भारत-EU की 'मदर ऑफ ऑल डील': BMW और शराब होगी सस्ती, जानें क्या-क्या बदला

भारत और यूरोपीय संघ के बीच 18 साल के लंबे इंतजार के बाद ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर मुहर लग गई है। इस समझौते से लग्जरी कारों, शराब और चॉकलेट जैसी चीजों के दाम भारी गिरेंगे और व्यापार के नए रास्ते खुलेंगे।

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (FTA) की घोषणा हो गई है। 27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में हुए 16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन के दौरान यह बड़ी उपलब्धि हासिल हुई। लगभग 18 साल की लंबी और कभी-कभी रुकी हुई बातचीत के बाद यह समझौता अंतिम रूप ले चुका है, जिसे दुनिया भर में "मदर ऑफ ऑल डील्स" (सभी डीलों की जननी) कहा जा रहा है।

यह समझौता दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों—भारत और 27 देशों वाले यूरोपीय संघ—के बीच आर्थिक, रणनीतिक और लोगों के बीच संबंधों का एक नया अध्याय शुरू कर रहा है। इससे करीब 2 अरब लोगों का एक विशाल बाजार तैयार होगा, जो वैश्विक जीडीपी का लगभग 25% और वैश्विक व्यापार का एक बड़ा हिस्सा कवर करेगा।

घोषणा के मुख्य क्षण और नेताओं के बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे भारत के इतिहास का सबसे बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट बताया। उन्होंने कहा, "कल (गणतंत्र दिवस) एक ऐतिहासिक क्षण था जब यूरोपीय नेताओं ने पहली बार भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। आज एक और ऐतिहासिक क्षण है, जब दो प्रमुख लोकतांत्रिक शक्तियां अपने संबंधों में नया अध्याय जोड़ रही हैं।"

पीएम मोदी ने जोर दिया कि यह समझौता सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि साझा समृद्धि का रोडमैप है। इससे निवेश बढ़ेगा, नवाचार की साझेदारियां बनेगी, सप्लाई चेन मजबूत होगी और भारतीय किसानों, छोटे उद्योगों तथा सर्विस सेक्टर को यूरोपीय बाजार तक आसान पहुंच मिलेगी। उन्होंने रक्षा और सुरक्षा सहयोग को रणनीतिक साझेदारी की नींव बताया और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सह-विकास व सह-उत्पादन के नए अवसरों का जिक्र किया।

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने पीएम मोदी को बधाई देते हुए कहा, "पीएम मोदी, हमने कर दिखाया! हमने मदर ऑफ ऑल डील्स कर ली है।" उन्होंने इसे दोनों महाशक्तियों की जीत बताया, जो लाखों रोजगार पैदा करेगी और भारतीय कौशल, सेवाओं व स्केल को यूरोपीय प्रौद्योगिकी, पूंजी व नवाचार से जोड़ेगी। इससे रणनीतिक निर्भरता कम होगी, खासकर ऐसे समय में जब व्यापार को हथियार बनाया जा रहा है।

यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने खुद को ओवरसीज इंडियन सिटिजन बताते हुए भावुक होकर कहा कि उनकी गोवा से जुड़ी पहचान उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा, "यह समझौता सिर्फ आधिकारिक नहीं, बल्कि मेरे लिए निजी भी है।" कोस्टा ने जोर दिया कि बदलते वैश्विक व्यवस्था में भारत और EU रणनीतिक व भरोसेमंद साझेदार के रूप में खड़े हैं। सुरक्षा के बिना समृद्धि नहीं हो सकती, इसलिए पहली बार इतना व्यापक रक्षा और सुरक्षा साझेदारी समझौता हुआ है।

प्रमुख टैरिफ कटौती और लाभ

इस FTA में कई महत्वपूर्ण टैरिफ में कटौती की गई है (ज्यादातर 7 साल में पूरी तरह लागू होगी):

  • लग्जरी कारें (BMW, Mercedes आदि): टैरिफ 110% से घटाकर 10% (सालाना 2.5 लाख यूनिट की सीमा के साथ)।
  • शराब और वाइन: 150% से घटाकर 20-30% (कुछ रिपोर्ट्स में बीयर पर 50% तक कटौती का जिक्र)।
  • मशीनरी: 44% तक का टैरिफ ज्यादातर खत्म।
  • केमिकल्स: 22% तक का टैरिफ ज्यादातर हटाया गया।
  • फार्मास्यूटिकल्स: 11% तक का टैरिफ ज्यादातर खत्म।
  • एयरक्राफ्ट और स्पेसक्राफ्ट: लगभग सभी उत्पादों पर टैरिफ हटाया।
  • खाद्य उत्पाद: ऑलिव ऑयल, मार्जरीन, वेजिटेबल ऑयल, फ्रूट जूस, प्रोसेस्ड फूड, पास्ता और चॉकलेट पर टैरिफ पूरी तरह खत्म।

भारत से यूरोप को निर्यात बढ़ेगा, खासकर कृषि, विनिर्माण और सेवाओं में।

अन्य महत्वपूर्ण प्रावधान

  • ग्रीन एनर्जी सहयोग: EU अगले दो साल में भारत को ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम करने के लिए €500 मिलियन (लगभग 4,500 करोड़ रुपये) की मदद देगा।
  • डिजिटल ट्रेड: ऑनलाइन कारोबार को सुरक्षित, निष्पक्ष बनाने के लिए अलग चैप्टर।
  • इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी: EU के ट्रेडमार्क, डिजाइन, कॉपीराइट को मजबूत सुरक्षा।
  • SME सपोर्ट: छोटे-मध्यम उद्योगों के लिए संपर्क पॉइंट्स।
  • सेवाएं: फाइनेंशियल और मैरीटाइम सर्विसेज में EU कंपनियों को बेहतर पहुंच।
  • IME कॉरिडोर: भारत-EU मिलकर इसे आगे बढ़ाएंगे।

व्यापक प्रभाव

यह समझौता वैश्विक उथल-पुथल (जैसे अमेरिकी टैरिफ नीतियों) के बीच भारत और EU को विविधीकरण का मौका देता है। इससे नियम-आधारित व्यापार मजबूत होगा, रोजगार बढ़ेंगे और सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा। कानूनी जांच और संसदीय मंजूरी के बाद औपचारिक हस्ताक्षर कुछ महीनों में होंगे, संभावित रूप से 2027 से लागू।

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