IND vs PAK Hockey: पाकिस्तान को धूल चटाकर फाइनल में भारत, 28 साल बाद बना महासंयोग

एशियन गेम्स 2026 के रोमांचक सेमीफाइनल में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने पाकिस्तान को 4-3 से मात दी। अभिषेक के निर्णायक गोल ने भारत को फाइनल का टिकट दिलाया। 28 साल बाद भारत की पुरुष और महिला दोनों टीमें एक साथ फाइनल में पहुंची हैं।

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। टूर्नामेंट के पहले सेमीफाइनल में भारत का सामना अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से था। यह मुकाबला उम्मीद के मुताबिक बेहद रोमांचक रहा और खेल के आखिरी पलों तक यह तय कर पाना मुश्किल था कि जीत किसकी होगी। अंततः भारत ने पाकिस्तान को 4-3 के अंतर से हराकर खिताबी मुकाबले का टिकट कटा लिया। इस जीत के साथ ही भारतीय हॉकी प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई है क्योंकि टीम ने न केवल पाकिस्तान को हराया है बल्कि स्वर्ण पदक की ओर एक मजबूत कदम भी बढ़ाया है।

शुरुआती दबदबा और भारत की बढ़त

मैच की शुरुआत में भारतीय टीम पूरी तरह से पाकिस्तान पर हावी नजर आई। भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक रुख अपनाते हुए पहले क्वार्टर में ही पाकिस्तान के डिफेंस को भेद दिया। भारत ने शानदार तालमेल दिखाते हुए पहले क्वार्टर में 2-0 की बढ़त बना ली थी। दूसरे क्वार्टर में भी भारत का दबदबा जारी रहा और टीम ने अपनी बढ़त को 3-0 कर दिया। उस समय ऐसा लग रहा था कि भारत यह मैच आसानी से जीत जाएगा और पाकिस्तान के लिए वापसी की कोई गुंजाइश नहीं बचेगी। भारतीय फॉरवर्ड लाइन ने पाकिस्तानी गोल पोस्ट पर लगातार हमले जारी रखे और मैच पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी।

पाकिस्तान का पलटवार और रोमांचक मोड़

3-0 से पिछड़ने के बाद पाकिस्तान की टीम ने हार नहीं मानी और जबरदस्त वापसी की। मैच के उत्तरार्ध में पाकिस्तान ने अपने खेल के स्तर को ऊपर उठाया और भारतीय रक्षापंक्ति में सेंध लगानी शुरू की। देखते ही देखते पाकिस्तान ने एक के बाद एक गोल दागकर भारत की 3-0 की बढ़त को 3-3 की बराबरी में बदल दिया। मुकाबले में आए इस मोड़ ने दर्शकों की धड़कनें बढ़ा दीं। दोनों टीमें अब बराबरी पर थीं और मैच किसी भी तरफ झुक सकता था। पाकिस्तान के इस पलटवार ने भारतीय खेमे में थोड़ी चिंता जरूर पैदा की लेकिन टीम इंडिया ने अपना धैर्य नहीं खोया।

अभिषेक का विनिंग गोल और जीत का 'अभिषेक'

जब मैच अपने अंतिम मिनट में था और ऐसा लग रहा था कि फैसला पेनल्टी शूटआउट के जरिए होगा, तभी अभिषेक ने करिश्मा कर दिखाया। मैच के आखिरी मिनट में अभिषेक ने पाकिस्तान के गोल पोस्ट पर सटीक प्रहार करते हुए भारत के लिए चौथा और निर्णायक गोल दागा। इस गोल ने भारत की जीत सुनिश्चित कर दी और पाकिस्तान की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। अभिषेक के इस विनिंग गोल से पहले भारत की ओर से कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 2 गोल किए थे, जबकि सुखजीत ने 1 गोल कर टीम की बढ़त में योगदान दिया था। हरमनप्रीत की ड्रैग फ्लिक और सुखजीत की चपलता ने पाकिस्तान को शुरुआत में बैकफुट पर धकेल दिया था।

28 साल बाद रचा गया इतिहास

भारतीय पुरुष हॉकी टीम के फाइनल में पहुंचने के साथ ही एशियन गेम्स के इतिहास में एक बड़ा रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। यह 1998 के बाद पहला मौका है जब एशियन गेम्स में भारत की पुरुष और महिला दोनों टीमें एक साथ फाइनल में पहुंची हैं। इससे पहले भारतीय महिला टीम ने सेमीफाइनल में कोरिया को हराकर फाइनल में अपनी जगह सुरक्षित की थी। 28 साल बाद बना यह महासंयोग भारतीय हॉकी के स्वर्णिम युग की वापसी का संकेत दे रहा है। अब पूरे देश की नजरें फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं, जहां भारतीय टीमें स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने के इरादे से मैदान में उतरेंगी।