महिला एशिया कप 2026: भारत ने बांग्लादेश को 40 रनों से हराया, 10वीं बार फाइनल में प्रवेश

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने बांग्लादेश को 40 रनों से हराकर महिला एशिया कप 2026 के फाइनल में जगह बना ली है। यह भारत की लगातार 10वीं फाइनल एंट्री है, जिससे उन्होंने टूर्नामेंट के हर संस्करण में फाइनल खेलने का अपना रिकॉर्ड बरकरार रखा है।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एक बार फिर क्षेत्रीय स्तर पर अपना पूर्ण दबदबा कायम करते हुए महिला एशिया कप 2026 के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए पहले सेमीफाइनल मुकाबले में भारत ने बांग्लादेश को 40 रनों के बड़े अंतर से करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ ही टीम इंडिया ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, क्योंकि उसने अब लगातार 10वीं बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में प्रवेश किया है। भारत ने एशिया कप के हर एक संस्करण में फाइनल तक पहुंचने के अपने शानदार रिकॉर्ड को बरकरार रखा है, जो एशियाई क्रिकेट में उनकी मजबूती को दर्शाता है।

शेफाली वर्मा की मैच जिताऊ पारी

मुकाबले में टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को दुबई की धीमी और कठिन पिच का सामना करना पड़ा और जहां एक ओर अन्य बल्लेबाज रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे, वहीं सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने एक बेहतरीन पारी खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। शेफाली ने बांग्लादेशी गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए मात्र 40 गेंदों में 64 रनों की पारी खेली। उनकी इस पारी में 7 शानदार चौके और 3 छक्के शामिल थे। जहां शीर्ष चार के अन्य तीन बल्लेबाजों का स्ट्राइक रेट 100 से भी कम रहा, वहीं शेफाली ने 160 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी कर विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखा। इस पारी के दौरान शेफाली को किस्मत का भी साथ मिला क्योंकि बांग्लादेशी खिलाड़ियों ने उनके 3 कैच छोड़े।

मध्यक्रम का उपयोगी योगदान

शेफाली के अलावा अन्य भारतीय बल्लेबाजों ने भी उपयोगी योगदान दिया, जिससे टीम इंडिया 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 149 रनों का सम्मानजनक स्कोर खड़ा करने में सफल रही। प्रतिका रावल ने 20 रन बनाए, जबकि विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने 16 गेंदों पर 21 रनों की तेज पारी खेली। कप्तान हरमनप्रीत कौर 28 गेंदों में 24 रन बनाकर नाबाद रहीं और यह सुनिश्चित किया कि भारत एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य तक पहुंचे। बांग्लादेश की ओर से गेंदबाजी में सुल्ताना खातून सबसे सफल रहीं, जिन्होंने 2 विकेट लिए। इसके अलावा राबिया खान, नाहिदा अख्तर और मारूफा अख्तर को 1-1 सफलता मिली, जिन्होंने मध्य ओवरों में भारतीय रनों की गति पर अंकुश लगाने का प्रयास किया।

लक्ष्य का पीछा करने में लड़खड़ाई बांग्लादेशी टीम

150 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बांग्लादेश की शुरुआत बेहद खराब रही और टीम कभी भी मुकाबले में वापसी नहीं कर सकी। पावरप्ले के दौरान बांग्लादेश की टीम 1 विकेट खोकर केवल 26 रन ही बना पाई। भारतीय गेंदबाजों ने सटीक लाइन और लेंथ से गेंदबाजी की, जिससे बांग्लादेशी बल्लेबाजों के लिए बड़े शॉट खेलना मुश्किल हो गया। परिणामस्वरुप, बांग्लादेश की पूरी टीम निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट खोकर केवल 109 रन ही बना सकी। शुरुआत से ही रनों की गति धीमी रहने और बढ़ता हुआ रन रेट अंततः सेमीफाइनल में उनकी हार का कारण बना।

दीप्ति शर्मा और नंदनी शर्मा की घातक गेंदबाजी

भारत की गेंदबाजी इकाई का नेतृत्व अनुभवी दीप्ति शर्मा ने किया, जो मैच की सबसे सफल गेंदबाज साबित हुईं। दीप्ति ने अपने 4 ओवर के कोटे में 26 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। नंदनी शर्मा ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 2 विकेट हासिल किए। अन्य गेंदबाजों में श्री चारनी और प्रेमा रावत ने 1-1 विकेट लेकर टीम की जीत में अपना योगदान दिया। इस अनुशासित गेंदबाजी प्रदर्शन की बदौलत भारत ने अपने स्कोर का सफलतापूर्वक बचाव किया और 40 रनों की जीत के साथ फाइनल में शान से प्रवेश किया।