ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर उन तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है जिनमें उनके घायल होने या मृत्यु की खबरें प्रसारित की जा रही थीं। फारसी नववर्ष नवरोज़ के अवसर पर जारी इस लिखित संदेश में उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधे तौर पर चुनौती दी है और ईरानी सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित इस संदेश में मुज्तबा खामेनेई ने स्पष्ट किया कि अमेरिका और इजरायल इस भ्रम में थे कि शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाकर वे ईरान की सरकार को उखाड़ फेंकेंगे। उन्होंने कहा कि दुश्मन की यह रणनीति अब विफल साबित हो रही है और ईरानी जनता की दृढ़ता ने उनके मंसूबों को ध्वस्त कर दिया है।
इजरायल और अमेरिका के सैन्य दावों पर पलटवार
मुज्तबा खामेनेई ने अपने संबोधन में कहा कि इजरायल और अमेरिका के हमले इस गलत धारणा पर आधारित थे कि नेतृत्व की हत्या से देश में अराजकता फैल जाएगी। उन्होंने कहा कि दुश्मन का मानना था कि सर्वोच्च नेता और प्रभावशाली सैन्य अधिकारियों को शहीद करके वे ईरानी जनता में डर और निराशा पैदा कर सकते हैं और खामेनेई के अनुसार, इस रणनीति का उद्देश्य ईरान को विखंडित करना और उस पर कब्जा करना था। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि ईरानी नागरिकों ने शहरों, मोहल्लों और मस्जिदों में एक मजबूत रक्षात्मक मोर्चा बनाकर दुश्मन को चौंका दिया है। उन्होंने कहा कि दुश्मन अब इतने दबाव में है कि वह विरोधाभासी और अतार्किक बयान देने पर मजबूर हो गया है।
तीन प्रमुख युद्धों और सुरक्षा चुनौतियों का विवरण
सुप्रीम लीडर ने पिछले एक वर्ष के दौरान ईरान द्वारा सामना किए गए तीन प्रमुख सैन्य और सुरक्षा युद्धों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने पहले युद्ध के रूप में 'जून के युद्ध' का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि इजरायल ने अमेरिका की विशेष सहायता से बातचीत के दौरान लगभग 1,000 ईरानी नागरिकों को शहीद कर दिया। इसके बाद उन्होंने 'जनवरी के तख्तापलट युद्ध' का वर्णन किया, जिसमें उनके अनुसार अमेरिका और इजरायल ने आर्थिक समस्याओं का लाभ उठाकर देश में अराजकता फैलाने का प्रयास किया था। वर्तमान संघर्ष को उन्होंने 'तीसरा युद्ध' करार दिया, जिसकी शुरुआत उनके पिता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मृत्यु के साथ हुई थी।
नेतृत्व की स्थिति और सार्वजनिक अनुपस्थिति पर स्पष्टीकरण
मुज्तबा खामेनेई को उनके पिता की मृत्यु के बाद सत्ता संभालने के बाद से सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है। इजरायली और अमेरिकी खुफिया अधिकारियों ने पहले दावा किया था कि वह हमलों के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए थे और हालांकि, नवरोज़ और ईद-अल-फित्र के अवसर पर जारी इस संदेश के माध्यम से शासन ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि नेतृत्व पूरी तरह सक्रिय और सुरक्षित है। खामेनेई ने अपने संदेश में उन सभी शहीदों को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है, जिनमें मिनाब स्कूल के बच्चे और डेना विध्वंसक के कर्मी शामिल हैं।
ईरानी सुरक्षा बलों और रक्षात्मक मोर्चे की सराहना
अपने संदेश के अंतिम भाग में मुज्तबा खामेनेई ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC), सेना, बसिज, पुलिस और सीमा रक्षकों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन बलों ने देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए अटूट साहस का परिचय दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान की रक्षा प्रणाली केवल सैन्य हथियारों पर नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और मस्जिदों से लेकर शहरों तक फैले नागरिक मोर्चों पर टिकी है। उन्होंने शहीद परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि ईरान अपनी सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा।
