IND vs NZ: हार्दिक पंड्या को चौथे T20 से बाहर करने का वक्त, टीम इंडिया लेगी बड़ा फैसला

भारत और न्यूजीलैंड के बीच चौथे टी20 में हार्दिक पंड्या को आराम दिया जा सकता है। सीरीज जीतने के बाद वर्कलोड मैनेजमेंट और चोट के खतरे को देखते हुए कोच गंभीर यह कड़ा फैसला ले सकते हैं।

भारतीय क्रिकेट टीम इस समय न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में जबरदस्त फॉर्म में नजर आ रही है। विशाखापत्तनम में होने वाले चौथे टी20 मैच से पहले टीम इंडिया ने सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली है। ऐसे में अब टीम मैनेजमेंट के पास अपनी बेंच स्ट्रेंथ को आजमाने का सुनहरा मौका है। हालांकि, सबसे बड़ी चर्चा इस बात की है कि क्या स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या को इस मैच से बाहर बैठाया जाना चाहिए और क्रिकेट विशेषज्ञों और टीम के रणनीतिकारों का मानना है कि हार्दिक का वर्कलोड मैनेजमेंट इस समय टीम इंडिया की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।

हार्दिक पंड्या को बाहर बैठाना क्यों है जरूरी?

हार्दिक पंड्या भारतीय टीम के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में से एक हैं, लेकिन उनकी फिटनेस हमेशा से एक चिंता का विषय रही है और टी20 वर्ल्ड कप 2026 अब ज्यादा दूर नहीं है और भारत नहीं चाहेगा कि उसका सबसे बड़ा मैच विनर किसी गैर-जरूरी मैच में चोटिल होकर बाहर हो जाए। हार्दिक ने इस सीरीज के तीनों मैचों में हिस्सा लिया है। हालांकि उन्होंने बल्लेबाजी सिर्फ एक मैच में की है, लेकिन गेंदबाजी उन्होंने हर मैच में की है। भले ही उन्होंने केवल 8 ओवर डाले हों, लेकिन एक ऑलराउंडर के शरीर पर पड़ने वाला दबाव किसी भी शुद्ध बल्लेबाज या गेंदबाज से कहीं अधिक होता है।

वर्कलोड मैनेजमेंट और गौतम गंभीर की रणनीति

कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव ने इस सीरीज में अब तक रोटेशन पॉलिसी को बखूबी अपनाया है। जसप्रीत बुमराह को दूसरे मैच में आराम दिया गया था और संभावना है कि चौथे मैच में भी उन्हें बाहर रखा जाए। ठीक इसी तर्ज पर हार्दिक पंड्या को भी आराम देने की जरूरत है। हार्दिक की 'इंजरी हिस्ट्री' को देखते हुए उन्हें लगातार खिलाना जोखिम भरा हो सकता है। विशाखापत्तनम की गर्मी और उमस भरे माहौल में खिलाड़ियों की मांसपेशियों में खिंचाव आने का खतरा रहता है। चूंकि सीरीज पहले ही जीती जा चुकी है, इसलिए हार्दिक को ब्रेक देना एक समझदारी भरा फैसला होगा।

संजू सैमसन और बेंच स्ट्रेंथ को मौका

अगर हार्दिक पंड्या को आराम दिया जाता है, तो टीम इंडिया के पास संजू सैमसन जैसे खिलाड़ियों को प्लेइंग-11 में शामिल करने का मौका होगा। संजू के प्रशंसक लंबे समय से उन्हें लगातार मौके मिलते हुए देखना चाहते हैं। इसके अलावा, श्रेयस अय्यर को भी मध्यक्रम में अपनी जगह पक्की करने के लिए एक और मौका मिल सकता है और हार्दिक की अनुपस्थिति में शिवम दुबे को एक मुख्य ऑलराउंडर के रूप में परखा जा सकता है। दुबे की गेंदबाजी को निखारने के लिए यह एक बेहतरीन अवसर होगा, ताकि भविष्य में हार्दिक के विकल्प के तौर पर एक मजबूत खिलाड़ी तैयार रहे।

गेंदबाजी आक्रमण में बदलाव की संभावना

हार्दिक के बाहर होने पर टीम इंडिया एक अतिरिक्त विशेषज्ञ गेंदबाज के साथ भी उतर सकती है। वाशिंगटन सुंदर की फिटनेस को लेकर पहले ही संशय बना हुआ है, ऐसे में रवि बिश्नोई या किसी अन्य युवा स्पिनर को मौका देकर न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को फिर से मुश्किल में डाला जा सकता है और टीम मैनेजमेंट यह भी देख सकता है कि क्या टीम बिना हार्दिक के संतुलन बना पाती है या नहीं। यह प्रयोग भविष्य के बड़े टूर्नामेंटों के लिए टीम की गहराई को मापने में मदद करेगा।

निष्कर्ष: दूरगामी सोच की जरूरत

अंततः, चौथा टी20 मैच भारत के लिए केवल एक औपचारिक मुकाबला है और जीत या हार से सीरीज के परिणाम पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। ऐसे में हार्दिक पंड्या जैसे बहुमूल्य खिलाड़ी को सुरक्षित रखना। और उन्हें तरोताजा रखना टीम इंडिया के हित में है। गौतम गंभीर की अगुवाई वाला मैनेजमेंट अगर यह कड़ा फैसला लेता है, तो यह भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत होगा।

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