परमाणु समझौते से पहले ईरान को मिले 9 अरब डॉलर, यूएई और कतर ने जारी किया फंड

ईरान और अमेरिका के बीच 19 जून को जिनेवा में होने वाले परमाणु समझौते से पहले तेहरान को 9 अरब डॉलर की राशि प्राप्त हुई है, जो यूएई और कतर द्वारा दी गई है।

ईरान और अमेरिका के बीच होने वाले महत्वपूर्ण परमाणु समझौते से पहले एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर होने से पहले ही ईरान को 9 अरब डॉलर की भारी-भरकम राशि प्राप्त हो गई है। हालांकि, इस बात की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि यह पैसा आगामी डील का ही हिस्सा है या नहीं, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और कतर ने समझौते की शर्तों के तहत ईरान को यह 9 अरब डॉलर की राशि प्रदान की है।

जिनेवा में 19 जून को होगा ऐतिहासिक समझौता

ईरान और अमेरिका के बीच इस परमाणु डील पर 19 जून को स्विट्जरलैंड के जिनेवा में हस्ताक्षर होने तय हुए हैं। इस समझौते के संपन्न होने के बाद ईरान की जब्त की गई बड़ी धनराशि को वापस लौटाने की योजना है। दिलचस्प बात यह है कि दो अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स यह दावा कर रही हैं कि डील पर साइन होने से पहले ही ईरान को 9 अरब डॉलर मिल चुके हैं और यह पूरी प्रक्रिया अमेरिका की सीधी निगरानी में संपन्न हुई है। इसका अर्थ यह है कि अमेरिकी प्रशासन को इस लेनदेन की पूरी जानकारी थी। इस पूरी प्रक्रिया में कतर की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही है, जो ईरान और अमेरिका के बीच एक मध्यस्थ के रूप में कार्य कर रहा है।

यूएई और कतर से मिली धनराशि का विवरण

समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात ने अमेरिका-ईरान डील से पहले ही तेहरान को 3 अरब डॉलर की राशि हस्तांतरित कर दी है। हालांकि यूएई ने आधिकारिक तौर पर इस तरह के किसी भी लेनदेन से इनकार किया है, लेकिन रिपोर्ट बताती है कि यह पैसा डील के शुरुआती चरणों के तहत दिया गया था। इसके अलावा, यूएई ने भविष्य में ईरान को 10 अरब डॉलर की अतिरिक्त राशि देने का भी वादा किया है। दूसरी ओर, इजरायली मीडिया आउटलेट इजरायल योम के मुताबिक, कतर ने अपने पास मौजूद ईरान के जब्त पैसों को अनफ्रीज करना शुरू कर दिया है। कतर के पास ईरान के कुल 12 अरब डॉलर जमा थे, जिनमें से आधी रकम यानी 6 अरब डॉलर को कतर ने अनफ्रीज कर दिया है और इसकी सूचना व्हाइट हाउस को भी दे दी गई है।

समझौते के बाद अनफ्रीज होंगे 24 अरब डॉलर

परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर होने के तुरंत बाद ईरान की 24 अरब डॉलर की एक और बड़ी राशि को अनफ्रीज करने की योजना है। यह वह पैसा है जिसे अमेरिका के निर्देश पर दुनिया के विभिन्न देशों ने जब्त कर रखा है। जिन प्रमुख देशों में ईरान की यह धनराशि फंसी हुई है, उनमें निम्नलिखित नाम शामिल हैं:

  • अमेरिका
  • ब्रिटेन
  • कतर
  • तुर्की
  • दक्षिण कोरिया
  • चीन
  • भारत
इन देशों के अलावा कई अंतरराष्ट्रीय बैंकों में भी ईरान का पैसा जमा है। ईरान का आधिकारिक दावा है कि उसकी कुल 120 अरब डॉलर की राशि दुनिया भर में जब्त पड़ी है।

अमेरिका की शर्तें और भविष्य की योजनाएं

ईरान के वार्ता दल के प्रमुख गालिबफ के सलाहकार मोहम्मदी ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में केवल खाड़ी देश ही ईरान को पैसा दे रहे हैं। अमेरिका द्वारा सीधे तौर पर फंड जारी करने की प्रक्रिया समझौते के पूर्ण होने के बाद ही शुरू होगी। इस बीच, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा है कि ईरान को भविष्य में 300 अरब डॉलर की राशि दी जा सकती है। हालांकि, उन्होंने इसके लिए एक कड़ी शर्त रखी है कि तेहरान को अपना यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम पूरी तरह से समाप्त करना होगा। वेंस के अनुसार, यह 300 अरब डॉलर की राशि ईरान के विकास और बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए दी जाएगी।