फीफा वर्ल्ड कप 2026 फाइनल: महाराष्ट्र में सुबह 4 बजे तक खुलेंगे होटल-रेस्तरां

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल के लिए महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 19 जुलाई को होटल और रेस्तरां सुबह 4 बजे तक खोलने की अनुमति दी है।

फीफा विश्व कप 2026 का खुमार पूरी दुनिया के साथ-साथ भारत में भी फुटबॉल प्रेमियों के सिर चढ़कर बोल रहा है। इस महाकुंभ का फाइनल मुकाबला अर्जेंटीना और स्पेन जैसी दिग्गज टीमों के बीच खेला जाना है और पूरी दुनिया की नजरें न्यूयॉर्क के उस स्टेडियम पर टिकी होंगी जहां यह ऐतिहासिक मैच आयोजित होगा। भारतीय समयानुसार यह मैच रात 12:30 बजे शुरू होगा। भारत में फुटबॉल के अनगिनत प्रशंसकों के उत्साह को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। प्रशंसकों के लिए यह किसी खुशखबरी से कम नहीं है कि वे अब अपने पसंदीदा खेल का आनंद सार्वजनिक स्थानों पर देर रात तक ले सकेंगे।

होटल और रेस्तरां के लिए समय सीमा में विस्तार

महाराष्ट्र सरकार द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आदेश के अनुसार, 19 जुलाई 2026 को राज्य के सभी भोजनालयों, होटलों और रेस्तरां को अगले दिन सुबह 4 बजे तक खुला रखने की अनुमति दी गई है। इस निर्णय के पीछे मुख्य कारण मुंबई स्थित नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) का वह अनुरोध है, जिसमें उन्होंने फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल मैच के अवसर पर समय सीमा बढ़ाने की मांग की थी। एसोसिएशन का मानना था कि इतने बड़े वैश्विक आयोजन के दौरान प्रशंसकों को एक साथ बैठकर मैच देखने का अवसर मिलना चाहिए। इस मांग पर विचार करते हुए, महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम 1951 की धारा 33 के प्रावधानों के तहत सरकार ने यह विशेष छूट प्रदान की है।

सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के कड़े नियम

समय सीमा में छूट देने के साथ ही राज्य सरकार ने लाइसेंस धारकों के लिए कुछ अनिवार्य शर्तें भी लागू की हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। प्रतिष्ठान के मालिकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने होटल या रेस्तरां के अंदर और बाहर पर्याप्त संख्या में निजी सुरक्षा गार्ड तैनात करें। यह सुनिश्चित करना मालिक की जिम्मेदारी होगी कि उस स्थान पर कानून-व्यवस्था की कोई समस्या उत्पन्न न हो। यदि प्रतिष्ठान के अंदर या बाहर कोई अप्रिय घटना या अपराध होता है, तो इसकी पूरी जवाबदेही प्रतिष्ठान के मालिक या लाइसेंसधारी की होगी। सरकार ने चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित मालिक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ध्वनि प्रदूषण और स्थानीय पुलिस के अधिकार

सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि समय सीमा में छूट मिलने का मतलब यह नहीं है कि नियमों का उल्लंघन किया जाए। प्रतिष्ठान मालिकों के लिए ध्वनि प्रसारण अधिनियम और उससे जुड़े नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। लाउडस्पीकर और ध्वनि प्रवर्धन प्रणालियों का उपयोग केवल माननीय सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर दिए गए निर्देशों के दायरे में ही किया जा सकेगा। इसके अलावा, यह अनुमति केवल उन प्रतिष्ठानों के लिए है जो बंद स्थानों या स्थायी भवनों में स्थित हैं। शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन को यह अधिकार दिया गया है कि वे आवश्यकतानुसार इन प्रतिबंधों में छूट देने से इनकार कर सकते हैं और सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर जगह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखें ताकि खेल का यह उत्सव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।