असम के लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रम में, जापानी प्रधानमंत्री सनई ताकाइची का प्रस्तावित गुवाहाटी दौरा रद्द कर दिया गया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि राज्य सरकार को इस दौरे के रद्द होने के सटीक कारणों के बारे में जानकारी नहीं दी गई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि एक राज्य सरकार होने के नाते, वे जापानी प्रधानमंत्री से इस बदलाव का कारण नहीं पूछ सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस विषय में विस्तृत जानकारी उन्हें तब प्राप्त होगी जब वे दिल्ली जाएंगे और केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगे।
तैयारियों के बीच अचानक आया बदलाव
असम सरकार पिछले काफी समय से जापानी प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां कर रही थी। गुवाहाटी में प्रधानमंत्री के भव्य स्वागत के लिए बड़े पैमाने पर इंतजाम किए जा रहे थे और खुद मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा इन तैयारियों की निगरानी कर रहे थे। हालांकि, राज्य सरकार को तब बड़ा झटका लगा जब यह सूचना मिली कि प्रधानमंत्री सनई ताकाइची की गुवाहाटी यात्रा को रद्द कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को जानकारी दी कि विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने राज्य सरकार को समय-सारणी में हुए इस बदलाव के बारे में सूचित किया है।
मुख्यमंत्री सरमा के अनुसार, सोमवार रात विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने असम सरकार के मुख्य सचिव को एक संदेश भेजा था। इस संदेश में बताया गया कि कुछ अपरिहार्य कारणों से जापानी प्रधानमंत्री का असम दौरा टाल दिया गया है और अब उनका भारत दौरा केवल नई दिल्ली तक ही सीमित रहेगा। हालांकि, जापानी अधिकारियों ने यह संकेत दिया है कि भविष्य में असम में जापानी व्यावसायिक प्रतिनिधियों के दौरे के लिए एक अलग तारीख तय की जाएगी, जिससे राज्य के साथ आर्थिक संबंधों को बढ़ावा मिल सके।
दौरा स्थगित होने के मुख्य कारण
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, अगला वार्षिक भारत-जापान शिखर सम्मेलन असम में आयोजित करने की योजना को जापानी प्रधानमंत्री के व्यस्त कार्यक्रम और लॉजिस्टिक संबंधी मसलों के कारण स्थगित किया गया है। अब यह महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। प्रधानमंत्री ताकाइची अगले महीने 1 से 3 जुलाई तक भारत के आधिकारिक दौरे पर रहेंगी। प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा है। भारतीय पक्ष ने गुवाहाटी में इस शिखर सम्मेलन की शुरुआती तैयारियां इसलिए शुरू की थीं ताकि पूर्वोत्तर भारत के साथ जापान के जुड़ाव को और अधिक मजबूती दी जा सके।
सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी मिली है कि प्रधानमंत्री ताकाइची की घरेलू प्रतिबद्धताएं, जिनमें जापानी संसद का वर्तमान सत्र भी शामिल है, इस बदलाव का एक बड़ा कारण हैं। उनके भारत आगमन और प्रस्थान के बीच का समय बहुत कम है और उनका पूरा कार्यक्रम काफी व्यस्त है। इन परिस्थितियों को देखते हुए गुवाहाटी की यात्रा को कार्यक्रम में शामिल करना संभव नहीं हो पाया, जिसके कारण पूरे सम्मेलन को दिल्ली में ही सीमित रखने का निर्णय लिया गया है।
ऐतिहासिक संदर्भ और शहर पर प्रभाव
यह पहली बार नहीं है जब किसी जापानी प्रधानमंत्री का असम दौरा रद्द हुआ हो। इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे का भी असम दौरा रद्द कर दिया गया था। उस समय असम में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के कारण उनका दौरा स्थगित हुआ था। हालांकि, इस बार का कारण पूरी तरह से प्रशासनिक और समय की कमी से जुड़ा हुआ है।
गुवाहाटी में जापानी प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर चलाए जा रहे सौंदर्यीकरण अभियान पर मुख्यमंत्री सरमा ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि शहर में जो नियमित विकास कार्य चल रहे हैं, वे जारी रहेंगे। हालांकि, प्रधानमंत्री के दौरे के लिए जो विशेष और अतिरिक्त उपाय किए जा रहे थे, उन्हें अब रोक दिया गया है। राज्य सरकार ने शहर को सजाने और संवारने के लिए काफी मेहनत की थी, लेकिन अब उन विशेष गतिविधियों को बंद कर दिया गया है।
