं और इसके अतिरिक्त श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायका, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे और मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने भी इस आयोजन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। क्रोएशिया, सर्बिया, एस्टोनिया, फिनलैंड और यूनान जैसे देशों के राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री ने एआई के क्षेत्र में वैश्विक एकजुटता पर बल दिया और भारत मंडपम को इस आयोजन के लिए विशेष रूप से सजाया गया है जहां लाखों लोग एआई की दुनिया के विभिन्न पहलुओं से रूबरू हो रहे हैं।

सहभागिता और आधिकारिक कार्यक्रम का विवरण

इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में 60 से अधिक देशों की भागीदारी देखी जा रही है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस सम्मेलन में 100 से अधिक सरकारी प्रतिनिधि शामिल हैं जिनमें 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष और लगभग 60 मंत्री व उप-मंत्री स्तर के अधिकारी हैं। तकनीकी जगत से 500 से अधिक एआई विशेषज्ञ, 100 सीईओ और संस्थापक, 150 शिक्षाविद और 400 मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (CTO) इस मंथन का हिस्सा बन रहे हैं। आज के कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9:15 बजे वैश्विक नेताओं के साथ एक 'फैमिली फोटो' से हुई। इसके बाद सुबह 9:40 बजे प्रधानमंत्री ने समिट का उद्घाटन किया और 10:30 बजे अपना मुख्य संबोधन दिया। दोपहर 12:00 बजे एक विशेष सत्र आयोजित किया गया जिसमें एआई से जुड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्राथमिकताओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

प्रदर्शनी में स्वदेशी और वैश्विक नवाचारों का प्रदर्शन

समिट के दौरान आयोजित एआई इम्पैक्ट एक्सपो में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, आईबीएम, ओपनएआई और एंथ्रोपिक जैसी दिग्गज कंपनियों ने अपने नवीनतम एआई मॉडल प्रदर्शित किए हैं। आईबीएम ने एक विशेष एआई टूल पेश किया है जो कृषि क्षेत्र में फसलों की बीमारियों की पहचान करने और उनके उपचार के सुझाव देने में सक्षम है और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने एक स्मार्ट फेशियल रिकॉग्निशन टूल का प्रदर्शन किया है जो भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अपराधियों और संदिग्धों की पहचान करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह तकनीक नकाब या हेलमेट पहने होने की स्थिति में भी सटीक पहचान करने का दावा करती है और इसके अलावा एएमडी और आईबीएम जैसी कंपनियों ने भी विभिन्न क्षेत्रों के लिए उपयोगी एआई समाधानों को शोकेस किया है।

प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति और संबोधन में बदलाव

शिखर सम्मेलन के दौरान कुछ महत्वपूर्ण कूटनीतिक और संगठनात्मक अपडेट भी सामने आए हैं और गेट्स फाउंडेशन इंडिया ने स्पष्ट किया है कि बिल गेट्स इस समिट में अपना मुख्य भाषण नहीं देंगे। उनकी जगह फाउंडेशन के अफ्रीका और भारत कार्यालयों के अध्यक्ष अंकुर वोरा शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे। वहीं भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई के साथ अपनी मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए आयोजन की सफलता पर संतोष व्यक्त किया। शाम 5:30 बजे प्रधानमंत्री मोदी एक 'सीईओ राउंडटेबल' बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में सुंदर पिचाई, सैम ऑल्टमैन और अन्य वैश्विक दिग्गज शामिल होंगे जहां एआई आपूर्ति श्रृंखला, अनुसंधान सहयोग और रणनीतिक साझेदारी जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।

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