भारत-EU ट्रेड डील: अब यूरोप में नौकरी और डॉक्टरी करना होगा आसान

भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच ऐतिहासिक 'मदर ऑफ डील' साइन हुई है। इससे भारतीय युवाओं को यूरोप के 27 देशों में नौकरी के बड़े अवसर मिलेंगे और डॉक्टर भी वहां प्रैक्टिस कर सकेंगे।

भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच एक ऐतिहासिक व्यापारिक समझौता हुआ है जिसे 'मदर ऑफ डील' कहा जा रहा है। मंगलवार को हुए इस समझौते ने न केवल व्यापार के नए रास्ते खोले हैं, बल्कि। भारतीय युवाओं और प्रोफेशनल्स के लिए यूरोप के दरवाजे भी पूरी तरह से खोल दिए हैं। यह समझौता भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक संजीवनी की तरह देखा जा रहा है, जिससे आने वाले समय में लाखों रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।

युवाओं के लिए नौकरी के सुनहरे अवसर

इस समझौते का सबसे बड़ा फायदा उन भारतीय युवाओं को मिलेगा जो यूरोप में अपना करियर बनाना चाहते हैं। 2027 से लागू होने वाले इस समझौते के तहत, यूरोपीय संस्थानों से स्नातक करने वाले। भारतीय प्रोफेशनल्स को अब नौकरी खोजने के लिए 9 से 12 महीने का गारंटीड समय मिलेगा। पहले वीजा और वर्क परमिट की जटिलताओं के कारण युवाओं को पढ़ाई पूरी होते ही वापस आना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें एक साल का समय मिलेगा ताकि वे वहां की कंपनियों में अपनी जगह बना सकें।

144 सर्विस सेक्टर में मिलेगी एंट्री

भारत और EU के बीच हुए इस समझौते के तहत भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स, इंजीनियरों और अन्य विशेषज्ञों को यूरोपीय यूनियन के 144 सर्विस सेक्टर में काम करने की अनुमति मिलेगी। यह एक बहुत बड़ा बाजार है जो अब तक कई प्रतिबंधों से घिरा हुआ था। इसके बदले में, भारत ने भी यूरोपीय कंपनियों के लिए अपने 102 सर्विस सेक्टर खोल दिए हैं। इससे भारत में विदेशी निवेश बढ़ेगा और स्थानीय स्तर पर भी रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होंगे।

भारतीय डॉक्टरों के लिए बड़ी खुशखबरी

मेडिकल के क्षेत्र में यह समझौता क्रांतिकारी साबित होने वाला है। अब भारत में प्रशिक्षित डॉक्टर और मेडिकल प्रोफेशनल्स अपने भारतीय क्रेडेंशियल्स और डिग्री के आधार पर यूरोपीय देशों में प्रैक्टिस कर सकेंगे। इसके लिए दोनों पक्षों के बीच योग्यता की मान्यता को लेकर सहमति बनी है। इससे न केवल भारतीय डॉक्टरों की मांग बढ़ेगी, बल्कि दोनों क्षेत्रों। के बीच स्वास्थ्य सेवाओं और विशेषज्ञता का आदान-प्रदान भी सुगम होगा।

भारत में खुलेगा EU लीगल गेटवे

यूरोप जाने की इच्छा रखने वाले भारतीयों की मदद के लिए भारत में पहला 'EU लीगल गेटवे' ऑफिस खोला जाएगा। यह ऑफिस एक सिंगल विंडो सिस्टम की तरह काम करेगा, जहां यूरोप में पढ़ाई, नौकरी या बसने से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी और कानूनी सहायता उपलब्ध होगी। इससे फर्जी एजेंटों के चंगुल से युवाओं को बचाने में मदद मिलेगी और प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी।

आर्थिक मजबूती और 27 देशों का बाजार

इस ट्रेड डील के बाद भारत के लिए यूरोपीय यूनियन के सभी 27 देशों का बाजार पूरी तरह से खुल गया है। मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की दिशा में यह एक बड़ा कदम है और इससे कपड़ा, रत्न-आभूषण और कृषि उत्पादों के निर्यात में भारी उछाल आने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह डील भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर। की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में एक मील का पत्थर साबित होगी।

SUBSCRIBE TO OUR NEWSLETTER