इजरायल और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष के 20 दिन पूरे होने के साथ ही भारत में एलपीजी (LPG) आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा है कि देश में एलपीजी की स्थिति वर्तमान में गंभीर बनी हुई है। अधिकारियों के अनुसार, सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मूज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से पिछले 20 दिनों में कच्चे तेल और गैस के केवल 9 जहाज ही गुजर पाए हैं, जिससे वैश्विक और घरेलू आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सरकार निरंतर आपूर्ति बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। हालांकि, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आम जनता से अनुरोध किया गया है कि वे खाना पकाने के लिए वैकल्पिक ईंधन के विकल्पों पर भी विचार करें। सरकार ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि वे घबराहट में आकर अतिरिक्त गैस बुकिंग न करें, क्योंकि इससे वितरण प्रणाली पर अनावश्यक दबाव पड़ता है।
घरेलू आपूर्ति और पैनिक बुकिंग की स्थिति
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में घरेलू उपभोक्ताओं तक 100% एलपीजी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है और आपूर्ति जारी है। अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में पैनिक बुकिंग के मामलों में कमी देखी गई है, जो एक सकारात्मक संकेत है। सरकार ने जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल अपनी वास्तविक आवश्यकता के अनुसार ही सिलेंडर बुक करें। आपूर्ति को सुचारू बनाने के लिए वितरण केंद्रों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।
कालाबाजारी के विरुद्ध राष्ट्रव्यापी कार्रवाई
आपूर्ति संकट का लाभ उठाकर अवैध लाभ कमाने वालों के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, विभिन्न राज्यों में अब तक 4500 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की गई है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य एलपीजी की कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकना है और सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो भी वितरक या व्यक्ति अवैध भंडारण में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि आम उपभोक्ताओं को निर्धारित मूल्य पर गैस उपलब्ध हो सके।
घरेलू उत्पादन में वृद्धि के प्रयास
आयात पर निर्भरता कम करने और संकट से निपटने के लिए सरकार ने घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया है। वर्तमान में भारत का घरेलू एलपीजी उत्पादन कुल खपत का लगभग 40% तक पहुंच गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, रिफाइनरियों को उत्पादन क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि अंतरराष्ट्रीय बाधाओं के बावजूद घरेलू बाजार में उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। यह कदम दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
खाड़ी क्षेत्र में भारतीयों की सुरक्षा और कूटनीतिक प्रयास
विदेश मंत्रालय ने खाड़ी क्षेत्र में फंसे भारतीय नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा पर अपडेट साझा किया है। राकेश सिन्हा के अनुसार, क्षेत्र में भारत के 22 जहाज और उनमें मौजूद नाविक सुरक्षित हैं, हालांकि वे वर्तमान में वहीं स्थिर हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओमान, कतर और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों सहित कई वैश्विक नेताओं से कूटनीतिक समाधान के लिए बातचीत की है। भारत इस तनाव को कम करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय है।
संघर्ष में हताहत हुए भारतीय नागरिक
अतिरिक्त सचिव असीम महाजन ने जानकारी दी है कि इस संघर्ष के कारण अब तक 6 भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है। नवीनतम घटना में, 18 मार्च को रियाद में हुए एक हमले में एक भारतीय नागरिक की मृत्यु हो गई। सरकार प्रभावित परिवारों के संपर्क में है और संघर्ष क्षेत्र में रहने वाले अन्य भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर निगरानी कर रही है। दूतावासों को अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान की जा सके।
