ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों से टोल वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 00 करोड़) वसूल रहा है। यह इतिहास में पहली बार है जब इस जलमार्ग से गुजरने के लिए जहाजों को औपचारिक रूप से शुल्क देना पड़ रहा है। अब तक इस क्षेत्र से जहाजों का आवागमन निःशुल्क होता था, लेकिन क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा चिंताओं के बीच ईरान ने इस नई व्यवस्था को लागू किया है।
सुरक्षित गलियारे का निर्माण और शुल्क संरचना
लॉयड इंटेलिजेंस इंस्टीट्यूट (Lloyd Intelligence Institute) की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने फारस की खाड़ी में बढ़ते तनाव को देखते हुए होर्मुज के पास एक 'सुरक्षित गलियारा' तैयार किया है। यह गलियारा विशेष रूप से लारक द्वीप (Larak Island) के पास स्थित है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस गलियारे का उपयोग करने वाले जहाजों को सुरक्षा प्रदान करने के बदले में भारी शुल्क लिया जा रहा है। अब तक कम से कम 9 जहाजों ने इस मार्ग का उपयोग किया है, जिनमें से एक जहाज ने आधिकारिक तौर पर 2 मिलियन डॉलर के भुगतान की पुष्टि की है।
भारत, चीन और पाकिस्तान के जहाजों का पारगमन
इंटेलिजेंस रिपोर्ट के विवरण के अनुसार, इस नए सुरक्षित गलियारे से गुजरने वाले 9 जहाजों में भारत, चीन, पाकिस्तान और मलेशिया के जहाज शामिल हैं। हालांकि, रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किस देश के कितने जहाजों ने इस शुल्क का भुगतान किया है। सूत्रों का कहना है कि यह गलियारा कूटनीतिक स्तर पर हुई बातचीत के बाद तैयार किया गया है, ताकि मित्र देशों के व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान किया जा सके। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संकेत दिया है कि वे केवल उन देशों के जहाजों को अनुमति दे रहे हैं जिन्हें वे मित्र और शुभचिंतक मानते हैं।
ईरानी अधिकारियों का आधिकारिक रुख और प्रोटोकॉल
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के अनुसार, ईरान उन देशों के जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान कर रहा है जो उसके साथ सकारात्मक संबंध रखते हैं। दूसरी ओर, ईरान के सांसद मोहम्मद मुखबेर ने मेहर न्यूज एजेंसी से बातचीत में स्पष्ट किया कि ईरान उन क्षेत्रों पर कर लगाएगा जो उसके अधिकार क्षेत्र में आते हैं। उन्होंने कहा कि व्यापार अब दोनों तरफ से होगा और जो देश ईरान पर प्रतिबंध लगाते हैं, उन्हें इस तरह के शुल्क का सामना करना पड़ सकता है। ईरानी नेतृत्व अब युद्ध के बाद होर्मुज को लेकर एक नया प्रोटोकॉल बनाने की मांग कर रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य का रणनीतिक और व्यापारिक महत्व
होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित एक संकरा जलमार्ग है। यह वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण चोक पॉइंट्स में से एक माना जाता है। दुनिया के कुल समुद्री तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। ईरान द्वारा इस मार्ग पर टोल वसूली शुरू करने को अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों और क्षेत्रीय नियंत्रण के संदर्भ में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा इस क्षेत्र में ईरान के नियंत्रण को चुनौती देने के प्रयासों के बीच यह कदम उठाया गया है।
क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
ईरान द्वारा टोल वसूली की इस कार्रवाई को उसके क्षेत्रीय प्रभुत्व को प्रदर्शित करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है और हाल के महीनों में अमेरिका ने होर्मुज के पास ईरानी सैन्य ठिकानों की निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा गठबंधन बनाने की घोषणा की थी। ईरान का यह कदम सीधे तौर पर उन प्रतिबंधों का जवाब माना जा रहा है जो पश्चिमी देशों ने उस पर लगाए हैं और सुरक्षित गलियारे के माध्यम से राजस्व जुटाने और जहाजों की आवाजाही पर नियंत्रण रखने की यह रणनीति वैश्विक शिपिंग उद्योग के लिए एक नया वित्तीय बोझ बन सकती है।
