भारतीय क्रिकेट टीम के प्रबंधन ने जिम्बाब्वे के खिलाफ आगामी सुपर-8 मुकाबले के लिए प्लेइंग XI में बदलाव के स्पष्ट संकेत दिए हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हालिया हार के बाद टीम के रणनीतिक ढांचे पर सवाल उठे हैं, जिसके बाद सहायक कोच रेयान टेन डॉएश और बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने टीम संयोजन में फेरबदल की संभावना जताई है। टीम प्रबंधन वर्तमान में शीर्ष क्रम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की अधिकता और कुछ प्रमुख खिलाड़ियों के खराब फॉर्म की समीक्षा कर रहा है।
बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक का आधिकारिक बयान
न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, टीम इंडिया के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने स्पष्ट किया है कि यदि टीम की जरूरतों के लिए कुछ अलग करने की आवश्यकता हुई, तो प्रबंधन कड़े फैसले लेने से पीछे नहीं हटेगा। कोटक ने कहा कि अब वह समय आ गया है जब टीम को यह सोचना होगा कि क्या मौजूदा संयोजन के साथ आगे बढ़ना सही है या कुछ नया आजमाने की जरूरत है। उन्होंने संकेत दिया कि टीम प्रबंधन अब उन विकल्पों पर विचार कर रहा है जो जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में अधिक प्रभावी साबित हो सकें। कोटक के अनुसार, टीम अब एक ऐसे मोड़ पर है जहां हर खिलाड़ी के प्रदर्शन और टीम की समग्र रणनीति का सूक्ष्मता से मूल्यांकन किया जा रहा है।
अभिषेक शर्मा के खराब फॉर्म पर प्रबंधन का रुख
अभिषेक शर्मा के हालिया प्रदर्शन को लेकर बल्लेबाजी कोच ने विस्तार से चर्चा की और कोटक ने कहा कि एक कोच के रूप में उनका मानना है कि खराब दौर से गुजर रहे खिलाड़ी को अत्यधिक तकनीकी सलाह देने के बजाय उसके मानसिक संतुलन पर ध्यान देना अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दो दिनों के भीतर किसी खिलाड़ी की तकनीक में बड़ा बदलाव करना संभव नहीं है, और बहुत अधिक निर्देश देने से खिलाड़ी का आत्मविश्वास कम हो सकता है। प्रबंधन का मानना है कि अभिषेक को अपनी पारी को बेहतर बनाने के लिए गेंद की मेरिट के आधार पर खेलने की आवश्यकता है। हालांकि, अगले मैच में उनकी जगह सुरक्षित है या नहीं, इस पर अभी अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है।
संजू सैमसन की वापसी और टीम संतुलन पर चर्चा
सहायक कोच रेयान टेन डॉएश ने टीम में विशेषज्ञ बल्लेबाजों के बैकअप की कमी पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने स्वीकार किया कि टीम को शीर्ष क्रम में एक दाएं हाथ के बल्लेबाज की आवश्यकता महसूस हो रही है ताकि बल्लेबाजी क्रम में विविधता लाई जा सके। 5 साल से अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, या फिर संजू सैमसन जैसे अनुभवी खिलाड़ी को मौका दिया जाए। सैमसन की उपस्थिति से न केवल टीम को एक शानदार बल्लेबाज मिलेगा, बल्कि शीर्ष क्रम में दाएं हाथ के बल्लेबाज के आने से विपक्षी गेंदबाजों की लय बिगाड़ने में भी मदद मिलेगी।
शीर्ष क्रम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की अधिकता की समीक्षा
टीम इंडिया की मौजूदा रणनीति में शीर्ष क्रम में कई बाएं हाथ के बल्लेबाजों को शामिल किया गया है, जिसकी अब समीक्षा की जा रही है। अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा और रिंकू सिंह जैसे खिलाड़ी इस विश्व कप में अब तक उम्मीद के मुताबिक बड़ी पारियां खेलने में विफल रहे हैं। कोचों के अनुसार, लगातार बाएं हाथ के बल्लेबाजों के होने से विपक्षी टीमों को अपनी गेंदबाजी रणनीति सेट करने में आसानी हो रही है और इसी कारण से टीम मैनेजमेंट अब प्लेइंग XI में बदलाव करके संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है। अगले दो महत्वपूर्ण मैचों से पहले संजू सैमसन को शामिल करने और मध्य क्रम को मजबूती देने के बारे में अगले कुछ दिनों में विस्तृत चर्चा की जाएगी।
