भारतीय क्रिकेट टीम ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 चरण में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। भारतीय बल्लेबाजों ने आक्रामक प्रदर्शन करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 4 विकेट के नुकसान पर 256 रन बनाए। यह स्कोर मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा टोटल होने के साथ-साथ भारत का इस टूर्नामेंट के इतिहास में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। अधिकारियों और सांख्यिकीविदों के अनुसार, यह स्कोर भारतीय क्रिकेट के टी20 इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ है।
19 साल पुराने रिकॉर्ड का हुआ अंत
जिम्बाब्वे के खिलाफ बनाए गए 256 रनों के साथ ही भारत ने अपने 19 साल पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। इससे पहले टी20 वर्ल्ड कप में भारत का उच्चतम स्कोर 218 रन था, जो टीम ने साल 2007 के उद्घाटन विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ डरबन में बनाया था। उस ऐतिहासिक मैच में युवराज सिंह के छह छक्कों की मदद से भारत ने वह स्कोर खड़ा किया था। अब 2026 में जिम्बाब्वे के खिलाफ इस नए स्कोर ने उस पुराने कीर्तिमान को ध्वस्त कर दिया है।
विश्व रिकॉर्ड से महज पांच रन की दूरी
भारतीय टीम टी20 वर्ल्ड कप के सर्वकालिक सबसे बड़े स्कोर का रिकॉर्ड तोड़ने के बेहद करीब पहुंच गई थी। वर्तमान में टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर 260 रन है, जो श्रीलंका ने 2007 में केन्या के खिलाफ बनाया था। भारतीय टीम इस जादुई आंकड़े को पार करने से केवल 5 रन दूर रह गई। 256 रनों के साथ भारत अब टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में दूसरा सबसे बड़ा स्कोर बनाने वाली टीम बन गई है।
टी20 अंतरराष्ट्रीय में भारत की स्थिति
हालांकि यह टी20 वर्ल्ड कप में भारत का सबसे बड़ा स्कोर है, लेकिन अगर समग्र टी20 अंतरराष्ट्रीय (T20I) मैचों की बात करें, तो यह भारत का पांचवां सबसे बड़ा स्कोर दर्ज किया गया है। भारतीय टीम ने इससे पहले विभिन्न द्विपक्षीय श्रृंखलाओं में इससे भी बड़े स्कोर बनाए हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ इस पारी ने भारत की बल्लेबाजी गहराई और आधुनिक टी20 प्रारूप में उनकी आक्रामकता को एक बार फिर स्पष्ट किया है।
बल्लेबाजी प्रदर्शन का मुख्य विवरण
इस विशाल स्कोर की नींव टीम इंडिया के शीर्ष तीन बल्लेबाजों ने रखी और सलामी जोड़ी और तीसरे नंबर के बल्लेबाज ने तेज गति से रन बनाकर मध्यक्रम के लिए मंच तैयार किया। पारी के अंतिम ओवरों में हार्दिक पंड्या और तिलक वर्मा ने विस्फोटक बल्लेबाजी की, जिसकी बदौलत टीम 250 रन के आंकड़े को पार करने में सफल रही। जिम्बाब्वे के गेंदबाज भारतीय आक्रमण के सामने संघर्ष करते नजर आए और पूरी पारी के दौरान रनों की गति 12 रन प्रति ओवर से ऊपर बनी रही।
