ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से पाकिस्तान के कराची जा रहे एक मालवाहक जहाज 'सेलन' को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में रोक दिया है। आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी अधिकारियों ने जहाज को जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद जहाज को वापस खाड़ी की ओर लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा। काबुल स्थित ईरानी दूतावास द्वारा जारी एक बयान में इस कार्रवाई की पुष्टि की गई है।
घटना का विवरण और आईआरजीसी की कार्रवाई
रिपोर्ट के मुताबिक, मालवाहक जहाज 'सेलन' शारजाह से सामान लेकर कराची बंदरगाह की ओर बढ़ रहा था। जैसे ही जहाज ओमान के रास्ते होर्मुज जलडमरूमध्य के पास पहुँचा, आईआरजीसी की नौसेना ने उसे चेतावनी जारी की। ईरानी अधिकारियों का कहना था कि जहाज के पास इस संवेदनशील समुद्री मार्ग से गुजरने के लिए आवश्यक आधिकारिक अनुमति नहीं थी। चेतावनी मिलने के तुरंत बाद जहाज ने अपना रास्ता बदल लिया और वापस यूएई की ओर मुड़ गया।
जहाज 'सेलन' की तकनीकी जानकारी और मार्ग
समुद्री डेटा प्रदाता 'इक्वसिस' के अनुसार, 'सेलन' एक छोटा फीडर कंटेनर जहाज है जिसका निर्माण वर्ष 2000 में किया गया था। इस जहाज की भार वहन क्षमता लगभग 6850 टन है। यह जहाज शारजाह के पास माल से लदा था और नियमित समुद्री मार्ग का अनुसरण कर रहा था। हालांकि, इस जहाज पर किस प्रकार की सामग्री लदी थी, इसके बारे में अभी तक कोई आधिकारिक विवरण साझा नहीं किया गया है।
कूटनीतिक प्रयासों के बीच उत्पन्न गतिरोध
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान और ईरान के बीच उच्च स्तरीय कूटनीतिक बातचीत चल रही है। पिछले 24 घंटों के भीतर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजेशकियन से टेलीफोन पर चर्चा की थी। इसके अतिरिक्त, इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौतों को लेकर बैठकों की खबरें भी चर्चा में रही हैं और इन कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद समुद्री मार्ग पर हुई इस कार्रवाई को द्विपक्षीय संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पाकिस्तान और यूएई की आधिकारिक प्रतिक्रिया
जहाज को रोके जाने की इस घटना पर पाकिस्तान सरकार ने फिलहाल चुप्पी साध रखी है और पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय या नौसेना की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात की सरकार ने भी इस मामले पर अब तक कोई टिप्पणी नहीं की है। समुद्री विशेषज्ञों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक व्यापार के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है और यहाँ किसी भी प्रकार का अवरोध क्षेत्रीय व्यापारिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है।
