भारतीय एयरपोर्ट्स के मुरीद हुए इजरायली राजदूत, इजरायल में निर्माण की जताई इच्छा

इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने गुवाहाटी और नवी मुंबई एयरपोर्ट्स की वैश्विक प्रशंसा के बाद भारतीय कंपनियों को इजरायल में एयरपोर्ट बनाने का निमंत्रण दिया है।

भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने देश के बुनियादी ढांचे के विकास की जमकर सराहना की है। उनकी यह प्रतिक्रिया तब आई जब भारत के दो प्रमुख हवाई अड्डों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली। राजदूत अजार ने भारतीय कंपनियों की वास्तुकला और निर्माण क्षमता पर भरोसा जताते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में ये कंपनियां इजरायल में भी विश्वस्तरीय हवाई अड्डों का निर्माण करेंगी। यह प्रशंसा प्रिक्स वर्साय द्वारा जारी 'दुनिया के सबसे खूबसूरत एयरपोर्ट 2026' की सूची में गुवाहाटी और नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को शामिल किए जाने के बाद आई है। रूवेन अजार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इजरायल स्थित भारतीय दूतावास की एक पोस्ट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही भारतीय कंपनियां इजरायल में भी एक शानदार एयरपोर्ट का निर्माण करेंगी।

भारतीय बुनियादी ढांचे को मिली वैश्विक पहचान

इससे पहले इजरायल में भारतीय दूतावास ने अपनी एक पोस्ट के माध्यम से जानकारी साझा की थी कि गुवाहाटी के लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को 'दुनिया के सबसे खूबसूरत एयरपोर्ट 2026' की सूची में गौरवशाली स्थान मिला है। दूतावास ने गर्व के साथ कहा कि भारत अब केवल हवाई अड्डे नहीं बना रहा है, बल्कि ऐसे आधुनिक स्मारक तैयार कर रहा है जिनकी पहचान वैश्विक स्तर पर हो रही है। दूतावास के अनुसार, यह सम्मान भारत में हो रहे तीव्र बुनियादी ढांचे के विकास का एक ठोस प्रमाण है। भारत अब ऐसे विश्वस्तरीय प्रवेश द्वार तैयार कर रहा है जो आधुनिक डिजाइन, पर्यावरणीय संतुलन और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत का एक बेहतरीन संगम हैं। ये हवाई अड्डे हर साल लाखों यात्रियों को एक सुखद और उन्नत यात्रा अनुभव प्रदान कर रहे हैं।

टॉप 3 में गुवाहाटी इंटरनेशनल एयरपोर्ट का जलवा

भारतीय दूतावास ने आर्किटेक्चरल डाइजेस्ट पत्रिका के एक लेख का भी उल्लेख किया, जिसका शीर्षक 'दुनिया के 7 सबसे खूबसूरत एयरपोर्ट, जिनमें भारत के 2 एयरपोर्ट भी शामिल' था। इस सूची में गुवाहाटी के लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 2 को तीसरा स्थान दिया गया है। इस टर्मिनल की वास्तुकला को बेहद अनूठा और प्रेरणादायक बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस टर्मिनल का डिजाइन प्रसिद्ध वास्तुकार नूरू करीम ने बांस ऑर्किड के पौधे से प्रेरित होकर तैयार किया है। टर्मिनल का पूरा स्वरूप एक विशाल बांस के जंगल जैसा प्रतीत होता है। इसके वेटिंग रूम और ट्रांजिट क्षेत्रों में पूर्वोत्तर भारत की पारंपरिक कला और स्थानीय हस्तशिल्प का शानदार प्रदर्शन किया गया है। पत्रिका के अनुसार, टर्मिनल की छत पर बने प्राकृतिक आकृति वाले डिजाइन ब्रह्मपुत्र नदी और उसकी सहायक नदियों के प्रवाह को दर्शाते हैं, जो यात्रियों को दिशा समझने में भी सहायता करते हैं।

चौथे स्थान पर रहा नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट

वहीं, नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 को इस वैश्विक सूची में चौथा स्थान प्राप्त हुआ है। उल्लेखनीय है कि नवी मुंबई एयरपोर्ट से हाल ही में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन शुरू हुआ है। पत्रिका की रिपोर्ट के मुताबिक, इस टर्मिनल का पूरा डिजाइन कमल के फूल की थीम पर आधारित है। विश्व प्रसिद्ध वास्तुशिल्प कंपनी जाहा हदीद आर्किटेक्ट्स ने एयरपोर्ट की छत से लेकर कमल के फूल जैसी आकृति वाले विशाल स्तंभों तक, पूरे डिजाइन में कमल की अवधारणा को बखूबी उतारा है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इन स्तंभों के बीच इंटरएक्टिव डिजिटल आर्टवर्क लगाए गए हैं, जो यात्रियों को एक अलग और आकर्षक अनुभव प्रदान करते हैं। ये कलाकृतियां ट्रांजिट क्षेत्र को रंगीन और जीवंत बनाती हैं। इजरायली राजदूत का यह बयान भारतीय निर्माण क्षेत्र की बढ़ती वैश्विक साख को दर्शाता है।