नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाले इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो-2026 में कनाडा ने अपनी सक्रिय भागीदारी की घोषणा की है। भारत में कनाडा के उच्चायोग द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, कनाडा इस वैश्विक मंच के माध्यम से भारत के साथ अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) साझेदारी को सुदृढ़ करने के लिए तैयार है। यह आयोजन 18 से 21 फरवरी 2026 तक निर्धारित है, जिसमें वैश्विक स्तर के तकनीकी नेतृत्वकर्ता और नीति निर्माता भविष्य की अर्थव्यवस्था को आकार देने वाले विषयों पर चर्चा करेंगे। कनाडा की यह भागीदारी दोनों देशों के बीच तकनीकी और कूटनीतिक संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ मानी जा रही है।
मंत्री इवान सोलोमन की यात्रा और आधिकारिक बैठकें
कनाडा के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल इनोवेशन मंत्री इवान सोलोमन सीनियर इस एक्सपो में कनाडाई प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, मंत्री सोलोमन 18 से 21 फरवरी तक चलने वाले इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान भारतीय सरकारी अधिकारियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ उच्च स्तरीय बैठकें करेंगे। उच्चायोग ने स्पष्ट किया है कि इस यात्रा का प्राथमिक उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में व्यावहारिक साझेदारी को धरातल पर उतारना है। मंत्री सोलोमन इससे पूर्व जर्मनी में म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में भाग ले चुके हैं, जिसके बाद भारत का यह दौरा उनके वैश्विक तकनीकी एजेंडे का हिस्सा है।
कनाडाई एआई कंपनियों की भागीदारी और निवेश
इस एक्सपो में कनाडा की कई प्रमुख आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल नवाचार कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। कनाडाई उच्चायोग के अनुसार, यह मंच कनाडाई कंपनियों के लिए भारतीय बाजार में अवसरों का विस्तार करने और नए निवेश को आकर्षित करने का एक बड़ा माध्यम बनेगा और प्रतिनिधिमंडल में शामिल कंपनियां स्वास्थ्य सेवा, कृषि, वित्त और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में एआई के अनुप्रयोगों का प्रदर्शन करेंगी। अधिकारियों का मानना है कि इस सहयोग से वैश्विक अर्थव्यवस्था में कनाडा की प्रतिस्पर्धी स्थिति मजबूत होगी और दोनों देशों के तकनीकी स्टार्टअप्स के बीच सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे।
भारत-कनाडा द्विपक्षीय संबंधों में तकनीकी सहयोग
विशेषज्ञों और अधिकारियों के अनुसार, इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो में कनाडा की भागीदारी दोनों देशों के बीच बदलते कूटनीतिक परिदृश्य का संकेत है। पिछले कुछ समय में द्विपक्षीय संबंधों में आए उतार-चढ़ाव के बाद, तकनीकी सहयोग को एक सेतु के रूप में देखा जा रहा है। कनाडा ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि भारत के साथ एआई क्षेत्र में जुड़ना उसकी आर्थिक रणनीति के लिए महत्वपूर्ण है। यह दौरा न केवल व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा देगा, बल्कि डेटा सुरक्षा, एआई नैतिकता और डिजिटल गवर्नेंस जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी साझा समझ विकसित करने में मदद करेगा।
इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 का महत्व
भारत मंडपम में आयोजित हो रहा यह एक्सपो भारत की 'एआई फॉर ऑल' पहल का एक हिस्सा है। इसमें दुनिया भर के 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। एक्सपो का मुख्य फोकस एआई के माध्यम से सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन लाना है और कनाडा की भागीदारी इस आयोजन को और अधिक वैश्विक विस्तार प्रदान करती है। समिट के दौरान विभिन्न सत्रों में एआई के जिम्मेदार उपयोग, कंप्यूटिंग क्षमता के विस्तार और भविष्य के कौशल विकास पर चर्चा की जाएगी। कनाडाई प्रतिनिधिमंडल इन सत्रों में अपने अनुभव साझा करेगा और भारतीय नवाचारों के साथ तालमेल बिठाने का प्रयास करेगा।
भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था और वैश्विक प्रतिस्पर्धा
कनाडा के उच्चायोग ने रेखांकित किया है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी स्थिति बनाए रखने के लिए एआई क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग अनिवार्य है। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के माध्यम से कनाडा अपनी तकनीकी विशेषज्ञता को भारतीय बाजार की विशाल संभावनाओं के साथ जोड़ना चाहता है और अधिकारियों के अनुसार, इस यात्रा के दौरान कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है, जो अनुसंधान और विकास (R&D) में सहयोग को बढ़ावा देंगे। यह भागीदारी न केवल द्विपक्षीय व्यापार को गति देगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर एआई मानकों को निर्धारित करने में भी दोनों देशों की भूमिका को महत्वपूर्ण बनाएगी।
Canada is in New Delhi this week to strengthen its AI partnership with India and engage with global leaders shaping the economy of the future. (1/3)
— Canada in India (@CanadainIndia) February 18, 2026
