विश्व / माइक्रोसॉफ्ट ने कर्मचारियाें से हफ्ते में महज 4 दिन काम करवाया, लेकिन उत्पादन क्षमता 40% बढ़ी

Dainik Bhaskar : Nov 06, 2019, 01:33 PM

टोक्यो |  भारत में सरकारी क्षेत्र के कर्मचारियों से अधिक काम लेने के लिए उनका ऑफिस टाइम बढ़ाकर 9 घंटे किए जाने की तैयारी है। दूसरी तरफ कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर क्षेत्र की दिग्गज कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने अपने कर्मचारियों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए इससे उलट काम किया। माइक्रोसॉफ्ट ने अपनी जापान यूनिट में अगस्त में कर्मचारियों से एक महीने तक हफ्ते में महज 4 दिन काम करवाया। इससे कर्मचारियों की उत्पादन क्षमता में आश्चर्यजनक रूप से उछाल आया और यह पिछले साल के मुकाबले 40% बढ़ गई।

कंपनी ने 2300 कर्मचारियों को सप्ताह में शुक्रवार का अतिरिक्त अवकाश देते हुए तीन दिन की छुट्टी दी। इस तरह कर्मचारियों ने हफ्ते में 4 दिन ही काम किया। कंपनी के मुताबिक, इस प्रयोग के दौरान कर्मचारियों को अपनी बाकी छुट्टियों के साथ कोई समझौता नहीं करना पड़ा। यही नहीं, इतनी छुट्टियां मिलने से कर्मचारियों ने छुट्टियां भी कम लीं। माइक्रोसॉफ्ट ने नतीजों के बारे में बताया कि उत्पादकता में यह वृद्धि मीटिंग के समय में कमी के चलते हुई।

ऐसे बचत हुई

कोई मीटिंग 30 मिनट से अधिक नहीं चली। कई मीटिंग्स तो वर्चुअल हो गईं। ईमेल्स के जवाब जल्दी दिए गए। अन्य फैसलों को भी टालने के बजाय तत्काल लिया गया। इस दौरान बिजली की खपत 23.1% कम हुई और 58.7% कागज का कम इस्तेमाल हुआ। इससे कंपनी का खर्च कम हुआ।

विशेषज्ञ बोले-  अतिरिक्त कर्मी भर्ती करने पड़ेंगे

एक महीने के अंत में जब कंपनी ने अपने कर्मचारियों से उनकी राय जानी तो 92.1% ने इसे बेहतरीन विचार बताया। कंपनी के इस कदम पर विशेषज्ञों का कहना है कि यह कॉन्सेप्ट हर कंपनी पर लागू नहीं हो सकता। जिन कंपनियों में सातों दिन काम होता है, उन्हें अतिरिक्त कर्मचारी भर्ती करने पड़ेंगे।

माइक्रोसॉफ्ट फिर प्रयोग आजमाने की तैयारी में

उधर, माइक्रोसॉफ्ट इस प्रयोग को एक बार फिर आजमाने की तैयारी कर रही है। उसने कर्मचारियों से कहा है कि वह वर्क-लाइफ के बैलेंस को बनाए रखने के लिए नए मानक अपनाएं। बढ़िया विचार लेकर आएं। माइक्रोसॉफ्ट ने अन्य कंपनियों से भी इस पहल में शामिल होने की अपील की है।

छोटी कंपनियों में सफल फॉर्मूला बड़ी कंपनी में भी कारगर

अब तक हफ्ते में 4 दिन काम का कॉन्सेप्ट छोटी कंपनियां ही आजमाती रही हैं, लेकिन माइक्रोसॉफ्ट के प्रयोग ने साबित किया है कि यह फॉर्मूला बड़ी कंपनियों में भी लागू हो सकता है। न्यूजीलैंड की एक फर्म भी दो महीने आजमाकर इसे सफल बता चुकी है। वर्जिन एटलांटिक के संस्थापक रिचर्ड ब्रानसन ने इसे खुशी बढ़ाने वाला बताया है।