पाकिस्तान को झटका: दोहा में तैयार होगा ईरान-अमेरिका समझौते का फाइनल ड्राफ्ट

ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु समझौते का अंतिम मसौदा अब दोहा में तैयार होगा, जिससे पाकिस्तान की मेजबानी की उम्मीदें टूट गई हैं। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और एमबी गालिबाफ महत्वपूर्ण चर्चा के लिए कतर पहुंच चुके हैं।

ईरान और अमेरिका के बीच होने वाले परमाणु समझौते के घटनाक्रम में पाकिस्तान को एक बड़ा कूटनीतिक झटका लगा है। समझौते का अंतिम मसौदा तैयार करने का स्थान अब इस्लामाबाद से बदलकर कतर की राजधानी दोहा कर दिया गया है। इससे पहले यह व्यापक उम्मीद जताई जा रही थी कि यह महत्वपूर्ण बातचीत पाकिस्तान की सरजमीं पर होगी। सोमवार को ईरान का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और ईरान के समृद्ध यूरेनियम भंडार से जुड़ी चर्चाओं को अंतिम रूप देने के लिए दोहा पहुंच गया है।

दोहा पहुंची ईरानी टीम और मुख्य एजेंडा

ईरान की ओर से इस वार्ता दल का नेतृत्व एमबी गालिबाफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची कर रहे हैं। ये दोनों वरिष्ठ नेता सोमवार को दोहा पहुंचे हैं। सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रतिनिधिमंडल में ईरान के केंद्रीय बैंक के गवर्नर भी शामिल हैं। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य और संवर्धित यूरेनियम जैसे संवेदनशील विषयों पर चर्चा करना है। माना जा रहा है कि युद्ध विराम के मसौदे को यहीं अंतिम रूप दिया जा सकता है, जिसे पहले इस्लामाबाद में होने की संभावना मानी जा रही थी।

पाकिस्तान की उम्मीदों पर फिरा पानी

ईरान और अमेरिका के परमाणु समझौते में पाकिस्तान एक संदेशवाहक यानी मैसेंजर की भूमिका निभा रहा था और पाकिस्तान को पूरी उम्मीद थी कि समझौते से पहले की यह महत्वपूर्ण बैठक इस्लामाबाद में आयोजित की जाएगी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने तो इस्लामाबाद में पीस टॉक 2 की बात भी कही थी। लेकिन अंतिम समय में बैठक का स्थान दोहा तय होने से पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा है। अब समझौते के फाइनल ड्राफ्ट को तैयार करने की प्रक्रिया कतर की राजधानी में पूरी की जाएगी।

समझौते की वर्तमान स्थिति और ट्रंप का रुख

ईरान और अमेरिका के बीच इस समझौते पर सैद्धांतिक सहमति बनती दिख रही है। दोनों देश अब जल्द से जल्द फाइनल ड्राफ्ट तैयार करने में जुट गए हैं ताकि हस्ताक्षर के जरिए अंतरिम समझौते को अंतिम रूप दिया जा सके। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने पुष्टि की है कि सैद्धांतिक सहमति बन गई है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अभी यह नहीं बताया जा सकता कि यह लागू कब से होगा और दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी सकारात्मक संकेत देते हुए कहा है कि दोनों देशों ने समझौते को लेकर काफी अच्छी प्रगति की है।

इजराइल की नाराजगी और कूटनीतिक दबाव

इस पूरे घटनाक्रम में एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने इस समझौते से इजराइल को दूर रखा है। खबरों के मुताबिक, ट्रंप ने इस मामले में प्रधानमंत्री नेतन्याहू की बात नहीं सुनी है, जिससे नेतन्याहू बेहद परेशान नजर आ रहे हैं और इजराइल और ट्रंप प्रशासन इस समझौते को लेकर आमने-सामने हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि ट्रंप आर्थिक कारणों और वैश्विक दबाव के चलते ईरान के साथ समझौता करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि दोहा में तैयार होने वाले इस फाइनल ड्राफ्ट पर हस्ताक्षर कब होंगे।