भारत: जिम्बाब्वे को 72 रन से हराया, सेमीफाइनल के करीब पहुंचा।

भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 मुकाबले में जिम्बाब्वे को 72 रनों से हराकर सेमीफाइनल की ओर मजबूत कदम बढ़ाए हैं। चेन्नई में खेले गए इस मैच में भारत ने 256/4 का रिकॉर्ड स्कोर बनाया। इस जीत के साथ ही साउथ अफ्रीका सेमीफाइनल में पहुंच गया है।

भारतीय क्रिकेट टीम ने टी-20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 चरण में अपनी पहली जीत दर्ज करते हुए जिम्बाब्वे को 72 रनों के बड़े अंतर से पराजित किया है। ए. चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 4 विकेट खोकर 256 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। यह स्कोर टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है। लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम 20 ओवरों में 6 विकेट पर 184 रन ही बना सकी। इस परिणाम के साथ सुपर-8 के ग्रुप-1 से साउथ अफ्रीका की टीम आधिकारिक तौर पर सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई कर गई है, जबकि भारत अब सेमीफाइनल की सीट पक्की करने से महज एक जीत दूर है।

भारत का टी20 विश्व कप में ऐतिहासिक स्कोर

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। भारत द्वारा बनाया गया 256/4 का स्कोर टी-20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का अब तक का सर्वोच्च स्कोर है। इससे पहले भारत का सर्वश्रेष्ठ स्कोर 218/4 था, जो 2007 के विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ बना था। विश्व स्तर पर यह टी-20 वर्ल्ड कप का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है। इस सूची में पहले स्थान पर श्रीलंका है, जिसने 2007 में केन्या के खिलाफ 260/6 रन बनाए थे। भारतीय पारी के दौरान अंतिम 5 ओवरों में बल्लेबाजों ने तेज गति से रन बटोरे और कुल 80 रन जोड़े, जिसने टीम को 250 के पार पहुंचाने में मदद की।

अभिषेक शर्मा और हार्दिक पंड्या का आक्रामक प्रदर्शन

भारतीय पारी की नींव युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और अनुभवी ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या ने रखी। अभिषेक शर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 55 रनों की पारी खेली, जिसने टीम को मध्य ओवरों में मजबूती प्रदान की। वहीं, हार्दिक पंड्या ने अंत तक टिके रहकर नाबाद 50* रनों का योगदान दिया। पंड्या की पारी की बदौलत भारत ने डेथ ओवरों में जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। हार्दिक पंड्या को उनके ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया और इन दोनों के अलावा अन्य शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों ने भी उपयोगी योगदान दिया, जिससे जिम्बाब्वे के सामने 257 रनों का कठिन लक्ष्य रखा जा सका।

जिम्बाब्वे की पारी और ब्रायन बेनेट का संघर्ष

257 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत धीमी रही। टीम ने पावरप्ले के दौरान ही महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए, जिससे रन गति पर अंकुश लग गया। हालांकि, सलामी बल्लेबाज ब्रायन बेनेट ने एक छोर संभाले रखा और भारतीय गेंदबाजों का डटकर सामना किया। बेनेट ने अपनी पारी में कई आकर्षक शॉट लगाए और 97* रनों पर नाबाद रहे। वह अपने शतक से मात्र 3 रन दूर रह गए। बेनेट के अलावा जिम्बाब्वे का कोई भी अन्य बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहा, जिसके परिणामस्वरूप टीम निर्धारित 20 ओवरों में 184/6 के स्कोर तक ही पहुंच सकी।

भारतीय गेंदबाजी और अर्शदीप सिंह का प्रभाव

भारत की ओर से गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह सबसे सफल रहे। उन्होंने अपने कोटे के ओवरों में सटीक लाइन और लेंथ से गेंदबाजी करते हुए 3 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। अर्शदीप के अलावा स्पिन विभाग में वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल ने किफायती गेंदबाजी की और एक-एक विकेट हासिल किया और शिवम दुबे को भी एक सफलता मिली। भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर जिम्बाब्वे को मैच में कभी भी हावी होने का मौका नहीं दिया और विशेष रूप से मध्य ओवरों में स्पिनरों ने रनों की गति पर लगाम लगाई, जिससे जिम्बाब्वे के लिए लक्ष्य हासिल करना असंभव हो गया।

सुपर-8 ग्रुप-1 का समीकरण और सेमीफाइनल की राह

इस जीत के बाद सुपर-8 के ग्रुप-1 में समीकरण स्पष्ट होने लगे हैं। भारत की जीत ने साउथ अफ्रीका के लिए सेमीफाइनल का रास्ता साफ कर दिया है। भारतीय टीम अब अपने अगले मुकाबले में 1 मार्च को वेस्टइंडीज का सामना करेगी। यदि भारत उस मैच में जीत दर्ज करता है, तो वह आधिकारिक तौर पर सेमीफाइनल में अपनी जगह सुरक्षित कर लेगा। जिम्बाब्वे के खिलाफ मिली इस 72 रनों की जीत ने भारत के नेट रन रेट में भी काफी सुधार किया है, जो टूर्नामेंट के अगले चरण में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।