IND vs NZ ODI / बीसीसीआई ने न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा क

बीसीसीआई ने न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा की, जिसमें अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को एक बार फिर जगह नहीं मिली। घरेलू टूर्नामेंट में लगातार अच्छे प्रदर्शन के बावजूद, चयनकर्ताओं ने शमी को नजरअंदाज किया है, जिससे उनके प्रशंसकों में निराशा है।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने 3 जनवरी को न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया के स्क्वॉड का ऐलान किया। इस घोषणा के साथ ही एक बार फिर अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को टीम में जगह न मिलने पर सवाल खड़े हो गए हैं। शमी, जो पिछले कुछ समय से घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, को चयनकर्ताओं द्वारा लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गया है।

चयनकर्ताओं का चौंकाने वाला फैसला

बीसीसीआई की सीनियर मेंस सेलेक्शन कमिटी ने न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज के लिए टीम का चयन किया, जिसमें कई स्थापित खिलाड़ियों को मौका मिला, लेकिन मोहम्मद शमी का नाम नदारद रहा। यह फैसला कई क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों के लिए आश्चर्यजनक रहा, क्योंकि शमी ने हाल के दिनों में गेंद के साथ अपनी धार और विकेट लेने की क्षमता का लगातार प्रदर्शन किया है। चयनकर्ताओं ने शमी के चयन न होने के पीछे कोई स्पष्ट कारण भी नहीं बताया है, जिससे अटकलों का बाजार गर्म है।

घरेलू क्रिकेट में शमी का दमदार प्रदर्शन

मोहम्मद शमी ने घरेलू क्रिकेट में अपनी फॉर्म और फिटनेस का शानदार प्रदर्शन किया है। 2025-26 सीजन में, उन्होंने चार रणजी ट्रॉफी मैचों में कुल 20 विकेट लेकर अपनी गेंदबाजी का लोहा मनवाया। यह प्रदर्शन उनकी क्षमता और अनुभव का प्रमाण है, जो दर्शाता है कि वह अभी भी शीर्ष स्तर पर खेलने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। रणजी ट्रॉफी के बाद, उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और चल रही विजय हजारे ट्रॉफी में भी हिस्सा लिया, जहां उन्होंने अपनी बेहतरीन फॉर्म को जारी रखा।

विजय हजारे ट्रॉफी में भी जलवा बरकरार

सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में, भले ही बंगाल की टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा हो, लेकिन मोहम्मद शमी ने व्यक्तिगत रूप से शानदार गेंदबाजी की और उन्होंने सात मैचों में 14. 93 की औसत से 16 विकेट झटके, जो टूर्नामेंट में उनकी प्रभावशाली उपस्थिति को दर्शाता है। उनकी यह गेंदबाजी टीम के लिए एक उज्ज्वल बिंदु थी, और उन्होंने अपनी गति, स्विंग और सटीक लाइन-लेंथ से बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के बाद, शमी ने विजय हजारे ट्रॉफी (VHT) में भी अपनी बेहतरीन फॉर्म जारी रखी। इस टूर्नामेंट में उन्होंने पांच मैचों में नौ विकेट लिए, जिससे बंगाल को अब तक खेले गए चार में से तीन मैच जीतने में मदद मिली। उनकी यह लगातार विकेट लेने की क्षमता और टीम को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका, उनके चयन की उम्मीदों को और बढ़ा रही थी। इसके बावजूद, उन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं मिली।

बुमराह और हार्दिक को आराम, फिर भी शमी बाहर

न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज के लिए भारत के प्रमुख तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या को आराम दिया गया है और ऐसे में उम्मीद की जा रही थी कि इन दोनों प्रमुख खिलाड़ियों की अनुपस्थिति में मोहम्मद शमी को स्क्वॉड में शामिल किया जा सकता है, ताकि टीम की तेज गेंदबाजी को अनुभव और मजबूती मिल सके। हालांकि, चयनकर्ताओं ने इस अवसर पर भी शमी को मौका नहीं दिया, जिससे कई सवाल खड़े हो गए हैं।

चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भारत की जीत में अहम भूमिका

मोहम्मद शमी आखिरी बार भारत के लिए चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में खेलते हुए नजर आए थे, जहां भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की थी। उस टूर्नामेंट में शमी ने अपनी गेंदबाजी से सभी को प्रभावित किया था और नौ विकेट लेकर टीम के लिए संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे। उनका यह प्रदर्शन बड़े टूर्नामेंट में दबाव में प्रदर्शन करने की उनकी क्षमता को दर्शाता है। 35 वर्षीय इस खिलाड़ी का अनुभव और मौजूदा फॉर्म, दोनों ही उन्हें टीम में शामिल करने के लिए एक मजबूत दावेदार बनाते हैं।

न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भारतीय स्क्वॉड

न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए घोषित भारतीय टीम में शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, केएल राहुल (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर, वाशिंगटन सुंदर, रवींद्र जड़ेजा, मोहम्मद सिराज, हर्षित राणा, प्रसिद्ध कृष्णा, कुलदीप यादव, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), नितीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह और यशस्वी जायसवाल शामिल हैं। इस टीम में युवा प्रतिभाओं और अनुभवी खिलाड़ियों का मिश्रण है, लेकिन शमी की अनुपस्थिति निश्चित रूप से महसूस की जाएगी।