अमेरिका के मिनेसोटा राज्य के मिनियापोलिस शहर में एक दुखद घटना ने पूरे समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। US इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) के एक अधिकारी ने 37 वर्षीय रेनी निकोल गुड नामक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी और इस घटना के बाद से शहर में तनाव का माहौल है और स्थानीय लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है। यह घटना मिनियापोलिस के निवासियों के लिए एक गहरा सदमा है, खासकर जब मृतक महिला शहर की नागरिक थीं और तीन बच्चों की मां थीं।
स्थानीय लोगों का आक्रोश और प्रदर्शन
यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना मिनियापोलिस शहर में हुई, जहां US इमिग्रेशन (ICE) एजेंट ने 37 साल की रेनी निकोल गुड को गोली मार दी। रेनी निकोल गुड एक कवियित्री थीं, अमेरिका में जन्मी थीं और मिनियापोलिस की निवासी थीं और वह तीन बच्चों की मां थीं, और उनकी असामयिक मृत्यु ने उनके परिवार और समुदाय को गहरे दुख में डाल दिया है। फ़ेडरल अधिकारियों ने दावा किया कि महिला ने अपनी कार से इमिग्रेशन एजेंट को कुचलने की कोशिश की थी, लेकिन मिनियापोलिस के मेयर ने इस दावे का खंडन किया और ICE एजेंट को ही इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया। मेयर के इस बयान ने संघीय अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन के बीच एक स्पष्ट मतभेद को उजागर किया है, जिससे स्थिति और भी जटिल हो गई है। यह विरोधाभासी बयान घटना की सच्चाई पर सवाल खड़े करता है और लोगों के गुस्से को और भड़काता है।
रेनी निकोल गुड की हत्या के बाद मिनियापोलिस के स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। शहर के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन और मार्च हुए, जो रात भर जारी रहे और प्रदर्शनकारियों ने इस गोलीबारी की कड़ी निंदा की और ICE को शहर से बाहर जाने की मांग की। लोगों ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं, जिन पर 'ट्रंप को जाना होगा' और 'ICE राज्य से बाहर जाओ' जैसे नारे लिखे थे। इन नारों के माध्यम से प्रदर्शनकारी न केवल ICE की कार्रवाई का विरोध कर रहे थे, बल्कि वे राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियों और उनके प्रशासन के प्रति भी अपना गुस्सा व्यक्त कर रहे थे। सड़कों पर उमड़ी भीड़ ने राष्ट्रपति ट्रंप और ICE के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जो इस बात का संकेत है कि यह घटना केवल एक। स्थानीय मुद्दा नहीं, बल्कि व्यापक राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बन गई है, जिसमें संघीय एजेंसियों की जवाबदेही और उनके अधिकारों पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
सरकार और अधिकारियों के बयान
इस घटना के बाद विभिन्न सरकारी अधिकारियों और राजनेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आईं और uS होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने एक बयान जारी कर कहा कि महिला पूरे दिन अधिकारियों का 'पीछा कर रही थी और उन्हें रोक रही थी'। हालांकि, मिनियापोलिस सिटी काउंसिल ने क्रिस्टी नोएम के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया, जिससे संघीय और स्थानीय अधिकारियों के बीच तनाव और बढ़ गया। इस बीच, पूर्व वाइस-प्रेसिडेंट कमला हैरिस और हाउस माइनॉरिटी लीडर हकीम जेफ्रीज़ सहित कई शीर्ष डेमोक्रेट्स ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की। डेमोक्रेट्स द्वारा की गई निंदा इस बात का संकेत है कि यह मुद्दा राजनीतिक गलियारों में भी गरमा गया है और इसे मानवाधिकारों और संघीय एजेंसियों की शक्तियों के दुरुपयोग के रूप में देखा जा रहा है और इन बयानों ने घटना की गंभीरता को और बढ़ा दिया है और सार्वजनिक बहस को तेज कर दिया है।
गवर्नर द्वारा जांच के आदेश
मिनेसोटा राज्य के गवर्नर टिम वाल्ज़ ने भी घटना के संघीय बयानों का कड़ा विरोध किया। उन्होंने डिपार्टमेंट ऑफ़ होमलैंड सिक्योरिटी के एक पोस्ट के जवाब में सोशल मीडिया पर लिखा, 'इस प्रोपेगेंडा मशीन पर विश्वास मत करो। ' गवर्नर वाल्ज़ ने स्पष्ट किया कि राज्य यह सुनिश्चित करेगा कि जवाबदेही और न्याय सुनिश्चित करने के लिए पूरी निष्पक्ष और तेज़ी से जांच हो और गवर्नर का यह बयान संघीय अधिकारियों के दावों पर अविश्वास व्यक्त करता है और राज्य सरकार की ओर से निष्पक्षता और पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह जांच न केवल रेनी निकोल गुड की मौत के पीछे की सच्चाई को सामने लाएगी, बल्कि यह भी निर्धारित करेगी कि क्या ICE अधिकारी ने उचित प्रक्रिया का पालन किया और क्या बल का उपयोग न्यायसंगत था और गवर्नर के हस्तक्षेप से यह उम्मीद जगी है कि इस मामले में न्याय होगा और दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। यह जांच संघीय एजेंसियों के कार्यों पर राज्य के अधिकार। क्षेत्र और निगरानी के महत्व को भी रेखांकित करती है।