नीले ड्रम हत्याकांड: मुस्कान और साहिल की सजा पर आज आएगा फैसला, फांसी की सजा की मांग

मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में आज जिला जज की कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी। दोषी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल के लिए अभियोजन पक्ष ने फांसी की सजा की मांग की है। मुस्कान ने सजा से पहले अपनी 6 साल की बेटी से मिलने की गुहार लगाई है।

मेरठ के बहुचर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में आज इंसाफ की घड़ी आ गई है। जिला जज की अदालत आज इस मामले के दोनों दोषियों, मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को सजा सुनाएगी। इन दोनों को 30 सितंबर को सौरव की हत्या का दोषी करार दिया गया था। सौरव, जो मुस्कान का पति था, की हत्या जिस बेरहमी से की गई थी, उसे देखते हुए सरकारी वकील और पीड़ित पक्ष ने दोनों के लिए फांसी की सजा की मांग की है। इस मामले ने अपनी क्रूरता के कारण पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था।

हत्या की खौफनाक साजिश और खुलासा

यह मामला एक ऐसी साजिश की कहानी है जिसने रिश्तों को शर्मसार कर दिया और सौरव विदेश में नौकरी करता था और अपनी पत्नी मुस्कान और बेटी का जन्मदिन मनाने के लिए छुट्टी लेकर घर आया था। इसी दौरान मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर सौरव की हत्या की योजना बनाई। हत्या करने के बाद दोनों ने सौरव के शव के कई टुकड़े किए और उन्हें एक नीले रंग के प्लास्टिक ड्रम में भर दिया। साक्ष्य छिपाने के लिए उन्होंने ड्रम को सीमेंट से पूरी तरह पैक कर दिया ताकि न तो बदबू आए और न ही किसी को शव का पता चले।

हत्या के बाद मुस्कान अपनी 6 साल की बेटी को अपने माता-पिता (नाना-नानी) के पास छोड़कर साहिल के साथ हिमाचल प्रदेश घूमने चली गई। जब वह वापस आई, तो उसकी मासूम बेटी ने अपने पिता से मिलने की जिद शुरू कर दी और मुस्कान ने अपने परिवार और बेटी को यह कहकर गुमराह किया कि सौरव को अचानक काम की वजह से वापस विदेश जाना पड़ा। लेकिन बेटी की लगातार जिद और परिजनों की सख्ती के आगे मुस्कान का झूठ ज्यादा दिन नहीं टिक सका। पुलिस की जांच और पूछताछ में जब सख्ती हुई, तो मुस्कान टूट गई और उसने सारा राज उगल दिया। पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर सीमेंट से भरे उस नीले ड्रम को बरामद किया, जिसमें सौरव का क्षत-विक्षत शव मिला था।

जेल में मुस्कान की तड़प और साहिल का व्यवहार

वर्तमान में मुस्कान और साहिल मेरठ के चौधरी चरण सिंह कारागार में बंद हैं। 30 सितंबर को दोषी ठहराए जाने के बाद से ही मुस्कान काफी बेचैन है। उसने 1 अक्टूबर को जेल प्रशासन से अनुरोध किया था कि सजा सुनाए जाने से पहले वह अपनी 6 साल की बेटी से एक बार मिलना चाहती है। पिछले 1 साल 6 महीने से जेल में बंद मुस्कान से मिलने उसके माता-पिता या कोई अन्य परिजन नहीं आए हैं। जेल प्रशासन ने उसे बताया है कि यदि उसके परिजन बेटी को लेकर आएंगे, तो मुलाकात कराई जा सकती है। मुस्कान ने इस संबंध में एक पत्र भी लिखा है, जिसमें उसने अपनी बेटी से मिलने की इच्छा जताई है जो फिलहाल अपने नाना-नानी के पास रह रही है।

जेल सूत्रों के अनुसार, मुस्कान ने जेल की सलाखों के पीछे एक और बेटी को जन्म दिया है, लेकिन वह अपनी बड़ी बेटी को देखने के लिए तड़प रही है। वहीं दूसरी ओर, सह-दोषी साहिल ने जेल में खेती-बाड़ी का काम करना बंद कर दिया है और उसका कहना है कि वह अब सजा सुनने के बाद ही कोई काम करेगा। दोनों ही दोषी जेल के अन्य बंदियों से बातचीत नहीं कर रहे हैं और सजा के ऐलान को लेकर काफी तनाव में दिखाई दे रहे हैं।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट की कार्यवाही

आज सजा सुनाए जाने से पहले जिला जेल से साहिल और मुस्कान की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेशी हुई। इस दौरान जज ने दोनों से एक-एक सवाल पूछा कि क्या उन्हें अपनी सफाई में या सजा के संबंध में कुछ कहना है। हालांकि, साहिल और मुस्कान दोनों ने ही कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। कोर्ट अब से कुछ ही समय बाद दोबारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेगी और सजा का औपचारिक ऐलान करेगी। अभियोजन पक्ष की ओर से दी गई दलीलों में इस मामले को 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' श्रेणी में रखते हुए फांसी की सजा पर जोर दिया गया है।